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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- शिवपुरी के रन्नौद थाने में वाहन चेकिंग के दौरान विवाद बढ़ा।
- मनोज जाटव का चालान काटने के बाद पुलिस और भीड़ में मारपीट हुई।
- आरोप है कि भीड़ ने आरक्षक अवधेश शर्मा पर पत्थर मारा, जिससे वह घायल हुआ।
- भाजपा जिलाध्यक्ष ने पुलिस अधिकारियों से दोषी आरक्षकों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
- अतिरिक्त एसपी ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, धरना रात 2:30 बजे खत्म हुआ।
NEWS IN DETAIL
शिवपुरी के रन्नौद इलाके में शनिवार की शाम अमूमन शांत रहती है, लेकिन शनिवार को ऐसा नहीं था। पुलिस की एक टीम रूटीन चेकिंग कर रही थी। म्याना के रहने वाले मनोज जाटव अपनी कार से गुजर रहे थे। गाड़ी में उनकी गर्भवती पत्नी और परिवार के अन्य लोग भी थे। पुलिस ने सीट बेल्ट और कागजों की कमी देखी तो चालान काट दिया। इस पुलिस कार्रवाई ने विवाद का रूप ले लिया।
मनोज के साले निलेश जाटव अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि बहसबाजी इतनी बढ़ी कि भीड़ ने अपना आपा खो दिया। देखते ही देखते आरक्षक अवधेश शर्मा को घेर लिया गया। भीड़ में शामिल लोगों ने पत्थर मारकर आरक्षक का सिर फोड़ दिया। वर्दी फाड़ दी। पुलिसकर्मी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
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पुलिस आरक्षक पर हमला
भीड़ में शामिल लोगों ने आरक्षक अवधेश शर्मा को घेर लिया और उसकी बुरी तरह से पिटाई कर दी। आरोप है कि मारपीट के दौरान आरक्षक के सिर पर पत्थर मारा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरक्षक के साथ मारपीट होती दिख रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष का कड़ा रुख
घटना के बाद परिजनों ने थाने का घेराव कर दिया और पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया। रात करीब 11 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से जमकर विवाद किया। उन्होंने थाना प्रभारी और एसडीओपी से कहा कि पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी और सरकार को डिब्बे में डाल रखा है और यह मनमानी चालानी कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने थाना प्रभारी को तत्काल सस्पेंड करने और दोषी आरक्षकों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
पुलिस का बचाव
इस बीच, थाना प्रभारी ने कहा कि यदि उनकी एक प्रतिशत भी गलती पाई जाती है तो वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पूरे परिसर में कैमरे लगे हैं और वह जांच के लिए तैयार हैं।
गर्भवती महिला से मारपीट का आरोप
जाटव परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गर्भवती महिला के साथ भी मारपीट की, जिससे वह और उनका बच्चा चोटिल हो गए। हालांकि, एक अन्य वीडियो में महिला अपने बच्चे के साथ सामान्य रूप से घूमती हुई दिख रही है, जिससे इस आरोप पर सवाल उठे।
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निष्पक्ष जांच का वादा
मामले के तूल पकड़ने के बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। रात 2:30 बजे धरना खत्म हुआ और एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि घायलों की एमएलसी कराई गई है, और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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