सीधी में मूक-बधिरों के लिए बड़ी पहल, हर थाने में साइन लैंग्वेज से होगी सुनवाई, भारत का पहला जिला बना

Anjali Dwivedi | Feb 03, 2026, 15:22 IST
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सीधी जिले के सभी थानों में मूक-बधिरों के लिए साइन लैंग्वेज आधारित QR कोड सिस्टम शुरू हुआ है। बेंगलुरु की कंपनी के सहयोग से अब दिव्यांग वीडियो कॉल के जरिए पुलिस को अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

News In Short

  • सीधी बना देश का पहला जिला: जहां सभी थानों और चौकियों में साइन लैंग्वेज QR कोड सिस्टम लगाया गया है।
  • मूक-बधिरों के लिए सुविधा: अब मूक-बधिर लोग बिना किसी की मदद के पुलिस को अपनी शिकायत बता सकेंगे।
  • साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट्स की मदद: बेंगलुरु के कॉल सेंटर से जुड़े साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट्स वीडियो कॉल के जरिए पुलिस और पीड़ित के बीच सेतु का काम करेंगे।
  • MoU के तहत फ्री सेवा: सरकार और तकनीकी कंपनी के बीच हुए MoU के तहत यह पूरी सुविधा फ्री और प्रभावी ढंग से संचालित होगी।
  • प्रशिक्षण लिया गया: जिले के पुलिस अधीक्षक से लेकर थाना प्रभारियों तक को इस नई प्रणाली के बारे में प्रशिक्षित किया जा चुका है।

News In Detail

Sidhi. मध्य प्रदेश के सीधी जिले ने न्याय प्रणाली को और ज्यादा सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब जिले के मूक-बधिर नागरिकों को अपनी बात पुलिस तक पहुंचाने के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहना होगा।

सीधी देश का पहला जिला बन गया है, जहां हर थाने और पुलिस चौकी में साइन लैंग्वेज आधारित QR कोड सिस्टम लागू किया गया है।

पुलिस अधिकारियों को साइन लैंग्वेज सिस्टम की जानकारी देते विशेषज्ञ।
पुलिस अधिकारियों को साइन लैंग्वेज सिस्टम की जानकारी देते विशेषज्ञ।


मूक-बधिर ऐसे करेंगे शिकायत दर्ज

पहले मूक बधिरों को थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराने में बहुत परेशानी होती थी। उनकी सांकेतिक भाषा को समझना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होती थी। इसी समस्या को हल करने के लिए बेंगलुरु की एक एक्सपर्ट कंपनी ने खास तकनीक तैयार की है।

यह कंपनी देशभर में साइन लैंग्वेज के ट्रांसलेशन और संचार में काम कर रही है। अब इस तकनीक की मदद से मूक-बधिर लोग बिना किसी की मदद के अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।

स्कैन करते ही शुरू होगा वीडियो कॉल

इस सिस्टम की कार्यप्रणाली बहुत ही सरल और असरदार है। जैसे ही कोई दिव्यांग व्यक्ति थाने में लगे QR कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करेगा, वह सीधे बेंगलुरु के कॉल सेंटर से वीडियो कॉल के जरिए जुड़ जाएगा।

कॉल सेंटर में बैठे प्रशिक्षित वालंटियर्स उनकी साइन लैंग्वेज को लाइव देखेंगे। उसे तुरंत सामान्य भाषा में बोलकर थाना प्रभारी को समझा देंगे।

सीधी जिले के थानों में लगाए गए साइन लैंग्वेज आधारित QR कोड।
सीधी जिले के थानों में लगाए गए साइन लैंग्वेज आधारित QR कोड।


सरकार और कंपनी के बीच समझौता

इस आधुनिक तकनीक को जमीन पर उतारने के लिए सरकार और संबंधित कंपनी के बीच एक समझौता पत्र पर साइन किए गए हैं। इस अनुबंध के तहत कंपनी न केवल तकनीकी सॉफ्टवेयर सपोर्ट दे रही है, बल्कि कॉल सेंटर के माध्यम से साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट्स की सेवा भी चौबीसों घंटे उपलब्ध कराएगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल पुलिस अधिकारी और मूक-बधिर संस्था के प्रतिनिधि।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल पुलिस अधिकारी और मूक-बधिर संस्था के प्रतिनिधि।


पुलिस अधिकारियों को स्पेशल ट्रेनिंग

इस नई व्यवस्था को सही तरीके से चलाने के लिए पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी समेत जिले के सभी SDOP और थाना प्रभारी भी शामिल हुए। एक्सपर्ट्स ने बताया कि इससे पहले ऐसी योजनाएं कागजों तक ही सीमित थीं, लेकिन यह पहली बार है जब किसी जिले के सभी थानों में इसे जमीनी स्तर पर एक साथ लागू किया गया है।

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