मोहन यादव के नेतृत्व में भव्यतम सिंहस्थ की तैयारियों में जुटा MP...
The Sootr | Dec 13, 2024, 15:01 IST
kaushal kishore
जब प्रदेश के मुखिया के पद पर महाकाल का बेटा विराजमान हो, तब भव्यतम सिंहस्थ की उम्मीद तो की ही जा सकती है। उज्जैन के निवासी डॉ. मोहन यादव ने उस मिथक को सिरे से नकार दिया था, जिसके अनुसार महाकाल की नगरी में कोई मुख्यमंत्री रात्रि में नहीं रुकता।
वरिष्ठ पत्रकार कौशल किशोर चतुर्वेदी
मिथक को सिरे से नकारा
जब प्रदेश के मुखिया के पद पर महाकाल का बेटा विराजमान हो, तब भव्यतम सिंहस्थ की उम्मीद तो की ही जा सकती है। उज्जैन के निवासी डॉ. मोहन यादव ने उस मिथक को सिरे से नकार दिया था, जिसके अनुसार महाकाल की नगरी में कोई मुख्यमंत्री रात्रि में नहीं रुकता। मोहन ने कहा था कि वह महाकाल के बेटे हैं और उज्जैन में मुख्यमंत्री जैसे भाव से नहीं बल्कि महाकाल के बेटे के रूप में रात्रि निवास करेंगे, और वह ऐसा ही कर रहे हैं। उज्जैन का होने के नाते उनका यह हक तो महाकाल पर बनता ही है। और जिस दिन यानि 13 दिसंबर 2023 से वह मुख्यमंत्री बने हैं, तब से ही भव्यतम सिंहस्थ के आयोजन की रूपरेखा बनाने में वह जुटे हैं। और भव्यतम सिंहस्थ की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। इनके क्रियान्वयन को भी सिंहस्थ के पहले की समय सीमा में बांध दिया गया है। पहला सिंहस्थ जो शायद प्रयागराज के कुंभ को भी पीछे छोड़ दे। पहली बार यह तैयारी कि श्रद्धालु क्षिप्रा के पवित्र,अविरल बहते जल में डुबकी लगा सकें। स्थाई व भव्य घाटों का निर्माण और मानो पूरा उज्जैन ही नया आकार लेने को आतुर है। आपदामुक्त सिंहस्थ, रोप वे से श्रद्धालु रेल्वे स्टेशन से महाकाल पहुंच सकें, प्रदेश की पहली मेडिसिटी और निर्माण कार्यों की लंबी फेहरिस्त है। मोहन के एक साल की सर्वाधिक महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में सिंहस्थ सबसे आगे है।
सिंहस्थ-2028 की कार्ययोजना को नड्डा ने सराहा
सिंहस्थ 2028 में क्षिप्रा नदी में क्षिप्रा के जल से ही स्नान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौवंश को सुरक्षित करने की कार्ययोजना के संबंध में बताया कि सभी प्रमुख शहरों में 10 हजार गौवंश को रखने के लिए गौशालाएं बनाई जा रही हैं। कम से कम खर्चे और कम से कम मानव शक्ति का प्रयोग कर इन गौशालाओं का संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार सिंहस्थ में क्षिप्रा नदी के दोनों ओर बेसाल्ट पत्थर से स्थायी घाटों का निर्माण होगा, जिससे आने वाले समय में क्षिप्रा नदी के स्वरुप को स्थायित्व मिलेगा और आगामी सिंहस्थों में अतिरिक्त घाटों के निर्माण की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ-2028 तक शिप्रा नदी को प्रवाहमान एवं अविरल करने के लिए कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना, सेवरखेडी-सिलारखेडी मध्यम परियोजना तथा कान्ह एवं क्षिप्रा नदी पर बैराज का निर्माण, बेसाल्ट से घाटों का निर्माण एवं संबद्ध कार्य किए जा रहे हैं।
कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का मुख्य उद्देश्य कान्ह नदी के दूषित जल को उज्जैन शहर में क्षिप्रा नदी में मिलने से रोकना है, जिससे कि मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी का जल पवित्र बना रहे। इस परियोजना में ग्राम जमालपुर तहसील उज्जैन में कान्ह नदी पर एक बैराज का निर्माण किया जाना है, जिससे कान्ह नदी के दूषित जल को क्लोज डक्ट के माध्यम से व्यपवर्तित किया जाना है। परियोजना की कुल लम्बाई 30.15 कि.मी. है जिसमे 18.15 कि.मी. लम्बाई में कट एवं कवर द्वारा क्लोज डक्ट का निर्माण होना है तथा 12 किमी लम्बाई में टनल का निर्माण किया जाना है, इसकी कुल लागत राशि रुपए 920 करोड़ है तथा पूर्णता अवधि 36 माह है।
सेवरखेडी सिलारखेडी मध्यम परियोजना क्षिप्रा नदी को निरंतर प्रवाहमान बनाए रखने के लिए है। परियोजना अंतर्गत ग्राम सेवरखेडी तहसील उज्जैन में क्षिप्रा नदी पर बैराज निर्माण किया जाना है जिससे वर्षा काल के जल का उद्वहन कर ग्राम सिलारखेड़ी तहसील उज्जैन में स्थित सिलारखेडी तालाब में एकत्रित किया जाना प्रस्तावित है। वर्षा काल उपरांत सिलारखेडी तालाब में संग्रहीत जल को ग्राम कुंवारिया के समीप क्षिप्रा नदी में पुनः प्रवाहित किया जाएगा। इस परियोजना की लागत राशि रुपए 614.53 करोड़ है तथा यह परियोजना 30 माह में पूर्ण किया जाना लक्षित है। इसके अतिरिक्त कान्ह नदी पर 5 एवं क्षिप्रा नदी पर 1 बैराज बनाया जाएगा, जिसकी कुल लागत 37 करोड़ रुपए है।
सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के स्नान करने हेतु क्षिप्रा नदी पर कुल 29 कि.मी. लम्बाई में शनि मंदिर से नागदा बायपास तक घाटों का निर्माण किया जाएगा। उक्त योजना की कुल लागत राशि रुपए 778.91 करोड़ है, तथा प्रस्तावित पूर्णता अवधि 36 माह है। घाटों पर भारी मात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बसाल्ट स्टोन लेयिंग की जाएगी।
रेलवे स्टेशन से महाकालेश्वर मंदिर तक रोप-वे
मेडिसिटी, विक्रम उद्योगपुरी और आई.टी. पार्क
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सिंहस्थ व्यवस्था संबंधी बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंहस्थ के लिये स्वीकृत कार्यों की निविदाएं नियत समय में जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन विभागों ने निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिये है, उनकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें नियत समय में पूरा किया जायें। उज्जैन में आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर अभी से श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गई है। अत: वर्तमान स्थिति और सिंहस्थ समय में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान लगाकर उनकी व्यवस्था और सुरक्षा के संबंध में प्लान तैयार किया जाये। सिंहस्थ में बेहतर व्यवस्था के लिये अधिकारियों की टीम प्रयागराज में कुंभ की व्यवस्थाओं का अध्ययन करें।
सिंहस्थ 2028 पर पूरा फोकस
उज्जैन में निर्मित होने वाली प्रदेश की पहली मेडिसिटी एवं मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ में 592.3 करोड़ रूपये की लागत से बनेगा। इसमें 6 हाईराइज टॉवर होंगे। टीचिंग हॉस्पिटल का भवन 9 मंजिला होगा, जिसमें बेसमेंट भी शामिल है। मेडिकल कॉलेज का भवन 8 मंजिला होगा इसमें भी बेसमेंट बनाया जाएगा। नर्सेस होस्टल, आरडीएच ब्लॉक व यूजी इंटर्न गर्ल्स होस्टल के भवन 14 मंजिला होंगे। वहीं यूजी इंटर्न बॉइस होस्टल का भवन 11 मंजिला होगा। मेडिसिटी चिकित्सा महाविद्यालय सम्पूर्ण रूप से दक्ष होगा इसमें रिसर्च एंड डवलपमेंट की सभी सुविधाएँ होंगी। इस महाविद्यालय में 550 बेड की क्षमता का अस्पताल होगा तथा इसमें 150 मेडिकल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्रदान की जाएगी। महाविद्यालय में 380 क्षमता का नर्सिंग होस्टल, यूजी इन्टर्न गर्ल्स व बोइस होस्टल, सर्विस ब्लॉक, लाईब्रेरी, पार्किंग, जिमनेशियम, फुटओवर ब्रीज की सुविधाओं से सम्पन्न होगा। मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के भवन में उर्जा दक्षता, फायर सेफ्टी, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर पॉवर, इलेक्ट्रिसिटी बेकअप, सिवरेज ट्रीटमेंट प्लाँट आदि आधुनिक तकनीकिओं का उपयोग होगा।
जवानों को किया जा रहा तैयार
तो यह सब वर्णन यह बता रहा है कि मोहन के मन में भव्यतम सिंहस्थ की जितनी कल्पना थी, वह सब सिंहस्थ-2028 के लिए मूर्त रूप ले रही हैं। और यह कल्पनाएं उसी पल से आकार लेना शुरू हो गई होंगी, जब मोहन को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा हुई थी। जब मोहन ने उसके ठीक बाद महाकाल की चौखट पर माथा टेका होगा और जब उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली होगी। मोहन के पहले एक साल में सिंहस्थ की तैयारियों की रूपरेखा अंतिम रूप ले चुकी है। 2028 का सिंहस्थ महाकाल के बेटे मोहन के मन की इन सभी कल्पनाओं में रंग भरता नजर आएगा...
( लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari