सिंगरौली कोयला परिवहन मामले में अदानी सहित अन्य कंपनियों के प्रोजेक्ट हेड पर FIR
Amresh Kushwaha | Jun 11, 2026, 11:18 IST
सिंगरौली कोयला परिवहन
सिंगरौली जिला प्रशासन ने प्रतिबंधित अवधि में कोयला परिवहन करने वाली अदानी समते कई कंपनियों के प्रोजेक्ट हेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। जानें क्या है पूरा मामला
सिंगरौली में कलेक्टर के आदेश को ताक पर रखकर कोयला ढोने वाले वाहन चलाना अदानी समेत कई बड़ी कंपनियों को भारी पड़ गया। इन कंपनियों के प्रोजेक्ट हेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
बता दें कि सिंगरौली को मध्यप्रदेश का ऊर्जा जिला कहते हैं। यहां देश के कई बड़े बिजलीघर हैं। इन्हें कोयले की भारी मात्रा में जरूरत होती है। इसी वजह से यहां की सड़कों पर हर दिन सैकड़ों कोयला ट्रक दौड़ते रहते हैं।
कलेक्टर गौरव बैनल का कहना है कि इतने ज्यादा वाहन गुजरने की वजह से यहां अक्सर हादसे होते हैं। जिले में त्योहार होने के चलते एक दिन के लिए इनपर रोक लगा दी गई थी। लेकिन इन कंपनियों ने उस पाबंदी की परवाह नहीं की और अपने ट्रक चलाते रहे। बस इसी बात पर इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
सिंगरौली कलेक्टर ने 22 मई 2026 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में 23 मई 2026 की सुबह 6 बजे से 24 मई 2026 की दोपहर 12 बजे तक सड़क मार्ग से फ्लाई ऐश और कोयला परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया था। इसके बावजूद प्रतिबंधित अवधि में कोयला परिवहन होता रहा।
23 मई को प्रभारी तहसीलदार धर्म प्रकाश मिश्रा और पटवारी हल्का कोनी पारसनाथ गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। जांच में पाया गया कि प्रतिबंधित अवधि के दौरान कुल 13 वाहनों ने कलेक्टर के आदेश का सीधा उल्लंघन किया था। इनकी रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी गई थी।
कलेक्टर ने 9 जून 2026 को आदेश दिया था। इसमें उन सभी कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया था, जिसने प्रतिबंधित अवधि के दौरान कोयला परिवहन किया।
इस मामले में मुख्य रूप से तीन बड़े नामों के प्रोजेक्ट प्रमुखों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
पहली है APMDC यानी आंध्रप्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन। यह आंध्रप्रदेश सरकार की खनिज कंपनी है। दूसरी है THDC यानी टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन। इसके अलावा परिवहन का काम अदाणी लॉजिस्टिक, एम.डी.ओ. अदाणी इंटरप्राइजेज और एसीसी लिमिटेड करती है। इसके अलावा मेसर्स आन्ध्रप्रदेश मिन. डव्ह. कापोरेशन लिमिटेड और ट्रांसपोर्ट श्रृष्टि लॉजिस्टिक लिमिटेड का नाम शामिल है।
ये सभी सिंगरौली क्षेत्र में कोयला खनन और परिवहन से जुड़े बड़े उद्यम हैं। एफआईआर में इन्हें अज्ञात श्रेणी में दर्ज किया गया है जिसका मतलब है कि संबंधित प्रोजेक्ट प्रमुखों की पहचान जांच में की जाएगी।
ये खबरें भी पढ़िए...
सिंगरौली कोयला परिवहन मामले में छह कंपनियों पर FIR के निर्देश
सिंगरौली अस्पताल में सुरक्षा गार्ड ने लगाए मरीजों को इंजेक्शन, डॉक्टर-नर्स गायब!
MP में SAS और SPS के अधिकारी बनेंगे IAS-IPS, DPC 66 नामों पर करेगी विचार
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: कांग्रेस देर रात पहुंची सुप्रीम कोर्ट
बता दें कि सिंगरौली को मध्यप्रदेश का ऊर्जा जिला कहते हैं। यहां देश के कई बड़े बिजलीघर हैं। इन्हें कोयले की भारी मात्रा में जरूरत होती है। इसी वजह से यहां की सड़कों पर हर दिन सैकड़ों कोयला ट्रक दौड़ते रहते हैं।
कलेक्टर गौरव बैनल का कहना है कि इतने ज्यादा वाहन गुजरने की वजह से यहां अक्सर हादसे होते हैं। जिले में त्योहार होने के चलते एक दिन के लिए इनपर रोक लगा दी गई थी। लेकिन इन कंपनियों ने उस पाबंदी की परवाह नहीं की और अपने ट्रक चलाते रहे। बस इसी बात पर इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
कलेक्टर ने यह दिए थे आदेश-
13 वाहन पकड़े गए, नियमों की उड़ी धज्जियां
कलेक्टर के आदेश पर दर्ज हुई FIR
दर्ज हुई एफआईआर की कॉपी-
किन कंपनियों पर दर्ज हुई FIR?
पहली है APMDC यानी आंध्रप्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन। यह आंध्रप्रदेश सरकार की खनिज कंपनी है। दूसरी है THDC यानी टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन। इसके अलावा परिवहन का काम अदाणी लॉजिस्टिक, एम.डी.ओ. अदाणी इंटरप्राइजेज और एसीसी लिमिटेड करती है। इसके अलावा मेसर्स आन्ध्रप्रदेश मिन. डव्ह. कापोरेशन लिमिटेड और ट्रांसपोर्ट श्रृष्टि लॉजिस्टिक लिमिटेड का नाम शामिल है।
ये सभी सिंगरौली क्षेत्र में कोयला खनन और परिवहन से जुड़े बड़े उद्यम हैं। एफआईआर में इन्हें अज्ञात श्रेणी में दर्ज किया गया है जिसका मतलब है कि संबंधित प्रोजेक्ट प्रमुखों की पहचान जांच में की जाएगी।
ये खबरें भी पढ़िए...
सिंगरौली कोयला परिवहन मामले में छह कंपनियों पर FIR के निर्देश
सिंगरौली अस्पताल में सुरक्षा गार्ड ने लगाए मरीजों को इंजेक्शन, डॉक्टर-नर्स गायब!
MP में SAS और SPS के अधिकारी बनेंगे IAS-IPS, DPC 66 नामों पर करेगी विचार
मीनाक्षी नटराजन नामांकन विवाद: कांग्रेस देर रात पहुंची सुप्रीम कोर्ट
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari