सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल और कमिश्नर सविता प्रधान के बीच बहस का वीडियो वायरल
Aman Vaishnav | Feb 22, 2026, 12:28 IST
singrauli municipal corporation mayor vs commissioner vivad
सिंगरौली नगर निगम की बैठक में भारी हंगामा हो गया। महापौर रानी अग्रवाल और कमिश्नर सविता प्रधान के बीच तीखी बहस हुई थी। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
मध्यप्रदेश के सिंगरौली नगर निगम में बैठक के दौरान हलचल मच गई। परिषद की बैठक के दौरान सिंगरौली महापौर रानी अग्रवाल और कमिश्नर सविता प्रधान के बीच जमकर बहस हो गई। फाइलें दबाकर रखने और बाहरी हस्तक्षेप के आरोपों ने बैठक का माहौल गर्म कर दिया था। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इसकी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सिंगरौली नगर निगम में पिछले कुछ महीनों से एक विवाद चल रहा है। ये विवाद शुक्रवार को एक बड़ी बहस में बदल गया। परिषद बैठक में महापौर रानी अग्रवाल और निगम कमिश्नर सविता प्रधान के बीच एजेंडा बिंदुओं पर तीखी बहस हो गई। महापौर रानी अग्रवाल आम आदमी पार्टी (AAP) से हैं। बहस में कमिश्नर ने महापौर की कार्यक्षमता पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा दिए थे।
कमिश्नर सविता प्रधान ने सदन को संबोधित करते हुए महापौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिषद बैठक में निगम अध्यक्ष देवेश पांडे भी मौजूद थे। सविता प्रधान ने कहा कि महापौर फाइलों पर सही तरीके से निर्णय नहीं ले पा रही हैं।
इससे नगर निगम के अहम विकास कार्य रुक गए हैं। कमिश्नर ने ये भी कहा कि फाइलें अब निगम दफ्तर से बाहर महापौर के घर तक जा रही हैं। इससे प्रशासन की गोपनीयता और काम करने की गति दोनों पर असर पड़ रहा है।
कमिश्नर सविता प्रधान ने महिला सशक्तिकरण का मुद्दा भी उठाया। कहा कि हमारे संविधान ने महिलाओं को 50% आरक्षण दिया है ताकि वे खुद अपने फैसले ले सकें। जब मैं पार्षद पति या महापौर पति जैसे शब्द सुनती हूं तो मुझे दुख होता है। कमिश्नर ने यह भी कहा कि कई महिला पार्षद अब पहली बार सदन में दिखाई दे रही हैं। उनके अधिकारों का इस्तेमाल कोई और कर रहा है।
कमिश्नर ने महिला पार्षदों से कहा कि अपने अधिकारों का इस्तेमाल खुद करना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि ये देखकर हैरानी हो रही है कि 25 महिला पार्षदों में से कई तो सदन की बैठकों में नहीं आतीं है। आज पहली बार कुछ महिला पार्षदों को देखा है।
कमिश्नर के लगाए गए आरोपों पर महापौर रानी अग्रवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपनी सीट से खड़े होकर कहा कि वे बिना पूरी जानकारी के, किसी भी फाइल पर साइन नहीं करेंगी। महापौर ने कहा डी-1 बंगला मेरा घर नहीं बल्कि मेरा ऑफिस है। मुझे फाइलों को ध्यान से पढ़ने और समझने का पूरा अधिकार है।
इसके अलावा कमिश्नर ने एक और बात की है। कहा कि मुझे किसी फाइल में भ्रष्टाचार की बू आती है तो उसे रोकना मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के मुताबिक उन्हें फाइल को तीन दिन तक अपने पास रखने का अधिकार है।
इस गहमागहमीके बीच सदन में काफी शोर-शराबा हुआ था। नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को शांत किया। उन्होंने बताया कि नियमों के हिसाब से महापौर को फाइलें रखने का अधिकार है। साथ ही ये भी कहा कि फाइलें महीनों तक अटकी रहने से शहर का विकास रुक जाता है।
निगम कमिश्नर सविता प्रधान ने कहा कि पार्षद पति या महापौर पति जैसे शब्द सुनकर दुख होता है। उनका मकसद किसी को नीचा दिखाना नहीं है। वो बस महिला जनप्रतिनिधियों को आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं। सविता प्रधान ने ये भी कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों का इस्तेमाल खुद करना चाहिए। साथ ही निर्णय लेने की ताकत भी विकसित करनी चाहिए।
ये खबरें भी पढ़िए...
इंदौर नगर निगम को भूमाफिया ने दी चुनौती, अवैध कॉलोनी के लगे बोर्ड पोत दिए
नौकरी बदलने पर अब वेतन-भत्तों की वसूली नहीं, बजट बहस के जवाब में की अहम घोषणा
एमपी न्यूज: सिवनी में धान खरीदी को लेकर बड़ा विवाद, समय से पहले बंद हो गया पोर्टल, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
कांग्रेस-भाजपा में पत्थर राजनीति, दोनों तरफ से गुंडागर्दी के आरोप
परिषद बैठक में बवाल
सिंगरौली नगर निगम की बैठक में भारी हंगामा। महापौर रानी अग्रवाल और कमिश्नर सविता प्रधान के बीच तीखी बहस हुई थी। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।|#singraulipolice #MPNews pic.twitter.com/F0hiHtnXXF
— TheSootr (@TheSootr) February 22, 2026
कमिश्नर बोलीं- महापौर निर्णय लेने में सक्षम नहीं
इससे नगर निगम के अहम विकास कार्य रुक गए हैं। कमिश्नर ने ये भी कहा कि फाइलें अब निगम दफ्तर से बाहर महापौर के घर तक जा रही हैं। इससे प्रशासन की गोपनीयता और काम करने की गति दोनों पर असर पड़ रहा है।
महिला सशक्तिकरण पर क्या बोली कमिश्नर?
कमिश्नर ने महिला पार्षदों से कहा कि अपने अधिकारों का इस्तेमाल खुद करना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि ये देखकर हैरानी हो रही है कि 25 महिला पार्षदों में से कई तो सदन की बैठकों में नहीं आतीं है। आज पहली बार कुछ महिला पार्षदों को देखा है।
भ्रष्टाचार की बू रोकना जिम्मेदारी
इसके अलावा कमिश्नर ने एक और बात की है। कहा कि मुझे किसी फाइल में भ्रष्टाचार की बू आती है तो उसे रोकना मेरी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के मुताबिक उन्हें फाइल को तीन दिन तक अपने पास रखने का अधिकार है।
फाइल ले जाने पर सवाल क्यों ?
महापौर ने कहा कि मुझे किसी फाइल में गड़बड़ी या भ्रष्टाचार का शक हुआ तो उसे जरूर रोकूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी भी अपनी फाइलें अपने साथ ले जा सकते हैं तो मेरे फाइल ले जाने पर सवाल क्यों ?
नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे क्या बोले?
कमिश्नर- अधिकारों का इस्तेमाल खुद करें
ये खबरें भी पढ़िए...
इंदौर नगर निगम को भूमाफिया ने दी चुनौती, अवैध कॉलोनी के लगे बोर्ड पोत दिए
नौकरी बदलने पर अब वेतन-भत्तों की वसूली नहीं, बजट बहस के जवाब में की अहम घोषणा
एमपी न्यूज: सिवनी में धान खरीदी को लेकर बड़ा विवाद, समय से पहले बंद हो गया पोर्टल, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
कांग्रेस-भाजपा में पत्थर राजनीति, दोनों तरफ से गुंडागर्दी के आरोप
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari