सोम डिस्टिलरीज को फिर मिल सकता है लाइसेंस, आबकारी आयुक्त लेंगे फैसला

Amresh Kushwaha | Jun 09, 2026, 12:16 IST
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सोम डिस्टिलरीज
सोम डिस्टिलरीज

मध्यप्रदेश में फरवरी से बंद सोम डिस्टिलरीज को फिर से लाइसेंस मिल सकता है। चार सदस्यीय कमेटी ने जांच रिपोर्ट आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना को सौंप दी है। अब सुनवाई के बाद आयुक्त तय करेंगे कि कंपनी को नया लाइसेंस दिया जाए या नहीं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश में सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस 4 फरवरी 2026 को निलंबित किया गया था।
  • नकली परमिट और अवैध शराब परिवहन के मामले में यह कार्रवाई हुई थी।
  • चार सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट आबकारी आयुक्त को सौंप दी है।
  • अब सुनवाई के बाद आयुक्त दीपक सक्सेना तय करेंगे कि नया लाइसेंस मिलेगा या नहीं।
  • कंपनी पर 122 करोड़ का स्टॉक अटका और सरकार को 79 करोड़ का नुकसान बताया गया है।

4 महीने बाद खुल सकता है रास्ता

मध्यप्रदेश में पिछले चार महीनों से बंद पड़ी सोम डिस्टिलरीज (Som Distilleries) की फैक्ट्री को दोबारा चालू होने की उम्मीद जगी है। आबकारी विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश पर जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इस कमेटी की रिपोर्ट अब आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना को सौंप दी गई है। अब रिपोर्ट की जांच और सुनवाई के बाद आयुक्त यह तय करेंगे कि कंपनी को नया लाइसेंस दिया जाए या नहीं।

आयुक्त दीपक सक्सेना ने खुद कहा है कि रिपोर्ट मिल गई है, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही, सुनवाई के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।

फरवरी में क्यों हुआ था लाइसेंस निलंबित

यह पूरा मामला नकली परमिट और अवैध शराब परिवहन से जुड़ा है। द सूत्र के जरिए यह मामला उठाए जाने के बाद आबकारी विभाग हरकत में आया था। अपर सत्र न्यायालय देपालपुर में दोषसिद्धि के बाद 4 फरवरी 2026 को सोम डिस्टिलरीज समूह के सभी प्रमुख लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए थे।

उस वक्त यह कार्रवाई अचानक और सख्त थी। कंपनी की फैक्ट्री बंद हो गई और कारोबार ठप पड़ गया।

हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

लाइसेंस निलंबन के बाद कंपनी हाईकोर्ट (High Court) पहुंची थी। जज प्रवीप मिश्रा की एकल पीठ ने लाइसेंस रिन्यूअल आवेदन पर बिना पूर्वाग्रह के कानून के अनुसार विचार करने को कहा था। इसके बाद डिविजन बेंच ने निलंबन आदेश को निरस्त नहीं किया, लेकिन सिंगल बेंच की कार्रवाई को वैध माना था।

15 अप्रैल 2026 को न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की अध्यक्षता में सुनवाई हुई थी। इसी के बाद जांच कमेटी बनाई गई और अब उस कमेटी की रिपोर्ट आ चुकी है।

कंपनी पर लगे थे गंभीर आरोप

सोम पर आरोप था कि कंपनी के पदाधिकारियों ने जालसाजी और आपराधिक साजिश की है। इसके तहत आईपीसी की धाराएं 420, 467 और 120बी के तहत मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों के बाद कंपनी के आठ लाइसेंस निलंबित किए गए थे। कंपनी के 31 मार्च 2026 तक लाइसेंस समाप्त भी हो चुके थे।

कितना बड़ा है आर्थिक नुकसान

कंपनी के अनुसार उनका 122 करोड़ रुपए का स्टॉक अटका हुआ है। वहीं एमपी सरकार का दावा है कि इस पूरे मामले में राज्य को 79 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। दोनों पक्षों के आंकड़े बताते हैं कि यह मामला आर्थिक रूप से भी बेहद बड़ा है।

अब क्या होगा आगे

आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना के पास अब जांच रिपोर्ट है। सुनवाई के बाद वे तय करेंगे कि सोम डिस्टिलरीज को नया लाइसेंस दिया जाए या नहीं। यदि लाइसेंस मिलता है तो चार महीने से बंद फैक्ट्री फिर चालू हो सकती है। वहीं, यदि नहीं मिलता तो कंपनी के सामने कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

FAQ

  1. सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस क्यों और कब निलंबित हुआ था?
    नकली परमिट और अवैध शराब परिवहन के मामले में अपर सत्र न्यायालय देपालपुर में दोषसिद्धि के बाद 4 फरवरी 2026 को आबकारी विभाग ने सोम डिस्टिलरीज समूह के सभी प्रमुख लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए थे।
  2. सोम डिस्टिलरीज मामले में सरकार को कितना नुकसान हुआ?
    सरकार के अनुसार इस पूरे मामले में राज्य को करीब 79 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं कंपनी का कहना है कि उसका 122 करोड़ रुपए का स्टॉक अटका हुआ है।
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