राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम की जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
Amresh Kushwaha | Jul 21, 2026, 09:30 IST
सोनम रघुवंशी
इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती दी है। सरकार का कहना है कि गिरफ्तारी दस्तावेज में सिर्फ टाइपिंग की गलती हुई थी।
समझें क्या है पूरा मामला...
- राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।
- मेघालय सरकार ने इस जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
- आज जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच सुनवाई करेगी।
- सरकार का दावा है कि गिरफ्तारी कागजों में सिर्फ टाइपिंग की गलती हुई थी।
- कोर्ट तय करेगा कि जमानत का आदेश बरकरार रहेगा या रद्द होगा।
क्या है पूरा विवाद
आज होने वाली सुनवाई में कोर्ट यह देखेगा कि गिरफ्तारी के आधार सही तरीके से बताए गए थे या नहीं। इसी आधार पर तय होगा कि हाईकोर्ट का जमानत आदेश सही था या गलत। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार से गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा था।
सरकार का पक्ष- सिर्फ टाइपो की गलती
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पहले भी यही दलील दी थी। उन्होंने कहा था कि मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तारी के आधार आरोपी को समझाए थे। ट्रांजिट रिमांड के दौरान भी इसका रिकॉर्ड मौजूद था। मेहता ने बताया था कि पहले मेरिट के आधार पर जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी। बाद में इसी तकनीकी गलती को आधार बनाकर राहत दी गई। उन्होंने कहा था कि ऐसी छोटी गलती से आरोपी को कोई वास्तविक नुकसान नहीं हुआ था।
पहले भी कोर्ट ने उठाए थे सवाल
इसके बावजूद कोर्ट ने अंतरिम रोक नहीं लगाई थी। इसकी वजह यह थी कि सोनम पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी थी। वह कुछ समय जेल में भी रह चुकी थी। साथ ही उसने मेघालय सरकार की याचिका पर जवाब देने के लिए समय मांगा था।
सुनवाई के दौरान जस्टिस सुंदरेश ने सोनम के वकील से सीधा सवाल पूछा था। उन्होंने पूछा था कि गिरफ्तारी के आधार पहले ही बताए जा चुके थे तो शुरुआती जमानत याचिकाओं में यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया। जवाब में सोनम के वकील ने कहा था कि गिरफ्तारी के कारण कभी स्पष्ट रूप से नहीं बताए गए थे। इस पर कोर्ट ने पूछा था कि तब यह आपत्ति पहले क्यों नहीं उठाई गई। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार कानून के तहत आगे कार्रवाई कर सकती थी।
किन शर्तों पर मिली थी जमानत
सोनम ने दिया था सफाई भरा बयान
यह बयान उस समय आया था जब राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था। विपिन का कहना था कि जमानत मिलने के बाद सोनम नेपाल चली गई थी। उन्होंने मामले की सीबीआई (Central Bureau of Investigation) जांच कराने की मांग भी उठाई थी।
कैसे रची गई थी हत्या की साजिश
23 मई को पुलिस को लावारिस एक्टिवा मिलने की सूचना मिली थी। 24 मई को परिवार से दोनों का संपर्क टूट गया था। 27 मई को सर्चिंग के दौरान दंपती के दो बैग बरामद हुए थे। आखिरकार 02 जून को राजा का शव एक गहरी खाई में मिला था। अगले दिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी।
05 जून को होटल का सीसीटीवी (Closed Circuit Television) फुटेज सामने आया था। 09 जून को सोनम गाजीपुर में मिली थी, जहां पुलिस ने उसे हत्या की साजिश में शामिल बताया था। 10 जून को सोनम समेत पांच आरोपियों को मेघालय ले जाया गया था। अगले दिन सभी को कोर्ट में पेश किया गया और पुलिस रिमांड मिली थी।
सितंबर 2025 में मेघालय पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। 30 अक्टूबर 2025 को शिलॉन्ग कोर्ट ने सोनम समेत सभी आरोपियों पर हत्या और साजिश के आरोप तय किए थे। इसके बाद 27 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने सोनम को जमानत दी। दो दिन बाद 29 अप्रैल को वह जेल से रिहा हुई थी।
पुलिस जांच में किसकी क्या भूमिका
पुलिस का कहना है कि सोनम रघुवंशी राजा को सेल्फी खिंचवाने के बहाने सेल्फी पॉइंट पर ले गई थी। पुलिस के अनुसार उसने विशाल को वार करने का इशारा किया था। वहीं राज कुशवाहा को पुलिस ने हत्या का मास्टरमाइंड बताया है। पुलिस का दावा है कि उसने ही पूरी हत्या की योजना बनाई थी।
यह खबर क्यों जरूरी है
हर नागरिक को अदालती कार्यवाही की सही जानकारी पाने का अधिकार है। यह रिपोर्ट किसी की दोषसिद्धि का दावा नहीं करती, यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। सभी आरोपी कानून की नजर में तब तक निर्दोष हैं जब तक कोर्ट दोष सिद्ध नहीं करता। यह खबर सिर्फ उपलब्ध तथ्यों और अदालती बयानों पर आधारित है, इसमें कोई निजी राय शामिल नहीं की गई है।
ये खबरें भी पढ़िए...
पुलिस के हाथ लगा राजा रघुवंशी का फोन, जांच में आए चौंकाने वाले राज
केतन मर्डर केस में नया खुलासा, सिया ने राजा रघुवंशी केस जानकर बनाई थी प्लानिंग
सोनम की जमानत के खिलाफ राजा रघुवंशी का परिवार जाएगा सुप्रीम कोर्ट
केतन मर्डर केस पर भड़कीं राजा रघुवंशी की मां, कहा- सोनम की दूसरी परछाई सिया गोयल!
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari