स्टेट GST में इंस्पेक्टर और कराधान सहायक को ACTO के प्रभार देने से पहले विभाग में विवाद
Sanjay Gupta | Aug 20, 2024, 11:29 IST
स्टेट GST
विभाग में अभी करीब 400 इंस्पेक्टर और 400 ही करीब कराधान सहायक है। इसमें से 200 से ज्यादा को एसीटीओ का उच्च पद प्रभार मिलना है। इसके लिए विभाग में लंबे समय से लड़ाई चल रही है।
स्टेट जीएसटी में इंस्पेक्टर और कराधान सहायक के पद में से किसे एसीटीओ (सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी) का प्रभार दिया जाए (क्योंकि पदोन्नित अभी बंद है, उच्च प्रभार दिए जा रहे हैं)।? इसे लेकर विवाद बढ़ गया है। हालत यह है कि मामला हाईकोर्ट पहुंच चुका है और एक- दो नहीं सात याचिकाएं दोनों पक्षों की ओर से दाखिल हो चुकी है।
विभाग खुद असमंजस में हैं कि वह करें तो क्या करें? इसके चलते फिलहाल फाइल को होल्ड किया हुआ है और चर्चाओं का दौर जारी है।
इंस्पेक्टर वर्ग द्वारा विभाग ने साल 2007 में जीएस बघेल की कमेटी विभागीय पुनर्गठन के लिए बनाई थी का भी हवाला दिया जा रहा है। साथ ही याचिकाओं में और विभाग के सामने सवाल उठाए हैं कि दोनों पदों को यदि मर्ज कर दिया तो फिर इन दोनों पदों की अलग-अलग भर्ती अभी भी क्यों हो रही है? एक ही विभाग में समान कार्य करने के लिए दो विभिन्न पदों की क्या आवश्यकता है।
ये खबर भी पढ़िए...बुदनी समेत इन 5 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, बढ़ेंगी 750 सीटें
विभाग में अभी करीब 400 इंस्पेक्टर और 400 ही करीब कराधान सहायक है। इसमें से 200 से ज्यादा को एसीटीओ का उच्च पद प्रभार मिलना है। इसके लिए विभाग में लंबे समय से लड़ाई चल रही है। जहां अन्य विभागों में अधीनस्थों को उच्च प्रभार दे दिए गए हैं।
वहीं स्टेट जीएसटी विभाग में चल रही दो पदों की लड़ाई के चलते अभी तक विभाग कोई फैसला नहीं ले पाया है। विभागीय अधिकारियों ने द सूत्र को बताया विधिक तरीके से मामले को अभी समझ रहे हैं, इसके बाद ही इसमें आगे फैसला होगा।
![sanjay gupta]()
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
विभाग खुद असमंजस में हैं कि वह करें तो क्या करें? इसके चलते फिलहाल फाइल को होल्ड किया हुआ है और चर्चाओं का दौर जारी है।
यह है विवाद की मूल जड़
- दरअसल इंस्पेक्टर पद पर भर्ती पीएससी द्वारा होने वाला राज्य सेवा परीक्षा के जरिए होती है, जिसमें प्री, मेन्स और इंटरव्यू शामिल है।
- पीएससी मप्र के 38 शासकीय पदों पर राज्य सेवा परीक्षा के जरिए भर्ती करती है। वहीं कराधान सहायक की भर्ती समय-समय पर जरूरत होने पर विभाग के कहने पर पीएससी करता है, जिसमें मेन्स और इंटरव्यू ही होते हैं। यानी इस पद पर नियमित भर्ती प्रक्रिया नहीं होती है।
- इसके चलते इंस्पेक्टर वर्ग का कहना है कि कराधान सहायक पद अस्थाई है, ऐसे में उन्हें आगे पदभार के लिए रिक्त पदों में 50 फीसदी नहीं दे सकते हैं। यह सभी पदभार के रिक्त पद इंस्पेक्टर वर्ग को मिलना चाहिए।
- वहीं कराधान सहायक वर्ग का कहना है कि हम भी पीएससी से आए हैं और साल 2008 में सिविल रूल के मुताबिक विभगीय अधिसूचना के अनुसार हम भी पदभार ग्रहण के लिए पात्र है।
बघेल समिति का भी दिया गया हवाला
ये खबर भी पढ़िए...बुदनी समेत इन 5 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, बढ़ेंगी 750 सीटें
करीब 200 पदों पर मिलना है उच्च प्रभार
वहीं स्टेट जीएसटी विभाग में चल रही दो पदों की लड़ाई के चलते अभी तक विभाग कोई फैसला नहीं ले पाया है। विभागीय अधिकारियों ने द सूत्र को बताया विधिक तरीके से मामले को अभी समझ रहे हैं, इसके बाद ही इसमें आगे फैसला होगा।
sanjay gupta
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman