सुप्रीम कोर्ट ने महिला जजों की बर्खास्तगी को किया रद्द, कह दी ये बड़ी बात
Raj Singh | Mar 01, 2025, 07:56 IST
superme_court
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश की दो महिला जजों की बर्खास्तगी रद्द कर दी। कोर्ट ने कहा कि महिलाओं के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन करते समय विशेष चुनौतियों को समझना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 2023 में बर्खास्त की गई दो महिला न्यायिक अफसरों के मामले में फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना (Justice BV Nagarathna) और जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह (Justice N Kotiswar Singh) की बेंच ने शुक्रवार ( 28 फरवरी ) को इन अधिकारियों की बर्खास्तगी को अवैध और मनमाना करार दिया। अदालत ने आदेश दिया कि दोनों अफसरों को 15 दिनों के भीतर बहाल किया जाए। ये भी खबर पढ़ें... सुप्रीम कोर्ट में किस बात पर भड़क गए जज अभय एस ओका, बोले- 'सारी फाइलें फेंक दूंगा'
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के कार्यस्थल पर प्रदर्शन का आकलन करते समय संवेदनशीलता बेहद जरूरी है। इसमें एक अधिकारी की स्थिति का विशेष उल्लेख किया गया, जिन्होंने अपनी प्रोबेशन अवधि के दौरान गर्भपात (Miscarriage) का सामना किया और गंभीर मानसिक-शारीरिक तनाव में रही। इस महिला अधिकारी के भाई को ब्लड कैंसर (Blood Cancer) हो गया था और वह खुद भी कोविड-19 (COVID-19) से संक्रमित हो गई थीं। इन गंभीर परिस्थितियों के बावजूद उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) को डाउनग्रेड कर दिया गया। कोर्ट ने इसे नकारात्मक दृष्टिकोण से देखा। ये भी खबर पढ़ें... दागी नेताओं के चुनाव लड़ने पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कही ये बात... जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि महिलाओं की शारीरिक स्थिति को समझना और सम्मान देना आवश्यक है। उन्होंने उदाहरण दिया कि महिलाएं मासिक धर्म (Menstrual Cycle) के दौरान भी दर्द निवारक दवाइयों का सेवन करके कार्य करती हैं। इसे कार्यस्थल पर समझने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश मध्य प्रदेश में महिला अधिकारियों के अधिकारों की रक्षा करने वाला है। यह आदेश कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देता है और दर्शाता है कि महिलाओं के सामने आने वाली शारीरिक और मानसिक चुनौतियों को समझने की जरूरत है।
कोर्ट ने बर्खास्तगी को बताया दंडात्मक और अवैध
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का यह फैसला पूरी तरह से दंडात्मक, मनमानी और अवैध था। न्यायालय ने यह भी कहा कि महिला अफसरों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते समय उनके सामने आने वाली विशिष्ट चुनौतियों को समझने की जरूरत है।
'जेनडर के आधार पर समझने की जरूरत'
कार्यस्थल पर संवेदनशीलता का महत्व
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari