सुसनेर नगर परिषद में ई-रिक्शा खरीदी में घोटाला, EOW ने तत्कालीन सीएमओ पर दर्ज की FIR

सुसनेर नगर परिषद में 2023 में ई-रिक्शा खरीद को लेकर हुए भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कुल 24 लाख रुपए के अनुबंध में 16 लाख रुपए से अधिक के भुगतान की जांच की जा रही है।

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Sandeep Kumar
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News in short

  • सुसनेर नगर परिषद में ई-रिक्शा और हाथ कचरा गाड़ियों की खरीदी में अनियमितताएं।
  • 16 लाख से अधिक अतिरिक्त भुगतान किया गया, जिससे नगर परिषद को आर्थिक नुकसान हुआ।
  • 44 हाथ कचरा गाड़ियों की खरीद में निविदा प्रक्रिया का उल्लंघन किया गया।
  • नगर परिषद के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया।
  • दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना है।

News in detail

आगर मालवा के सुसनेर नगर परिषद में 2023 में ई-रिक्शा और हाथ कचरा गाड़ियों की खरीदी में अनियमितताएं पाई गईं। उज्जैन इकाई की जांच में बाजार मूल्य से अधिक दर पर खरीदी की गई, जिससे निकाय को आर्थिक क्षति हुई। 2023 में सुसनेर नगर परिषद ने जेईएम पोर्टल के माध्यम से 5 ई-रिक्शा की खरीदी के लिए 24 लाख 06 हजार रुपए का अनुबंध किया। 

यह अनुबंध मुख्य नगर पालिका अधिकारी जगदीश भैरवे और अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया के नेतृत्व में किया गया था। अनुबंध के तहत प्रति ई-रिक्शा की कीमत 4 लाख 81 हजार 200 रुपए निर्धारित की गई, जबकि विभागीय जांच में पाया गया कि उसी ब्रांड के एक ई-रिक्शा की कीमत 1 लाख 57 हजार 142 रुपए थी। ई-रिक्शा खरीदी में गड़बड़ी की शिकायत EOW भोपाल में की गई थी

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16 लाख की अतिरिक्त भुगतान 

ई-रिक्शा के प्राप्त होने पर नगर परिषद ने इस अनुबंध की कुल राशि में से 16 लाख 57 हजार 342 रुपए का भुगतान किया। जांच में पाया गया कि सुसनेर नगर परिषद ने 16 लाख 20 हजार 285 रुपए अतिरिक्त भुगतान किए थे। इसका कारण वही गाड़ियों की कीमत का अंतर था, जिससे यह साबित होता है कि नगर परिषद ने अनियमितताएं की थीं।

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ई-रिक्शा के अलावा अन्य अनियमितताएं 

इसके अलावा, 44 हाथ कचरा गाड़ियों के क्रय में भी नियमों का उल्लंघन किया गया था। इन गाड़ियों की खरीद में निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण 3 लाख 57 हजार 138 रुपए का अनियमित भुगतान हुआ।

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भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितता 

इस सबका परिणाम यह है कि नगर परिषद के अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए वित्तीय अनियमितताएं की हैं। इस पर EOW ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में अब अपराध के तहत धारा 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)(ए) और 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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सरकारी अनियमितताएं और दोषी अधिकारी 

इसके बाद, अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाने की संभावना है। इस मामले में मुख्य रूप से ई-रिक्शा और हाथ कचरा गाड़ियों की खरीद को लेकर गड़बड़ी की गई है, और अधिकारियों ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।

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