रणजीत हनुमान मंदिर पर नोटबंदी के बाद लगी करोड़ों की टैक्स पेनल्टी रद्द

Rahul Garhwal | Feb 08, 2024, 20:43 IST
Share
ranjeet hanuman dham
ranjeet hanuman dham

इंदौर के बाबा रणजीत हनुमान मंदिर पर नोटबंदी के बाद इनकम टैक्स विभाग ने 3 करोड़ 50 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई थी जिसे रद्द कर दिया गया है। मंदिर प्रबंधन ने अपील की थी कि ये राशि सरकार की है। इस पर इनकम टैक्स छूट लागू होती है।

संजय गुप्ता, INDORE. नोटबंदी के साल में बाबा रणजीत हनुमान मंदिर में आई नकदी के बैंक खाते में जमा कराने के बाद इनकम टैक्स इंदौर द्वारा जारी की गई ढाई करोड़ की टैक्स डिमांड, पेनल्टी को कमिश्नर आईटी अपील ने निरस्त कर दिया है। 8 साल पहले प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर द्वारा बैंक में जमा कराए गए ढाई करोड़ रुपए के मामले में इनकम टैक्स विभाग द्वारा 3.50 करोड़ रुपए की पेनल्टी निकाली गई थी। मंदिर प्रबंधन द्वारा इस मामले में अपील की गई थी जिसमें माना गया कि ये ढाई करोड़ की राशि सरकार की है। इस पर इनकम टैक्स छूट लागू होती है।

ये है मामला


इस केस को मंदिर की ओर से आयकर विभाग में रखने वाले सीए अभय शर्मा ने बताया कि मामला नोटबंदी के दौरान का है। 2016 में मंदिर प्रबंधन द्वारा चढ़ावे में ढाई करोड़ रुपए बैंक में जमा कराए गए थे। इसे लेकर इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) ने नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही इसमें ये राशि कहां से आई इसका सोर्स बताने के लिए कहा गया था। मंदिर प्रबंधन द्वारा बताया गया था कि ये राशि चढ़ावे की है। इस पर विभाग ने तर्क दिया था कि मंदिर का रजिस्ट्रेशन नहीं है और न ही ये चेरिटेबल ट्रस्ट है। ये आयकर विभाग की धारा 12-ए और 80-जी में भी रजिस्टर्ड नहीं है। इसके साथ ही 3.50 करोड़ रुपए की डिमांड निकाल दी।

इसलिए 3.50 करोड़ रुपए की हो गई राशि


इनकम टैक्स विभाग के नियमों के तहत डिमांड नोटिस से सुनवाई तक पीरियड का असेसमेंट किया गया। इसमें डेढ़ साल में ये ढाई करोड़ रुपए की राशि ब्याज सहित 3.50 करोड़ की आंकी गई। एक्सपर्ट के मुताबिक इनकम टैक्स द्वारा टैक्स के रूप में निकाली गई राशि को लेकर नियम है कि इसे तत्काल जमा कराना जरूरी है अन्यथा 3 साल में राशि ब्याज सहित दोगुनी हो जाती है। इस तरह इस केस में डेढ़ साल में राशि 3.50 करोड़ की हो गई।

राज्य सेवा परीक्षा मेंस की डेट पर नहीं निकला फैसला, कल फिर होगी बैठक

कमिश्नर अपील में ये बताए गए तर्क


तत्कालीन कलेक्टर लोकेश जाटव ने मंदिर प्रबंधन की ओर से सीए अभय शर्मा को केस की जिम्मेदारी सौंपी। अंतिम सुनवाई में सीए अभय शर्मा के साथ वरिष्ठ सीए शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने भी ऑर्ग्यू किया। सीए शर्मा के मुताबिक तब इस मामले में पहले मंदिर प्रबंधन की ओर से अपील में स्टे लिया। 4 साल तक चली सुनवाई चली। फाइनल सुनवाई के दौरान मंदिर प्रबंधन की ओर से केंद्र सरकार के एक नोटिफिकेशन का हवाला दिया गया। इसमें बताया गया कि इस नियम में इंदौर के कई अन-रजिस्टर्ड मंदिर, मठ, गुरुद्वारे इसके तहत टैक्स से छूट के पात्र हैं। ये भी बताया कि ये मंदिर राशि सरकार की राशि है। मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष कलेक्टर होता है और सारे वित्तीय काम लीगल प्रावधान के तहत होते हैं। सुनवाई के बाद आयकर विभाग द्वारा निकाली गई 3.50 करोड़ रुपए की डिमांड खारिज कर दी गई।

Tags:
  • Income Tax Department
  • Ranjit Hanuman Temple
  • Ranjit Hanuman Temple Tax Penalty
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई