1 अप्रैल से लागू नहीं होगी new property guideline , पुराने रेट पर ही होंगी रजिस्ट्रियां
Marut raj | Mar 31, 2024, 22:13 IST
1 अप्रैल से लागू नहीं होगी new property guideline पुराने रेट पर ही होंगी रजिस्ट्रियां The new property guideline will not be applicable from April 1 registrations will be done at the old rate only द सूत्र the sootr
मध्य प्रदेश में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए नई गाइड लाइन 1 अप्रैल से लागू नहीं होगी। इसे लागू करने चुनाव आयोग की अनुमति मांगी जाएगी। चुनाव आयोग से अनुमति आने तक आप पुरानी गाइड लाइन का फायदा उठाते हुए पुराने रेट के हिसाब से रजिस्ट्री करा सकते हैं।
चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद ही लागू होगी नई गाइड लाइन
भोपाल. आपने मकान, प्लॉट या अन्य प्रॉपर्टी खरीदी है और आप 31 मार्च तक उसकी रजिस्ट्री नहीं करा पाए हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल ( April 1 ) से नई गाइड लाइन ( mp new property guideline ) लागू नहीं होगी। यानी अब 1 अप्रैल या उसके बाद भी पुरानी गाइड लाइन के हिसाब से रजिस्ट्री करा सकते हैं।
मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए नई गाइड लाइन ( New guidelines for property registry ) लागू होनी थी। इसके लिए केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने जिलों को नोटिफाइ कर दिया था। जिला मुख्यालयों पर इसके लिए तेजी से काम किया गया। युद्ध स्तर पर काम करने की वजह यह थी कि लोकसभा चुनाव के लिए आचार सहिंता लागू होने वाली थी। जिला मुख्यालयों पर काम पूरा होने के बाद नई गाइड लाइन को 1 अप्रैल से लागू किया जाना था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। इसकी वजह चुनाव आयोग से अनुमति लेना है। सरकार में बैठे सीनियर अफसरों ने द सूत्र को बताया कि चूंकि, लोकसभा चुनाव के लिए आचार सहिंता लग चुकी है, ऐसे में बिना चुनाव आयोग की मंजूरी के कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं लिया जा सकता है। ऐसे में नई गाइड लाइन लागू किए जाने का प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
पुरानी गाइड लाइन से प्रदेश में कब तक रजिस्ट्री कराई जा सकेगी, अब यह सबसे बड़ा सवाल आपके मन में उठ रहा होगा। सरकार में बैठे आला असफसरों का कहना है कि नई गाइड लाइन को लागू करने के लिए चुनाव आयोग के पास 1 अप्रैल को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। चुनाव आयोग की तरफ से जब तक नई गाइड लाइन को लागू करने के लिए अनुमति नहीं दी जाती, प्रदेश में पुरानी दरों के हिसाब से ही रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। हालांकि, अफसरों का मानना है कि चुनाव आयोग अनुमति दे देगा और जिस दिन चुनाव आयोग की अनुमति आएगी, उसी दिन से नई गाइड लाइन लागू हो जाएगी।सीनियर अफसरों का कहना है कि यदि चुनाव आयोग से अनुमति नहीं मिलती है तो नई गाइड लाइन 5 जून से या उसके बाद ही लागू की जाएगी। मतगणना पूरी होने के साथ ही आचार सहिंता प्रभावी नहीं रहेगी।
2014 :साल 2014 में भी ऐसे ही हालात बने थे। सरकार ने चुनाव आयोग की अनुमति न लेते हुए सीधे गाइड लाइन जारी कर दी थी। इसके बाद चुनाव आयोग से परमिशन मांगी गई थी। सरकार के प्रस्ताव को चुनाव आयोग ने भी अनुमति दे दी थी।
2018 : साल 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनी थी। सीएम कमलनाथ ने आगामी चुनाव को देखते हुए नई गाइड लाइन के प्रस्ताव को होल्ड कर लिया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ही नई गाइड लाइन लागू की गई थी।
पुरानी गाइड लाइन के हिसाब से 31 मार्च तक ही रजिस्ट्रियां हो सकती थीं। पुरानी गाइड लाइन का फायदा उठाने के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस में लोगों की भीड़ लगी रही। काम का लोड अधिक होने की वजह से अधिकांश समय सर्वर डाउन रहा। लोगों को देरशाम तक परेशान होते हुए देखा जा सकता था।
भोपाल. आपने मकान, प्लॉट या अन्य प्रॉपर्टी खरीदी है और आप 31 मार्च तक उसकी रजिस्ट्री नहीं करा पाए हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल ( April 1 ) से नई गाइड लाइन ( mp new property guideline ) लागू नहीं होगी। यानी अब 1 अप्रैल या उसके बाद भी पुरानी गाइड लाइन के हिसाब से रजिस्ट्री करा सकते हैं।
इसलिए लागू नहीं होगी नई गाइड लाइन
मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए नई गाइड लाइन ( New guidelines for property registry ) लागू होनी थी। इसके लिए केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने जिलों को नोटिफाइ कर दिया था। जिला मुख्यालयों पर इसके लिए तेजी से काम किया गया। युद्ध स्तर पर काम करने की वजह यह थी कि लोकसभा चुनाव के लिए आचार सहिंता लागू होने वाली थी। जिला मुख्यालयों पर काम पूरा होने के बाद नई गाइड लाइन को 1 अप्रैल से लागू किया जाना था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। इसकी वजह चुनाव आयोग से अनुमति लेना है। सरकार में बैठे सीनियर अफसरों ने द सूत्र को बताया कि चूंकि, लोकसभा चुनाव के लिए आचार सहिंता लग चुकी है, ऐसे में बिना चुनाव आयोग की मंजूरी के कोई भी नीतिगत निर्णय नहीं लिया जा सकता है। ऐसे में नई गाइड लाइन लागू किए जाने का प्रस्ताव चुनाव आयोग को भेजा जाएगा।
कब तक पुरानी गाइड लाइन से होंगी रजिस्ट्रियां
पुरानी गाइड लाइन से प्रदेश में कब तक रजिस्ट्री कराई जा सकेगी, अब यह सबसे बड़ा सवाल आपके मन में उठ रहा होगा। सरकार में बैठे आला असफसरों का कहना है कि नई गाइड लाइन को लागू करने के लिए चुनाव आयोग के पास 1 अप्रैल को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। चुनाव आयोग की तरफ से जब तक नई गाइड लाइन को लागू करने के लिए अनुमति नहीं दी जाती, प्रदेश में पुरानी दरों के हिसाब से ही रजिस्ट्री कराई जा सकेगी। हालांकि, अफसरों का मानना है कि चुनाव आयोग अनुमति दे देगा और जिस दिन चुनाव आयोग की अनुमति आएगी, उसी दिन से नई गाइड लाइन लागू हो जाएगी।सीनियर अफसरों का कहना है कि यदि चुनाव आयोग से अनुमति नहीं मिलती है तो नई गाइड लाइन 5 जून से या उसके बाद ही लागू की जाएगी। मतगणना पूरी होने के साथ ही आचार सहिंता प्रभावी नहीं रहेगी।
पहले कब-कब ऐसे हालात बने
2014 :साल 2014 में भी ऐसे ही हालात बने थे। सरकार ने चुनाव आयोग की अनुमति न लेते हुए सीधे गाइड लाइन जारी कर दी थी। इसके बाद चुनाव आयोग से परमिशन मांगी गई थी। सरकार के प्रस्ताव को चुनाव आयोग ने भी अनुमति दे दी थी।
2018 : साल 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनी थी। सीएम कमलनाथ ने आगामी चुनाव को देखते हुए नई गाइड लाइन के प्रस्ताव को होल्ड कर लिया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद ही नई गाइड लाइन लागू की गई थी।
आखिरी दिन रहा सर्वर डाउन, परेशान हुए लोग
पुरानी गाइड लाइन के हिसाब से 31 मार्च तक ही रजिस्ट्रियां हो सकती थीं। पुरानी गाइड लाइन का फायदा उठाने के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस में लोगों की भीड़ लगी रही। काम का लोड अधिक होने की वजह से अधिकांश समय सर्वर डाउन रहा। लोगों को देरशाम तक परेशान होते हुए देखा जा सकता था।
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