महू पटाखा फैक्टरी में आग ऐसे लगीः मजदूर ने वजन तोलने वाला बाट फैंका, दूसरे बाट से टकराया, चिंगारी से लगी आग
Jitendra Shrivastava | Apr 16, 2024, 22:31 IST
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मध्यप्रदेश के महू की इस फैक्टरी यहां सुतली बम बनाए जाते थे। इसका लाइसेंस 31 मार्च तक ही था, लेकिन बताया जा रहा है कि उसने रिन्यू का आवेदन कर रखा था। हरदा घटना के बाद हुई जांच के दौरान इसकी जांच में सभी मानक सही पाए गए थे...
संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर केमहू में आंबाचंदन गांव में पटाखा फैक्टरी में आग ( fire in firecracker factory) में तीन मजूदर बुरी तरह घायल हो गए हैं। इसमें एक 70 फीसदी तो बाकी दो लोग 90 फीसदी झुलसे हैं। वहीं जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब एक मजदूर ने पटाखे तौलने के लिए दूसरे मजदूर से बाट मांगा, उसने वह उछालकर दिया, जो दूसरे बाट से टकराया और इससे निकली चिंगारी से बारूद में आग लग गई।
मामले में कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। चार बिंदुओं पर यह जांच हो रही है, जिसमें घटना के लिए कौन दोषी है सहित अन्य तथ्यों पर 15 दिन में जांच होगी। उधर मप्र शासन की ओर से भी जांच कराई जा रही है। इसके लिए पीएस होम संजय दुबे द्वारा टीम भेजी जा रही है जो यह देखेगी कि कोई प्रतिबंधित बारूद का तो इस्तेमाल नहीं हो रहा था।
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फैक्टरी शाकिर खान व्यक्ति की है, यहां सुतली बम बनाए जाते थे। लाइसेंस 31 मार्च तक ही था, लेकिन बताया जा रहा है कि उसने रिन्यू का आवेदन कर रखा था। हरदा घटना के बाद हुई जांच के दौरान इसकी भी फैक्टरी की जांच हुई थी और सभी मानक सही पाए गए थे। अभी भी प्रारंभिक जांच सभी मानक सही पाए गए। इस जांच के अनुसार यह एक दुर्घटना थी। घटना के बाद फैक्टरी मालिक मजदूरों को चोइथराम अस्पताल लेकर गए। हादसा दोपहर करीब 3.30 बजे हुआ। इसके बाद एसडीएम महू सीएस हुड्डा व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसमें रोहित पिता परमानंद निवासी ग्राम दातोदा, अर्जुन पिता नाथू राठौर निवासी महाराष्ट्र और उमेश पिता माणिक चौहान घायल हुए हैं।
वहीं यह भी सामने आया कि फैक्टरी संचालक ने सभी नियमों का पालन तो किया लेकिन उसे जो पटाखा बनने के बाद हटाने थे वह नहीं हटे। 15 किलो का लाइसेंस था, जबकि 20 गुना ज्यादा यानी 300 किलो पटाखे वहां रखे हुए थे। घटना के बाद इन्हें जब्त किया गया है।
एएसपी रुपेश द्विवेदी का कहना है कि आंबा चंदन गांव महू से लगभग 8 Km दूर है। गांव से करीब 5 Km दूर जंगल की तरफ 4 बीघे के खेत में पटाखा फैक्ट्री है। यहां सुतली बम बनाने का काम चल रहा था। प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि फैक्ट्री लाइसेंसी थी।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, पीएस होम भी भेज रहे टीम
मामले में कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। चार बिंदुओं पर यह जांच हो रही है, जिसमें घटना के लिए कौन दोषी है सहित अन्य तथ्यों पर 15 दिन में जांच होगी। उधर मप्र शासन की ओर से भी जांच कराई जा रही है। इसके लिए पीएस होम संजय दुबे द्वारा टीम भेजी जा रही है जो यह देखेगी कि कोई प्रतिबंधित बारूद का तो इस्तेमाल नहीं हो रहा था।
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घटना में यह 3 हुए घायल
फैक्टरी शाकिर खान व्यक्ति की है, यहां सुतली बम बनाए जाते थे। लाइसेंस 31 मार्च तक ही था, लेकिन बताया जा रहा है कि उसने रिन्यू का आवेदन कर रखा था। हरदा घटना के बाद हुई जांच के दौरान इसकी भी फैक्टरी की जांच हुई थी और सभी मानक सही पाए गए थे। अभी भी प्रारंभिक जांच सभी मानक सही पाए गए। इस जांच के अनुसार यह एक दुर्घटना थी। घटना के बाद फैक्टरी मालिक मजदूरों को चोइथराम अस्पताल लेकर गए। हादसा दोपहर करीब 3.30 बजे हुआ। इसके बाद एसडीएम महू सीएस हुड्डा व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसमें रोहित पिता परमानंद निवासी ग्राम दातोदा, अर्जुन पिता नाथू राठौर निवासी महाराष्ट्र और उमेश पिता माणिक चौहान घायल हुए हैं।
फैक्टरी संचालक की यह गलती
वहीं यह भी सामने आया कि फैक्टरी संचालक ने सभी नियमों का पालन तो किया लेकिन उसे जो पटाखा बनने के बाद हटाने थे वह नहीं हटे। 15 किलो का लाइसेंस था, जबकि 20 गुना ज्यादा यानी 300 किलो पटाखे वहां रखे हुए थे। घटना के बाद इन्हें जब्त किया गया है।
गांव से 5 किमी दूर है फैक्टरी
एएसपी रुपेश द्विवेदी का कहना है कि आंबा चंदन गांव महू से लगभग 8 Km दूर है। गांव से करीब 5 Km दूर जंगल की तरफ 4 बीघे के खेत में पटाखा फैक्ट्री है। यहां सुतली बम बनाने का काम चल रहा था। प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि फैक्ट्री लाइसेंसी थी।
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