MP में सिंधिया समर्थकों के कटे टिकट, BJP ने इस बार नहीं बनाया उम्मीदवार, इन्हीं की वजह से गिरी थी कांग्रेस सरकार
Pratibha Rana | Nov 01, 2023, 24:00 IST
MP में सिंधिया समर्थकों के कटे टिकट, BJP ने इस बार नहीं बनाया उम्मीदवार, इन्हीं की वजह से गिरी थी कांग्रेस सरकार
मध्यप्रदेश में कमलनाथ और सिंधिया के बीच की खींचतान इस हद तक बढ़ गई थी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।
BHOPAL. मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने 230 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने इस बार कई सिंधिया समर्थक विधायकों के भी टिकट काट दिए हैं। 2020 में इन्हीं के कारण मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरी थी। इन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में इस्तीफा दिया था।
2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला हुआ था। उस वक्त बीजेपी वोट शेयर के मामले में आगे रही थी। जबकि कांग्रेस सीटों के लिहाज से। 2018 में प्रदेश में 75.2 फीसदी वोटिंग हुई थी। बीजेपी को 41.6 फीसदी वोट मिले थे और पार्टी ने 230 में से 109 सीटें जीती थीं। बता करें कांग्रेस की तो, पार्टी को 41.5 फीसदी वोट मिले थे। कांग्रेस की सीटों का आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी 116 सीटों से दो कम 114 पर जाकर रुक गया। वोट शेयर के लिहाज से बीजेपी पॉइंट 1 फीसदी आगे रही तो सीटों के लिहाज से कांग्रेस 5 ज्यादा जीतने में सफल रही।
विधायकों के बगावती तेवर से गिरी थी
प्रदेश में कमलनाथ सरकार आने के कुछ समय बाद कमलनाथ और सिंधिया के बीच की खींचतान इस हद तक बढ़ी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद सिंधिया के समर्थन में 22 विधायकों ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। प्रदेश में कमलनाथ सरकार की नींव हिला देने वाले सिंधिया अब कांग्रेस के लिए गद्दार बन गए हैं। इसके बाद उनके समर्थन में 18 खास विधायकों ने भी अपनी विधानसभा सदस्यता और कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ जो नेता बीजेपी में शामिल हुए थे उनमें से मुन्नालाल गोयल, ओपीएस भदौरिया, रक्षा संतराम सिरौनिया, जसवंत जाटव और रणवीर जाटव को टिकट नहीं दिया है। जबकि सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हुए 13 नेताओं को फिर से पार्टी ने टिकट दिया है।
2018 के चुनाव नतीजे
विधायकों के बगावती तेवर से गिरी थी कमलनाथ सरकार
इन्होंने छोड़ा था कांग्रेस का हाथ
- गोविंद सिंह राजपूत
- प्रद्युम्न सिंह तोमर
- इमरती देवी
- तुलसी सिलावट
- प्रभुराम चौधरी
- महेंद्र सिंह सिसौदिया
- जसपाल सिंह जज्जी
- राजवर्धन सिंह दत्तीगांव
- ओपीएस भदौरिया
- मुन्ना लाल गोयल
- रघुराज सिंह कंसाना
- कमलेश जाटव
- बृजेंद्र सिंह यादव
- सुरेश धाकड़
- गिर्राज दंडौतिया
- रक्षा संतराम सिरौनिया
- रणवीर जाटव
- जसवंत जाटव
सिंधिया के इन समर्थकों के कटे टिकट
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