यूडीए ने किया घटिया काम, दोषियों को बचाने के लिए महाकाल मंदिर प्रशासन ने गायब कर दी सीबीआरआई जांच रिपोर्ट

Abhilasha Saksena Chakraborty | May 15, 2025, 15:58 IST
Share
Mahakal temple
Mahakal temple

सीबीआरआई जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि महाकाल मंदिर में यूडीए ने 73 करोड़ रुपए एडवांस लेकर खराब निर्माण कार्य किया। जिम्मेदार से बचने के लिए मंदिर प्रशासन ने रिपोर्ट ही ग़ायब कर दी।

MP News:महाकाल मंदिर प्रशासन द्वारा जारी निर्माण कार्य में यूडीए (UDA) ने 73 करोड़ रुपए एडवांस लिए, लेकिन गुणवत्ता के मामले में यह कार्य बेहद स्तरहीन साबित हुआ। इस कारण सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया, जिससे पहले भी आसपास की दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। यह खुलासा सीबीआरआई की जांच रिपोर्ट में हुआ है।

क्या था पूरा मामला सीबीआरआई

मंदिर प्रशासन ने 29 सितंबर 2024 को सीबीआरआई (Central Building Research Institute, रुड़की) से जांच के लिए संपर्क किया था। यह कदम 27 सितंबर को हुए हादसे के बाद उठाया गया था, जब मंदिर के पास दीवार गिरने से दो लोगों की जान गई थी।

सीबीआरआई टीम ने 15 अक्टूबर को मंदिर का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यूडीए द्वारा किए गए कार्यों में गंभीर खामियां पाईं। रिपोर्ट में कुल 21 पत्रों के माध्यम से मंदिर प्रशासन, कलेक्टर और संभागायुक्त कार्यालय को सूचित किया गया। मंदिर प्रशासन ने इस जांच के लिए 33.98 लाख रुपए का भुगतान भी किया था। लेकिन बाद में, यह रिपोर्ट मंदिर प्रशासन के पास से गायब कर दी गई। रिपोर्ट के गायब होने से गड़बड़ी की सच्चाई सामने नहीं आ पाई और दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मंदिर प्रशासन ने कहा नहीं मिली रिपोर्ट

हालांकि मंदिर प्रशासन के कुछ जिम्मेदारों ने दावा किया कि उन्हें सीबीआरआई की जांच रिपोर्ट नहीं मिली और न ही सीबीआरआई टीम को बुलाया गया, लेकिन ठीक से जांच पड़ताल में पता चला कि ये दावे झूठे हैं। पत्राचार और भुगतान के जो दस्तावेज सामने आए हैं वो मंदिर प्रशासन की भूमिका को स्पष्ट करते हैं।

जांच में मिलीं अनियमितताएं

21 पत्रों की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि मंदिर प्रबंध समिति के अनुरोध पर ही सीबीआरआई की टीम 15 अक्टूबर को जांच के लिए पहुंची थी। जांच में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जैसे मंदिर के ढांचे में लगाए गए खंभों के पत्थर के पेडेस्टल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त थे। ग्रेनाइट स्टोन की जगह पेडेस्टल वाले हिस्से पर सेंडस्टोन का उपयोग किया गया था।

कॉलम में लगे पत्थरों के बीच बड़े गैप और कैक्स पाए गए, जिससे उनकी मजबूती पर सवाल उठे। टीम ने इन खामियों को सुधारने के लिए सुझाव भी दिए।

गुणवत्ता पर उठे सवाल

मंदिर में यूडीए, स्मार्ट सिटी और अन्य एजेंसियों द्वारा 300 करोड़ से अधिक की लागत से निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन टीम ने गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। इसके बावजूद अफसरों ने रिपोर्ट दबाने की साजिश रचकर किसी भी तरह की कार्रवाई को टालने की कोशिश की ताकि दोषियों पर कोई कार्यवाही न हो सके।

ये भी पढ़ें:

Mahakal Temple: भस्म आरती में रहेगा लिमिट, महाकाल दर्शन के लिए बदले नियम

सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल

यूडीए द्वारा किए गए इस स्तरहीन निर्माण से मंदिर परिसर में सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। यह मामला न केवल धार्मिक स्थल के लिए चिंता का विषय है, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाता है।

FAQ

  1. महाकाल मंदिर में यूडीए ने कितनी राशि एडवांस के रूप में ली?
    यूडीए ने महाकाल मंदिर में 73 करोड़ रुपए एडवांस में लिए थे, लेकिन स्तरहीन निर्माण किया गया।
  2. सीबीआरआई की जांच रिपोर्ट गायब कैसे हुई?
    मंदिर प्रशासन ने जांच रिपोर्ट को गायब करा दिया ताकि दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो सके, जबकि जांच के लिए 33.98 लाख रुपए भी भुगतान किए गए थे।
  3. क्या मंदिर प्रशासन ने सीबीआरआई टीम को बुलाया था?
    हां, मंदिर प्रशासन ने 29 सितंबर 2024 को सीबीआरआई को पत्र लिखकर टीम भेजने का अनुरोध किया था, जो 15 अक्टूबर को जांच के लिए पहुंची थी।
द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • MP News
  • महाकाल मंदिर
  • मध्य प्रदेश
  • जांच
  • गड़बड़ी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा