यूजीसी ने कसा शिकंजा : डिफाल्टर यूनिवर्सिटीज को 15 दिन में बतानी होगी अपनी हकीकत
Ravi Awasthi | Oct 09, 2025, 14:38 IST
ugc shikanja
यूजीसी ने 13 राज्यों की 63 डिफाल्टर यूनिवर्सिटीज को 15 दिन में वेबसाइट पर पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए। इनमें मध्य प्रदेश की सर्वाधिक 10 यूनिवर्सिटीज शामिल हैं।
रवि अवस्थी,भोपाल।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर की डिफाल्टर यूनिवर्सिटीज पर शिकंजा कस दिया है। आयोग ने 13 राज्यों की 63 यूनिवर्सिटीज को 15 दिन की अंतिम मोहलत देते हुए सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपनी सभी अनिवार्य जानकारियां वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। इनमें मध्य प्रदेश की सर्वाधिक 10 यूनिवर्सिटीज शामिल हैं।
यूजीसी ने पाया कि कई निजी विश्वविद्यालय वेबसाइट तो चला रहे हैं, लेकिन उन पर मान्यता, कोर्स, शिक्षकों और प्रबंधन से जुड़ी जानकारी नहीं दी जा रही। यह यूजीसी एक्ट, 1956 की धारा 13 का उल्लंघन है।
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आयोग ने 3 अक्टूबर को सभी विश्वविद्यालयों को आदेश जारी कर यह जानकारी ऑनलाइन करने को कहा था, लेकिन हफ्तेभर बाद भी अनुपालन नहीं हुआ। इसके बाद बुधवार को यूजीसी ने दूसरा आदेश जारी करते हुए कहा-निर्देशों का पालन 15 दिन में करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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यूजीसी ने हाल ही में 24 सितंबर को जारी सूची में 13 राज्यों की 63 यूनिवर्सिटीज को डिफाल्टर घोषित किया था। इनमें मध्य प्रदेश की 10, छत्तीसगढ़ की 2 और राजस्थान की 1 यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
क्रमांक राज्य विश्वविद्यालय का नाम जिला / स्थान
1 मध्य प्रदेश अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय कान्हासैया, भोपाल
2 मध्य प्रदेश आर्यावर्त विश्वविद्यालय झारखेड़ा, सीहोर
3 मध्य प्रदेश डॉ. प्रीति ग्लोबल विश्वविद्यालय करेरा, शिवपुरी
4 मध्य प्रदेश ज्ञानवीर विश्वविद्यालय राहतगढ़, सागर
5 मध्य प्रदेश जेएनसीटी विश्वविद्यालय लांबाखेड़ा, भोपाल
6 मध्य प्रदेश एलएनसीटी विद्यापीठ कनाडिया, इंदौर
7 मध्य प्रदेश महाकौशल विश्वविद्यालय तिलवारी, जबलपुर
8 मध्य प्रदेश महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय जबलपुर
9 मध्य प्रदेश मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय रतनाखेड़ी, सीहोर
10 मध्य प्रदेश शुभम विश्वविद्यालय सलैया, भोपाल
11 राजस्थान ओपीजीएस विश्वविद्यालय जिला चुरू
12 छत्तीसगढ़ देव संस्कृति विश्वविद्यालय संकरा, कुमारी
13 छत्तीसगढ़ महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी मंगला, बिलासपुर
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क्रमांक विवरण का शीर्षक वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाने वाली जानकारी
1 मान्यता स्थिति (Accreditation Status) संस्थान को मिली मान्यता की स्थिति, एजेंसी और वैधता अवधि
2 संचालित पाठ्यक्रम (Courses Offered) सभी पाठ्यक्रमों की सूची, अवधि और प्रवेश प्रक्रिया
3 अनुमति विवरण (Affiliation Details) संबद्ध संस्थान और अनुमति की अवधि
4 शिक्षकों का विवरण (Faculty Details) शिक्षकों के नाम, योग्यता और अनुभव
5 प्रबंधन बोर्ड (Management Body) समिति के सदस्यों और कार्यकाल का ब्यौरा
6 शैक्षणिक ढांचा (Infrastructure) भवन, लैब, पुस्तकालय, हॉस्टल आदि की जानकारी
7 संपर्क विवरण (Contact Information) पता, ईमेल, हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट लिंक
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आयोग के सचिव आचार्य मनिष आर जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थी और अभिभावक संस्थान की वास्तविक स्थिति जान सकें। दरअसल, प्रदेश में अधिकांश विश्वविद्यालयों की अपनी वेबसाइट हैं,लेकिन इन्हें आधी-अधूरी जानकारी के साथ सिर्फ स्व-प्रचार तक सीमित रखा गया है। अधूरी जानकारी होने से छात्र भ्रमित होते हैं। यूजीसी का बड़ा फैसला.
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर की डिफाल्टर यूनिवर्सिटीज पर शिकंजा कस दिया है। आयोग ने 13 राज्यों की 63 यूनिवर्सिटीज को 15 दिन की अंतिम मोहलत देते हुए सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपनी सभी अनिवार्य जानकारियां वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। इनमें मध्य प्रदेश की सर्वाधिक 10 यूनिवर्सिटीज शामिल हैं।
यूजीसी ने पाया कि कई निजी विश्वविद्यालय वेबसाइट तो चला रहे हैं, लेकिन उन पर मान्यता, कोर्स, शिक्षकों और प्रबंधन से जुड़ी जानकारी नहीं दी जा रही। यह यूजीसी एक्ट, 1956 की धारा 13 का उल्लंघन है।
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एक सप्ताह में भी आदेश का पालन नहीं
ugc letter 8 october
आयोग ने 3 अक्टूबर को सभी विश्वविद्यालयों को आदेश जारी कर यह जानकारी ऑनलाइन करने को कहा था, लेकिन हफ्तेभर बाद भी अनुपालन नहीं हुआ। इसके बाद बुधवार को यूजीसी ने दूसरा आदेश जारी करते हुए कहा-निर्देशों का पालन 15 दिन में करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मप्र की सर्वाधिक यूनिवर्सिटीज डिफाल्टर
क्रमांक राज्य विश्वविद्यालय का नाम जिला / स्थान
1 मध्य प्रदेश अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय कान्हासैया, भोपाल
2 मध्य प्रदेश आर्यावर्त विश्वविद्यालय झारखेड़ा, सीहोर
3 मध्य प्रदेश डॉ. प्रीति ग्लोबल विश्वविद्यालय करेरा, शिवपुरी
4 मध्य प्रदेश ज्ञानवीर विश्वविद्यालय राहतगढ़, सागर
5 मध्य प्रदेश जेएनसीटी विश्वविद्यालय लांबाखेड़ा, भोपाल
6 मध्य प्रदेश एलएनसीटी विद्यापीठ कनाडिया, इंदौर
7 मध्य प्रदेश महाकौशल विश्वविद्यालय तिलवारी, जबलपुर
8 मध्य प्रदेश महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय जबलपुर
9 मध्य प्रदेश मानसरोवर ग्लोबल विश्वविद्यालय रतनाखेड़ी, सीहोर
10 मध्य प्रदेश शुभम विश्वविद्यालय सलैया, भोपाल
11 राजस्थान ओपीजीएस विश्वविद्यालय जिला चुरू
12 छत्तीसगढ़ देव संस्कृति विश्वविद्यालय संकरा, कुमारी
13 छत्तीसगढ़ महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी मंगला, बिलासपुर
यह भी पढ़ें.. महर्षि महेश योगी विश्वविद्यालय की मनमानी के आगे सरकारी पत्र भी बेमानी
वेबसाइट पर देनी होंगी ये अहम जानकारियां
क्रमांक विवरण का शीर्षक वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाने वाली जानकारी
1 मान्यता स्थिति (Accreditation Status) संस्थान को मिली मान्यता की स्थिति, एजेंसी और वैधता अवधि
2 संचालित पाठ्यक्रम (Courses Offered) सभी पाठ्यक्रमों की सूची, अवधि और प्रवेश प्रक्रिया
3 अनुमति विवरण (Affiliation Details) संबद्ध संस्थान और अनुमति की अवधि
4 शिक्षकों का विवरण (Faculty Details) शिक्षकों के नाम, योग्यता और अनुभव
5 प्रबंधन बोर्ड (Management Body) समिति के सदस्यों और कार्यकाल का ब्यौरा
6 शैक्षणिक ढांचा (Infrastructure) भवन, लैब, पुस्तकालय, हॉस्टल आदि की जानकारी
7 संपर्क विवरण (Contact Information) पता, ईमेल, हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट लिंक
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यूजीसी सचिव ने कहा:
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आयोग के सचिव आचार्य मनिष आर जोशी ने कहा कि विश्वविद्यालयों की वेबसाइट पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थी और अभिभावक संस्थान की वास्तविक स्थिति जान सकें। दरअसल, प्रदेश में अधिकांश विश्वविद्यालयों की अपनी वेबसाइट हैं,लेकिन इन्हें आधी-अधूरी जानकारी के साथ सिर्फ स्व-प्रचार तक सीमित रखा गया है। अधूरी जानकारी होने से छात्र भ्रमित होते हैं। यूजीसी का बड़ा फैसला.
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