उज्जैन में मिला फर्जी IAS: सर्किट हाउस भी किया बुक, भस्म आरती में होना था शामिल
Amresh Kushwaha | Apr 13, 2026, 08:37 IST
ujjain fake ias circuit house bhasma aarti arrested
उज्जैन में भस्म आरती के लिए एविएशन मंत्रालय का फर्जी जॉइंट सेक्रेटरी बनकर आए युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसने सर्किट हाउस में कमरे भी बुक कराए थे।
उज्जैन में एक अजीब मामला सामने आया है। दिल्ली के रहने वाले एक युवक ने खुद को केंद्र सरकार के एविएशन मंत्रालय का जॉइंट सेक्रेटरी (Joint Secretary) यानी संयुक्त सचिव बताया। इस फर्जी पहचान के दम पर उसने प्रशासन से सुविधाएं हासिल करने की कोशिश की।
युवक का नाम अतुल कुमार है और वह दिल्ली का रहने वाला है। उसने पहले महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन के अधिकारी प्रथम कौशिक को फोन किया था। खुद को बड़ा अफसर बताकर भस्म आरती में विशेष इंतजाम की मांग रखी थी।
बात सिर्फ मंदिर तक नहीं रुकी। अतुल ने जिला प्रशासन के प्रोटोकॉल अधिकारी को भी इसी तरह प्रभावित करने की कोशिश की। उसने देवास रोड स्थित सर्किट हाउस में अपने और साथियों के लिए दो कमरे बुक करा लिए। यह सब उसकी फर्जी पहचान के भरोसे हुआ था।
शनिवार शाम अतुल अपने दोस्त और परिवार के साथ सर्किट हाउस पहुंचा था। वहां के स्टाफ ने उससे पहचान पत्र यानी आईडी (ID) मांगी थी। अतुल बार-बार टालमटोल करता रहा। इससे स्टाफ को शक हुआ और जांच शुरू हुई।
सर्किट हाउस के स्टाफ ने एविएशन मंत्रालय से सीधे संपर्क किया। मंत्रालय ने साफ कर दिया कि इस नाम का कोई व्यक्ति किसी भी पद पर काम नहीं करता है। बस यहीं से उसका पूरा खेल खत्म हो गया।
रात होते-होते अतुल को महाकाल थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ शुरू हुई।
पूछताछ में कई और चौंकाने वाली बातें सामने आईं है। अतुल ने माना कि उसने हाईकोर्ट (High Court) के रजिस्ट्रार (Registrar) के नाम से भी एक पत्र भेजा था। इसके अलावा उसने यह भी दावा किया था कि उसके परिवार में आईएएस अधिकारी हैं। इस तरह वह हर तरफ से रसूख दिखाने की कोशिश कर रहा था।
मंदिर के सुरक्षा प्रभारी जयंत राठौर के मुताबिक, पूछताछ अभी भी जारी है। उनके साथ आए लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस अब यह भी पता कर रही है कि अतुल ने पहले और कहां-कहां इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया। क्या उसने पहले भी कहीं अफसर बनकर फायदा उठाया? उसके साथ आए लोग कितने जानकार थे, यह भी जांच का हिस्सा है। पुलिस के लिए यह भी अहम है कि इस फर्जीवाड़े का दायरा सिर्फ उज्जैन तक था या आगे भी फैला हुआ है।
उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती (Bhasma Aarti) देश की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक परंपराओं में से एक है। यह रोज सुबह तड़के होती है और इसमें शामिल होने के लिए लोग महीनों पहले से आवेदन करते हैं। वीआईपी (VIP - Very Important Person) या विशेष पास हासिल करना सामान्य नागरिक के लिए आसान नहीं होता। शायद यही वजह थी कि अतुल ने अफसर बनने का रास्ता चुना।
वहीं, मध्य प्रदेश के देवास में एक युवक को फर्जी पहचान के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह खुद को CRPF का डीआईजी बताकर घूम रहा था। कोतवाली पुलिस को बस स्टैंड क्षेत्र में खड़ी एक लाल बत्ती लगी स्विफ्ट डिजायर कार में संदिग्ध युवक पर शक हुआ और जांच करने पर उसने अपना नाम सौरभ राणा बताया।
उसने खुद को CRPF का डीआईजी बताया, लेकिन पुलिस की सख्ती से पूछताछ में उसकी सच्चाई सामने आई। युवक के पास एक फर्जी पहचान पत्र था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर कोतवाली थाने लाया गया।
पुलिस अब यह जांच रही है कि आरोपी ने डीआईजी बनकर ठगी या अन्य अपराध किए हैं या नहीं, और उसके साथ मौजूद ड्राइवर को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
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युवक का नाम अतुल कुमार है और वह दिल्ली का रहने वाला है। उसने पहले महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन के अधिकारी प्रथम कौशिक को फोन किया था। खुद को बड़ा अफसर बताकर भस्म आरती में विशेष इंतजाम की मांग रखी थी।
सर्किट हाउस में कमरे कैसे बुक हुए
शनिवार शाम अतुल अपने दोस्त और परिवार के साथ सर्किट हाउस पहुंचा था। वहां के स्टाफ ने उससे पहचान पत्र यानी आईडी (ID) मांगी थी। अतुल बार-बार टालमटोल करता रहा। इससे स्टाफ को शक हुआ और जांच शुरू हुई।
मंत्रालय से पूछा तो खुली पोल
रात होते-होते अतुल को महाकाल थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ शुरू हुई।
हाईकोर्ट के नाम का भी इस्तेमाल
मंदिर के सुरक्षा प्रभारी जयंत राठौर के मुताबिक, पूछताछ अभी भी जारी है। उनके साथ आए लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
साथियों पर भी नजर, पुराने कांड की तलाश
भस्म आरती इतनी खास क्यों है?
देवास में भी मिला फर्जी डीआईजी
उसने खुद को CRPF का डीआईजी बताया, लेकिन पुलिस की सख्ती से पूछताछ में उसकी सच्चाई सामने आई। युवक के पास एक फर्जी पहचान पत्र था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर कोतवाली थाने लाया गया।
पुलिस अब यह जांच रही है कि आरोपी ने डीआईजी बनकर ठगी या अन्य अपराध किए हैं या नहीं, और उसके साथ मौजूद ड्राइवर को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
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