महाकाल मंदिर में पहली बार गूगल मैप से हो रहा क्राउड मैनेजमेंट
Kaushiki | Dec 31, 2025, 11:43 IST
ujjain mahakal
उज्जैन पुलिस अब गूगल मैप के जरिए भारी भीड़ और ट्रैफिक को नियंत्रित कर रही है। नए डिजिटल रूट से श्रद्धालु बिना जाम के सीधे पार्किंग तक पहुंच सकेंगे।
उज्जैन नगरी में नए साल के आगमन पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है। महाकाल मंदिर के दर्शन हेतु देश के कोने-कोने से लाखों भक्त यहां पहुंच रहे हैं। गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों से आने वाले वाहनों की संख्या दोगुनी हो गई है।
ऐसे में भीड़ को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने पहली बार हाईटेक तरीका अपनाया है। अब गूगल मैप के जरिए शहर के ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा रहा है। पुलिस की एक विशेष टीम गूगल के एल्गोरिदम में तकनीकी बदलाव कर रही है।
![ujjain mahakal temple became the number one religious center 12 crore 32 devotees arrived in two years | Mahakal Temple-महाकाल मंदिर बना देश में नंबर-1 धार्मिक केंद्र, दान और श्रद्धालु में तोड़े]()
प्रशासन ने गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी के साथ मिलकर नया सिस्टम बनाया है। जब किसी रास्ते पर भीड़ बढ़ती है तो उसे मैप पर ब्लॉक कर देते हैं। श्रद्धालुओं को मोबाइल पर केवल वही रास्ता दिखता है जो पूरी तरह खाली है।
इस तकनीक से बाहर से आने वाले वाहन सीधे पार्किंग स्थल तक पहुंच रहे हैं। शहर के तंग रास्तों में जाने से श्रद्धालुओं को डिजिटल रूप से रोका जा रहा है। पुलिस के 10 जवान सुबह से रात तक ट्रैफिक की रियल टाइम मॉनिटरिंग करते हैं।
ये खबर भी पढ़ें...पौष शुक्ल द्वादशी को बाबा महाकाल को त्रिपुंड-चंद्र किया अर्पित, देखें
![Mahakaleshwar Jyotirlinga: महाकालेश्वर मंदिर के इतिहास और रहस्य को जानकर आप रह जाएंगे हैरान ।]()
सीएसपी राहुल देशमुख ने बताया कि चार धाम और हरसिद्धि पार्किंग मुख्य केंद्र हैं। पहले लोग शॉर्टकट के चक्कर में शहर के अंदरूनी जाम में फंस जाते थे। अब गूगल मैप उन्हें केवल डेडिकेटेड रूट ही दिखाता है जो सीधे सुरक्षित है।
बेगमबाग और महाकाल घाटी जैसे क्षेत्रों में दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है। अगर ये प्रयोग सफल रहा तो सिंहस्थ 2028 में भी इसे लागू किया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य है कि भक्त बिना किसी परेशानी के मंदिर के पास पहुंचें।
ये खबर भी पढ़ें...बंद हुई महाकाल भस्म आरती की बुकिंग, मंदिर जाने का है प्लान तो पढ़ लें ये जरूरी लेटेस्ट जानकारी
आपको बता दें कि, भीड़ के कारण मंदिर समिति ने दर्शन के नियमों में कड़े बदलाव किए हैं। 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक बाबा महाकालभस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद रहेगी। श्रद्धालु केवल ऑफलाइन माध्यम से ही भस्म आरती की अनुमति ले सकेंगे।
1 जनवरी के लिए तो सभी प्रकार की एडवांस बुकिंग को कैंसिल किया गया है। प्रोटोकॉल यानी वीआईपी दर्शन की सुविधा भी फिलहाल पूरी तरह बंद कर दी गई है। अब केवल अति स्पेसिफिक पर्सन्स को ही निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत प्रवेश मिलेगा।
ये खबर भी पढ़ें...क्यों शक्तिशाली है उज्जैन महाकाल ज्योतिर्लिंग का दक्षिणमुखी स्वरूप, जानें इसका दिव्य रहस्य
![mahakaal]()
पिछले तीन दिनों में करीब साढ़े पांच लाख भक्तों ने दर्शन किए हैं। भीड़ को देखते हुए 28 दिसंबर से नए प्रवेश द्वार तय किए गए हैं। भस्म आरती के भक्तों को अब नीलकंठ द्वार से प्रवेश दिया जा रहा है। चलित भस्म आरती देखने वाले श्रद्धालुओं को त्रिवेणी द्वार से जाना होगा।
सामान्य दर्शनार्थी चार धाम पथ से होकर मानसरोवर भवन के रास्ते मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में सड़क पर दुकान लगाना अब प्रतिबंधित है। प्रशासन का अनुरोध है कि भक्त केवल निर्धारित पार्किंग का ही उपयोग करें।
ये खबर भी पढ़ें...पौष पूर्णिमा 2026 पर लक्ष्मी-नारायण की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा, जानें शुभ मुहूर्त
ऐसे में भीड़ को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने पहली बार हाईटेक तरीका अपनाया है। अब गूगल मैप के जरिए शहर के ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा रहा है। पुलिस की एक विशेष टीम गूगल के एल्गोरिदम में तकनीकी बदलाव कर रही है।
ujjain mahakal temple became the number one religious center 12 crore 32 devotees arrived in two years | Mahakal Temple-महाकाल मंदिर बना देश में नंबर-1 धार्मिक केंद्र, दान और श्रद्धालु में तोड़े
डिजिटल तकनीक से भीड़ का मैनेजमेंट
इस तकनीक से बाहर से आने वाले वाहन सीधे पार्किंग स्थल तक पहुंच रहे हैं। शहर के तंग रास्तों में जाने से श्रद्धालुओं को डिजिटल रूप से रोका जा रहा है। पुलिस के 10 जवान सुबह से रात तक ट्रैफिक की रियल टाइम मॉनिटरिंग करते हैं।
video embeddingfree alarm clocktime in india
ये खबर भी पढ़ें...पौष शुक्ल द्वादशी को बाबा महाकाल को त्रिपुंड-चंद्र किया अर्पित, देखें
Mahakaleshwar Jyotirlinga: महाकालेश्वर मंदिर के इतिहास और रहस्य को जानकर आप रह जाएंगे हैरान ।
सीधे पार्किंग तक पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
बेगमबाग और महाकाल घाटी जैसे क्षेत्रों में दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है। अगर ये प्रयोग सफल रहा तो सिंहस्थ 2028 में भी इसे लागू किया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य है कि भक्त बिना किसी परेशानी के मंदिर के पास पहुंचें।
ये खबर भी पढ़ें...बंद हुई महाकाल भस्म आरती की बुकिंग, मंदिर जाने का है प्लान तो पढ़ लें ये जरूरी लेटेस्ट जानकारी
बाबा महाकाल के लिए दर्शन व्यवस्था
1 जनवरी के लिए तो सभी प्रकार की एडवांस बुकिंग को कैंसिल किया गया है। प्रोटोकॉल यानी वीआईपी दर्शन की सुविधा भी फिलहाल पूरी तरह बंद कर दी गई है। अब केवल अति स्पेसिफिक पर्सन्स को ही निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत प्रवेश मिलेगा।
ये खबर भी पढ़ें...क्यों शक्तिशाली है उज्जैन महाकाल ज्योतिर्लिंग का दक्षिणमुखी स्वरूप, जानें इसका दिव्य रहस्य
mahakaal
श्रद्धालुओं के लिए नए प्रवेश मार्ग तय
सामान्य दर्शनार्थी चार धाम पथ से होकर मानसरोवर भवन के रास्ते मंदिर पहुंचेंगे। मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में सड़क पर दुकान लगाना अब प्रतिबंधित है। प्रशासन का अनुरोध है कि भक्त केवल निर्धारित पार्किंग का ही उपयोग करें।
ये खबर भी पढ़ें...पौष पूर्णिमा 2026 पर लक्ष्मी-नारायण की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा, जानें शुभ मुहूर्त
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman