उज्जैन में ऐसा मंदिर जहां भगवान नहीं, 41 वीर सपूतों को मिलता है रोज सम्मान

Sandeep Kumar | Aug 15, 2026, 12:30 IST
Share
ऐसा मंदिर जहां भगवान नहीं
ऐसा मंदिर जहां भगवान नहीं

उज्जैन में महाकाल मंदिर के पीछे एक अनोखा मंदिर है। यहां देवी-देवताओं के साथ शहीद जवानों की भी पूजा होती है। मंदिर में 41 वीर सपूतों और नारी शक्ति की प्रतिमाएं हैं। इसकी शुरुआत 2008 में पूर्व जज दान सिंह चौधरी ने की थी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • उज्जैन में शहीद जवानों का अनोखा मंदिर है।
  • मंदिर में 41 वीर सपूतों की प्रतिमाएं हैं।
  • यहां नारी शक्ति को भी सम्मान दिया गया है।
  • पूर्व जज दान सिंह चौधरी ने शुरुआत की थी।
  • लोग रोज मंदिर पहुंचकर वीरों को श्रद्धांजलि देते हैं।

अनोखा शहीद मंदिर

महाकाल की नगरी उज्जैन में एक अनोखा शहीद मंदिर है। शिप्रा किनारे बने इस परिसर में करीब 41 प्रतिमाएं हैं। इनमें सेना के दिग्गज और 21 परमवीर चक्र विजेता शामिल हैं। इस मंदिर की शुरुआत पूर्व जज दान सिंह चौधरी ने की थी। उनका उद्देश्य वीर जवानों को हर दिन सम्मान देना था।

एक जज का संकल्प

इस मंदिर की नींव 2008 में रखी गई थी। इसके पीछे पूर्व जज दान सिंह चौधरी का विचार था। वे अभी अपने परिवार के साथ भोपाल में रहते हैं। उनका मानना था कि शहीदों की प्रतिमाएं चौराहों पर लगती तो हैं। लेकिन समय के साथ उनकी उपेक्षा होने लगती है।

कई प्रतिमाएं धूल और गंदगी से ढक जाती हैं। उनकी सफाई सिर्फ राष्ट्रीय पर्वों पर ही होती है। यही बात दान सिंह चौधरी को खटकती थी। इसी सोच ने उन्हें कुछ अलग करने की प्रेरणा दी।

उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति पर मिली राशि शहीदों के नाम कर दी। अलीराजपुर के गुरु नरसिंहानंद महाराज ने इस प्रयास को प्रेरणा दी। बाद में परमानंद महाराज ने इसे आकार दिया। संकल्प था कि जवानों को रोज याद किया जाए। सिर्फ राष्ट्रीय पर्वों तक सीमित न रखा जाए।

सेना के दिग्गजों को स्थान

मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां की प्रतिमाएं हैं। परिसर में भारतीय सेना के कई महान नाम मौजूद हैं। इनमें देश के पहले थलसेना अध्यक्ष जनरल के.एम. करियप्पा शामिल हैं। फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और वायुसेना प्रमुख अर्जुन सिंह भी यहां हैं।

इसके साथ ही 21 परमवीर चक्र विजेताओं को भी सम्मान दिया गया है। हर प्रतिमा के पास उस वीर की पूरी जानकारी लिखी है। इससे आने वाले लोग उनके जीवन और बलिदान को समझ पाते हैं। यह जानकारी मंदिर को एक जीवंत इतिहास केंद्र बना देती है।

हर प्रतिमा की अपनी कहानी

मंदिर की सभी प्रतिमाएं फाइबर से तैयार की गई हैं। मंदिर से जुड़े संजय कुमार चौधरी के मुताबिक एक प्रतिमा बनाने में 40 से 45 हजार रुपए खर्च होते हैं। ये सिर्फ मूर्तियां नहीं हैं। ये देश के लिए दिए गए बलिदान की जीवंत गवाही हैं।

यहां ‘अमर जवान, अमर किसान और अमर विज्ञान’ की भावना भी झलकती है। यही वजह है कि यह मंदिर आम मंदिरों से बिल्कुल अलग अनुभव देता है। लोग यहां सिर्फ दर्शन के लिए नहीं आते। वे देश के इतिहास को करीब से जानने भी आते हैं।

अब जामोद परिवार की जिम्मेदारी

समय के साथ मंदिर की देखरेख करने वाला परिवार बदल गया है। संस्थापक दान सिंह चौधरी के माता-पिता के निधन के बाद बदलाव आया। अब जामोद परिवार मंदिर की सेवा संभाल रहा है। वे रोज की व्यवस्थाओं का ध्यान रखते हैं।

शिप्रा किनारे शांत माहौल में बना यह मंदिर एक खास संदेश देता है। देश के लिए जान देने वाले जवानों को सिर्फ एक दिन याद करना काफी नहीं है। उनकी स्मृति हर दिन जीवित रहनी चाहिए। यही सोच इस मंदिर को खास बनाती है। हर दिन यहां श्रद्धा से सिर झुकते हैं।

FAQ

  1. उज्जैन का शहीद मंदिर कहां स्थित है?
    यह मंदिर उज्जैन में महाकाल मंदिर के पीछे नरसिंह घाट क्षेत्र में है। यह शिप्रा नदी के किनारे बना है।
  2. इस मंदिर की शुरुआत किसने की थी?
    इस मंदिर की शुरुआत पूर्व जज दान सिंह चौधरी ने 2008 में की थी। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति की राशि शहीदों के नाम समर्पित की।
  3. मंदिर में कितनी प्रतिमाएं स्थापित हैं?
    मंदिर में करीब 41 प्रतिमाएं हैं। इनमें वीर जवान, नारी शक्ति और 21 परमवीर चक्र विजेता शामिल हैं।

ये भी पढ़ें...

शहीदों के नाम लिखना भूली राजस्थान सरकार, अमर जवान ज्योति स्मारक पर नहीं 12 साल से अपडेट, जानें पूरा मामला

15 अगस्त ही क्यों चुना गया भारत का स्वतंत्रता दिवस, जानें माउंटबेटन कनेक्शन

एमपी में 22 हजार मंदिरों का होगा डिजिटल हिसाब-किताब, जमीन से पुजारी तक सबका बनेगा डेटाबेस

मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण केस पर फैसला कब, इसी से आजाद होंगे 13 फीसदी होल्ड पद

Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन
  • महाकाल
  • शहीद
  • अमर जवान ज्योति
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज