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BHOPAL. मुख्यमंत्री जी अपने अधिकारियों का शिष्टाचार सुधारिए। हम यह गुजारिश इसलिए कर रहे हैं क्योंकि प्रदेश में अधिकारी अपनी मर्यादा भूलते जा रहे हैं। नियमों की अनदेखी या निरीक्षण में कोई कमी मिलने पर तमतमाए अधिकारी अब दुर्व्यवहार पर उतर आते हैं। ऐसा ही कुछ आज विदिशा जिले की गंज बासौदा तहसील के गांव उदयपुर में हुआ है।
प्रशासनिक लाव लश्कर के साथ उदयपुर पहुंचे कलेक्टर ने जब आदिवासी बालक आश्रम शाला से बच्चों को गायब देखा तो भड़क गए। उन्होंने छात्रावास अधीक्षक से सवाल किया और जवाब से नाराज होकर उसे जूते मारने की बात कह डाली। अब आदिवासी छात्रावास अधीक्षक सार्वजनिक अपमान पर आपसे गुहार लगा रहा है।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर सरकार से सवाल कर रहा है। इससे पहले भी कई अधिकारी आमजन और मातहतों का अपमान कर चुके हैं। इसलिए उन्हें प्रशासनिक दक्षता के साथ शिष्टाचार सिखाने की जरूरत है।
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छात्रावास में छुट्टी देख चढ़ा कलेक्टर का पारा
बुधवार को विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता जिले और गंजबासौदा तहसील के अधिकारियों के साथ निरीक्षण पर निकले थे। जब वे उदयपुर में आदिवासी आश्रम शाला पहुंचे तो वहां कक्षा 1 से पांचवी तक पढ़ने वाले बच्चे नहीं दिखे। उन्होंने बच्चों के गायब होने के संबंध में पूछने पर छात्रावास अधीक्षक चैन सिंह चिढ़ार ने स्कूलों में दो दिन की छुट्टी होने की बात कही।
कलेक्टर ने कहा छुट्टी तो स्कूलों के लिए घोषित की गई थी, छात्रावास के लिए नहीं। जवाब में अधीक्षक चिढ़ार का कहना था आवासीय विद्यालय में स्कूल और छात्रावास की छुट्टी के नियम एक जैसे ही हैं। इस पर कलेक्टर गुप्ता का पारा चढ़ गया और उन्होंने अधीक्षक को दो जूते लगाने की बात कह डाली।
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अधीक्षक से बोले कलेक्टर दो जूते मारूंगा
छात्रावास अधीक्षक को दो जूते मारने की बात सुनकर अधिकारी चुप हो गए। जिला पंचायत सीईओ, गंज बासौदा एसडीएम, तहसीलदार सहित सभी अधिकारी सन्न रह गए। वहीं जनसंपर्क अधिकारी मीडिया और लोगों द्वारा की जा रही वीडियो रिकॉर्डिंग बंद कराने में जुट गए।
ग्रामीण भी 56 साल से अधिक आयु के दलित छात्रावास अधीक्षक चैन सिंह के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर हैरान थे। कलेक्टर के अमर्यादित व्यवहार से दुखी छात्रावास अधीक्षक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में छुट्टी के बाद बच्चे घर चले जाते हैं।
स्कूलों में जिला प्रशासन ने दो दिन की छुट्टी घोषित की थी इस वजह से आवासीय शाला में छात्र नहीं थे। उन्होंने बस यही कहा था और कलेक्टर साब ने सबके सामने उन्हें जूते मारने की बात कही। इस व्यवहार से उनके आत्म सम्मान को चोट पहुंची है। मैं इसकी शिकायत सीएम मोहन यादव से कर रहा हूं।
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छुट्टी के बहाने छात्रावास से बच्चों को घर भेजा
छात्रावास अधीक्षक को दो जूते मारने की बात कहने का वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस घटनाक्रम पर 'द सूत्र' ने विदिशा कलेक्टर आईएएस अंशुल गुप्ता से बात की तो वे असहज नजर आए। उनका कहना था स्कूल में छुट्टी होने का मतलब छात्रावास से बच्चों को घर भेजना नहीं है।
hostel superintendent ऐसे ही छुट्टी का बहाना बनाकर बच्चों को घर भेज देते हैं और खुद गायब हो जाते हैं। बच्चों के गायब होने पर अधीक्षक के जवाब पर उन्हें गुस्सा आया था। उनकी मंशा उन्हें आहत करने की नहीं थी। हालांकि वे जूते मारने के सवाल पर जवाब टाल गए।
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