व्यापमं घोटाले के आरोपी जगदीश सगर और उसकी पत्नी सुनीता को हाईकोर्ट की फटकार
Sanjay Gupta | Feb 19, 2026, 15:33 IST
vyapam scam jagdish sagar high court property attachment
व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपी डॉ. जगदीश सगर और उनकी पत्नी को इंदौर हाईकोर्ट ने फटकार लगाई है। उन्होंने ईडी के जरिए अटैच संपत्ति को मुक्त कराने के लिए ट्रिब्यूनल में लंबित मामले की जानकारी छिपाई थी।
INDORE. व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपी इंदौर के डॉ. जगदीश सगर और उनकी पत्नी सुनीता सगर को हाईकोर्ट इंदौर की बेंच ने जमकर फटकार लगाई है। सगर दंपत्ती ने हाईकोर्ट में ईडी के जरिए अटैच की गई प्रॉपर्टी को मुक्त कराने के लिए अपील की थी।
वहीं, चालाकी दिखाते हुए सगर दंपत्ती ने ईडी न्यायाधिकरण में लंबित याचिका को छिपा लिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई है।
ईडी में व्यापमं घोटाले मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है। इसी केस के तहत ईडी ने सगर दंपत्ती की संपत्ति अटैच की हुई है। इसे रिलीज कराने के लिए दोनों ने हाईकोर्ट डबल बेंच में याचिका दायर की थी।
इसमें मांग की थी कि अटैच प्रॉपर्टी को रिलीज किया जाए, उनका कोई दोष नहीं है। चाहे तो ईडी संपत्ति के बराबर एफडी ले ले।
सुनवाई के दौरान शासन पक्ष और ईडी ने बताया कि ईडी के अटैचमेंट के खिलाफ केस दायर किया गया है। ईडी ट्रिब्यूनल में यह केस चल रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट में यह जानकारी छिपाई गई है। वह केस यहां नहीं लगा सकते हैं।
इस पर सगर के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट से याचिका वापस लेने की कह दी। साथ ही कहा कि वह पुराने अधिवक्ता के जरिए ड्राफ्ट की गई थी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।
इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने जमकर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, याचिका वापस लेने पर इस संबंध में कोई आदेश नहीं किया गया।
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वहीं, चालाकी दिखाते हुए सगर दंपत्ती ने ईडी न्यायाधिकरण में लंबित याचिका को छिपा लिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई है।
यह लगाई थी याचिका
इसमें मांग की थी कि अटैच प्रॉपर्टी को रिलीज किया जाए, उनका कोई दोष नहीं है। चाहे तो ईडी संपत्ति के बराबर एफडी ले ले।
शासन ने खोली पोल
इस पर सगर के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट से याचिका वापस लेने की कह दी। साथ ही कहा कि वह पुराने अधिवक्ता के जरिए ड्राफ्ट की गई थी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।
इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने जमकर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, याचिका वापस लेने पर इस संबंध में कोई आदेश नहीं किया गया।
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