/sootr/media/media_files/2026/02/19/vyapam-scam-jagdish-sagar-high-court-property-attachment-2026-02-19-14-07-25.jpg)
INDORE. व्यापमं घोटाले के मुख्य आरोपी इंदौर के डॉ. जगदीश सगर और उनकी पत्नी सुनीता सगर को हाईकोर्ट इंदौर की बेंच ने जमकर फटकार लगाई है। सगर दंपत्ती ने हाईकोर्ट में ईडी के जरिए अटैच की गई प्रॉपर्टी को मुक्त कराने के लिए अपील की थी।
वहीं, चालाकी दिखाते हुए सगर दंपत्ती ने ईडी न्यायाधिकरण में लंबित याचिका को छिपा लिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने जमकर फटकार लगाई है।
यह लगाई थी याचिका
ईडी में व्यापमं घोटाले मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है। इसी केस के तहत ईडी ने सगर दंपत्ती की संपत्ति अटैच की हुई है। इसे रिलीज कराने के लिए दोनों ने हाईकोर्ट डबल बेंच में याचिका दायर की थी।
इसमें मांग की थी कि अटैच प्रॉपर्टी को रिलीज किया जाए, उनका कोई दोष नहीं है। चाहे तो ईडी संपत्ति के बराबर एफडी ले ले।
शासन ने खोली पोल
सुनवाई के दौरान शासन पक्ष और ईडी ने बताया कि ईडी के अटैचमेंट के खिलाफ केस दायर किया गया है। ईडी ट्रिब्यूनल में यह केस चल रहा है। ऐसे में हाईकोर्ट में यह जानकारी छिपाई गई है। वह केस यहां नहीं लगा सकते हैं।
इस पर सगर के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट से याचिका वापस लेने की कह दी। साथ ही कहा कि वह पुराने अधिवक्ता के जरिए ड्राफ्ट की गई थी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।
इस पर हाईकोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने जमकर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, याचिका वापस लेने पर इस संबंध में कोई आदेश नहीं किया गया।
ये खबर भी पढ़िए...
मंत्री प्रतिमा बागरी को राहत, हाईकोर्ट में जाति प्रमाण पत्र की याचिका वापस
मध्य प्रदेश विधानसभा में थाली लेकर पहुंचे कांग्रेसी, भागीरथपुरा कांड पर सरकार को घेरा
MP News: धनकुबेर सौरभ शर्मा का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, कहां तक पहुंचा केस, जानें
इंदौर न्यूज | भंडारी अस्पताल में नवविवाहिता की मौत, परिजनों का आरोप गलत ब्लड चढ़ाया
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us