पदवृद्धि की मांग पर अड़े वेटिंग शिक्षक, विरोध जताने कराया मुंडन
Sanjay Sharma | Oct 29, 2025, 21:24 IST
waiting teacher
प्रदर्शन में शामिल देवेश पालीवाल और मनोज दंडोतिया का कहना था कि स्कूलों में हजारों पद खाली हैं इससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। 2024 में उच्च माध्यमिक शिक्षकों के स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि की है, लेकिन नियुक्ति पर सरकार चुप्पी साधे है।
BHOPAL.मध्य प्रदेश के वेटिंग शिक्षक पदवृद्धि की मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। बुधवार को वेटिंग शिक्षकों ने भोपाल के अंबेडकर पार्क में मुंडन कराते हुए सरकार की अनसुनी का विरोध किया। इस दौरान महिला वेटिंग शिक्षकों ने भी आंशिक रूप से बाल कटाते हुए विरोध दर्ज कराया।
भोपाल के सेकेण्ड स्टाप स्थित अंबेडकर पार्क पहुंचे वर्ग -1 वेटिंग शिक्षक प्रदेश में खाली पड़े हजारों पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षक प्रदेश सरकार की पात्रता और चयन परीक्षा में अपनी योग्यता साबित कर चुके हैं। इसके बावजूद साल 2023 में सीमित पदों पर भर्ती के कारण वे नियुक्ति से वंचित रह गए थे। तभी से ये वेटिंग शिक्षक पात्रता और चयन परीक्षा का हवाला देकर सरकार से पद वृद्धि की मांग करते आ रहे हैं। अब तक वे भोपाल में दर्जन भर से ज्यादा प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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दरअसल साल 2023 में सरकार ने उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती निकाली थी। इसके लिए प्रदेशभर में पहले पात्रता और फिर चयन परीक्षा का आयोजन किया गया था। स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 7591 जबकि जनजातीय कार्य विभाग के लिए 1129 पदों पर ही भर्ती निकाली गई। इस भर्ती में 8720 में से 3,668 पद बैकलॉग में लिए सुरक्षित कर दिए गए। जिससे केवल 5052 पद ही रह गए और हजारों अभ्यर्थियों को नियुक्ति में मौका नहीं मिल सका।
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वेटिंग शिक्षक वर्ग-1 के खाली पदों पर सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं। इसके लिए करीब डेढ़ साल से पद वृद्धि को लेकर जिला, संभाग और राज्य स्तर पर भी प्रदर्शन हो रहे हैं। बुधवार को प्रदर्शन में शामिल हुए वेटिंग शिक्षकों ने पदवृद्धि की मांग पर सरकार की बेरुखी का विरोध कर मुंडन कराया। वहीं अंबेडकर पार्क में नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया गया।
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प्रदर्शन में शामिल देवेश पालीवाल और मनोज दंडोतिया का कहना था कि स्कूलों में हजारों पद खाली हैं इससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। 2024 में सरकार ने उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग 1 के स्वीकृत पदों की संख्या में वृद्धि की है।
स्कूल शिक्षा विभाग में पहले यह संख्या 34789 थी जो अब 48223 हो गई है। यानी उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 13533 पद बढ़ाए गए हैं। वहीं जनजातीय कार्य विभाग ने पदों की संख्या 10501 कर दी है। यानी इन पदों पर नियुक्ति की जा सकती है, लेकिन सरकार अब भी चुप्पी साधे है।
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वर्ग-1 वेटिंग शिक्षकों का कहना है स्कूलों में विषयवार पद खाली हैं। हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी कक्षाओं के परिणाम खराब आ रहे हैं। इसके बाद भी सरकार बेरुखी दिखा रही है। पद होने के बावजूद शिक्षक शेयरिंग जेसी काम चलाऊ व्यवस्था से योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति से दूर किया जा रहा है।
भोपाल के सेकेण्ड स्टाप स्थित अंबेडकर पार्क पहुंचे वर्ग -1 वेटिंग शिक्षक प्रदेश में खाली पड़े हजारों पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षक प्रदेश सरकार की पात्रता और चयन परीक्षा में अपनी योग्यता साबित कर चुके हैं। इसके बावजूद साल 2023 में सीमित पदों पर भर्ती के कारण वे नियुक्ति से वंचित रह गए थे। तभी से ये वेटिंग शिक्षक पात्रता और चयन परीक्षा का हवाला देकर सरकार से पद वृद्धि की मांग करते आ रहे हैं। अब तक वे भोपाल में दर्जन भर से ज्यादा प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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योग्यता साबित करने पर भी निराश
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शिक्षकों ने विरोध जताने कराया मुंडन
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स्वीकृत पद बढ़े फिर भी भर्ती पर चुप्पी
स्कूल शिक्षा विभाग में पहले यह संख्या 34789 थी जो अब 48223 हो गई है। यानी उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 13533 पद बढ़ाए गए हैं। वहीं जनजातीय कार्य विभाग ने पदों की संख्या 10501 कर दी है। यानी इन पदों पर नियुक्ति की जा सकती है, लेकिन सरकार अब भी चुप्पी साधे है।
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