न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में जानतें हैं आप, तो जीत सकते हैं ट्रेक्टर, बुलेट या ई-बाइक
Manya Jain | Feb 04, 2026, 20:18 IST
what-is-msp-benefits-for-farmers-in-india
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक शानदार मौका है। अगर आप भी ट्रैक्टर, बुलेट, ई-स्कूटी और साढ़े छह करोड़ रुपए के ईनाम जीतना चाहते हैं तो MSP से जुड़ी यह खबर जरूर पढ़ें।
भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की पूरी अर्थव्यवस्था किसानों पर टिकी है। लेकिन मौसम और बाजार के कारण खेती में जोखिम रहता है। अक्सर किसानों को फसलों का सही दाम नहीं मिलता। इसी नुकसान से बचाने के लिए सरकार मदद करती है। सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देती है। यह किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। आइए समझते हैं कि आखिर एमएसपी क्या होती है।
अगर आप भी किसान MSP के बारे में जानते हैं तो आपको ये खबर आपको शानदार ईनाम पाने का मौका दिला सकती है, इसलिए इस खबर को आखिर तक ध्यान से पढ़ें।
मध्यप्रदेश सरकार के वीर भारत न्यास के तहत किसानों के लिए देश की सबसे बड़ी क्विज़ शुरू की गई है। आपका पसंदीदा मीडिया हाउस "thesootr" भी इस महापर्व का हिस्सा है। "thesootr" का मकसद है कि इस बड़ी स्पर्धा में MP का हर किसान घर बैठे अपनी भागीदारी करे और करोड़ों रुपए के इनाम जीतने का मौका पाएं।
👉क्विज में शामिल होने की जानकारी विस्तार से जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://thesootr.com/state/madhya-pradesh/veer-bharat-nyas-kisan-quiz-11037793
👉 क्विज में शामिल होने के लिए एड पर क्लिक करें...
न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP किसानों के लिए एक सुरक्षा गारंटी है। सरकार फसल की एक तय कीमत पहले ही घोषित कर देती है। बाजार भाव कम होने पर भी सरकार इसी रेट पर खरीदेगी।
इसकी शुरुआत 1960 के दशक में हरित क्रांति के दौरान हुई थी। इसका मकसद किसानों को अधिक पैदावार के लिए प्रेरित करना था। साल 1965 में कृषि मूल्य आयोग बनाया गया था। बाद में 1985 में इसका नाम CACP कर दिया गया। यही संस्था सरकार को फसल की सही कीमत तय करने की सलाह देती है।
सरकार हर साल बुवाई के मौसम से पहले 22 अनिवार्य फसलों के लिए एमएसपी की घोषणा करती है।सीएसीपी (MSP Paddy )एमएसपी तय करते समय खेती की लागत को तीन श्रेणियों में विभाजित करता है।
वर्तमान में,भारत सरकार कुल 22 फसलों के लिए एमएसपी और गन्ने के लिएउचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP)की घोषणा करती है:
MP Yuva Udyami Yojana : बिजनेस के लिए भूल जाएं पैसों की टेंशन
क्या है आयुष्मान भारत योजना, कौन-कौन उठा सकता है इसका लाभ
PM Awas Yojana 2.0 से बनेगा आपके सपनों का घर, ऐसे करें आवेदन
PM Daksh Yojana से बिना एक पैसा दिए सीखें नए हुनर, हर महीने सरकार देगी पैसा
अगर आप भी किसान MSP के बारे में जानते हैं तो आपको ये खबर आपको शानदार ईनाम पाने का मौका दिला सकती है, इसलिए इस खबर को आखिर तक ध्यान से पढ़ें।
मध्यप्रदेश सरकार के वीर भारत न्यास के तहत किसानों के लिए देश की सबसे बड़ी क्विज़ शुरू की गई है। आपका पसंदीदा मीडिया हाउस "thesootr" भी इस महापर्व का हिस्सा है। "thesootr" का मकसद है कि इस बड़ी स्पर्धा में MP का हर किसान घर बैठे अपनी भागीदारी करे और करोड़ों रुपए के इनाम जीतने का मौका पाएं।
इनाम में क्या- क्या मिलेगा...
- 55 ट्रेक्टर
- 55 बुलेट मोटर साइकल
- 55 ई-स्कूटी
👉क्विज में शामिल होने की जानकारी विस्तार से जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://thesootr.com/state/madhya-pradesh/veer-bharat-nyas-kisan-quiz-11037793
👉 क्विज में शामिल होने के लिए एड पर क्लिक करें...
न्यूनतम समर्थन मूल्य किसके लिए होता है?
इसकी शुरुआत 1960 के दशक में हरित क्रांति के दौरान हुई थी। इसका मकसद किसानों को अधिक पैदावार के लिए प्रेरित करना था। साल 1965 में कृषि मूल्य आयोग बनाया गया था। बाद में 1985 में इसका नाम CACP कर दिया गया। यही संस्था सरकार को फसल की सही कीमत तय करने की सलाह देती है।
MSP लागू करने में FCI और नेफेड जैसी संस्थाएं बहुत जरूरी हैं। जब फसल के दाम बाजार में गिरते हैं, तब ये काम आती हैं। ये एजेंसियां तय कीमत पर किसानों से फसल खरीदती हैं। इससे किसानों को घाटे से बचने में मदद मिलती है। यह व्यवस्था उन्हें आर्थिक संकट से सुरक्षित रखती है। यह किसानों की कमाई पक्की करने का अच्छा तरीका है।
एमएसपी का निर्धारण कैसे होता है?
1. लागत के विभिन्न मानक (Cost Metrics)
- A2 लागत: इसमें बीज, खाद और कीटनाशक का नकद खर्च आता है। इसमें डीजल और जमीन के किराए का पैसा भी जुड़ता है।
- A2+FL लागत: इसमें नगद खर्च के साथ परिवार की मेहनत भी शामिल है। घर के सदस्यों के श्रम का मूल्य इसमें जोड़ा जाता है।
- C2 लागत: यह खेती की पूरी और सबसे बड़ी लागत होती है। इसमें अपनी जमीन का किराया और औजारों का ब्याज भी जुड़ता है।
एमएसपी के दायरे में आने वाली फसलें
| श्रेणी | फसलें |
| अनाज (Cereals) | धान, गेहूं, मक्का, जौ, बाजरा, ज्वार और रागी। |
| दालें (Pulses) | चना, अरहर, मूंग, उड़द और मसूर। |
| तिलहन (Oilseeds) | मूंगफली, सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम और नाइजर। |
| व्यावसायिक फसलें | कपास, कच्चा जूट, खोपरा और गन्ना (FRP)। |
किसानों के लिए एमएसपी का महत्व
- बाजार के खतरे से बचाव: फसल ज्यादा होने पर दाम गिरने का डर रहता है। ऐसे में MSP किसानों (MSP wheat purchase) को बिचौलियों से बचाती है।
- गरीबों को सस्ता राशन: सरकार किसानों से अनाज खरीदकर स्टॉक जमा करती है। यही अनाज राशन की दुकानों के जरिए गरीबों को मिलता है।
- कमाई का पक्का भरोसा: किसान बुवाई से पहले ही अपनी कमाई जान लेते हैं। इससे वे खेती में खुलकर पैसा लगाने के लिए उत्साहित रहते हैं।
MP Yuva Udyami Yojana : बिजनेस के लिए भूल जाएं पैसों की टेंशन
क्या है आयुष्मान भारत योजना, कौन-कौन उठा सकता है इसका लाभ
PM Awas Yojana 2.0 से बनेगा आपके सपनों का घर, ऐसे करें आवेदन
PM Daksh Yojana से बिना एक पैसा दिए सीखें नए हुनर, हर महीने सरकार देगी पैसा
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari