मध्यप्रदेश की बेटी ने किया कमाल, जिस जगह शहीद हुए पति वहीं पत्नी ने ली पोस्टिंग
Dolly patil | Aug 15, 2024, 16:25 IST
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दीपक के शहीद होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने विशेष परिस्थिति में अनुकंपा के आधार पर रेखा का चयन माध्यमिक शिक्षक के पद पर कर लिया था। लेकिन रेखा के मन में सिर्फ देशभक्ति का जज्बा था और वो सेना में शामिल होना चाहती थी।
उमरिया के रहने वाली बेटी रेखा सिंह ने सभी के लिए एकउदाहरण दिया है। रेखा ने अपने पति दीपक सिंह के शहीद हो जाने के बाद भारतीय सेना ज्वाइन कर ली है।
दीपक सिंह के शहीद होने के बाद रेखा ने दो बार एसएसबी की परीक्षा (ssb exam) दी और दूसरे प्रयास में संघ सैनिक कमीशन (union military commission) से 2023 में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित हो गई।
रेखा की भर्ती को लेकर खास बात ये है कि उन्होंने अपनी तैनाती उसी जगह कराई है, जहां उनके पति शहीद हुए थे। जानकारी के मुताबिक दीपक सिंह 2020 में गलवान घाटी में हुए भारत-चीन झड़प में शहीद हो गए थे।
रेखा शुरू से ही पढ़ाई में काफी अच्छी थीं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने भौतिकी में एमएससी (MSc in Physics) और बीएड की डिग्री (B.Ed degree) हासिल की है। इसी के साथ रेखा ने जवाहर नवोदय विद्यालय में अतिथि शिक्षिका के रूप में भी काम किया है।
आपको बता दें कि दीपक सिंह बिहार रेजिमेंट की 16वीं बटालियन में तैनात थे। उन्हें उनकी वीरता के लिए मरणोपरांत 2021 में वीर चक्र से भी सम्मानित किया गया है।
दीपक के शहीद होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने विशेष परिस्थिति में अनुकंपा के आधार पर रेखा का चयन माध्यमिक शिक्षक के पद पर कर लिया था, लेकिन रेखा के मन में सिर्फ देशभक्ति का जज्बा था और वो सेना में शामिल होना चाहती थी।
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इसके बाद रेखा ने दो बार एसएसबी की परीक्षा (ssb exam) दी और दूसरे प्रयास में संघ सैनिक कमीशन (union military commission) से 2023 में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित हो गई।
रेखा के पिता शिवराज सिंह ने बताया कि 30 नवंबर 2019 को उन्होंने रेखा की शादी रीवा जिले के फरेंदा गांव निवासी दीपक सिंह से की थी तब दीपक सेना में नायक के पद पर तैनात थे। उनके मन में देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा था।
लेकिन शादी के 5 महीने बाद ही पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में 2020 में भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए। दीपक सिंह भी 15 जून 2020 को शहीद हो गए।
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दीपक सिंह के शहीद होने के बाद रेखा ने दो बार एसएसबी की परीक्षा (ssb exam) दी और दूसरे प्रयास में संघ सैनिक कमीशन (union military commission) से 2023 में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित हो गई।
रेखा की भर्ती को लेकर खास बात ये है कि उन्होंने अपनी तैनाती उसी जगह कराई है, जहां उनके पति शहीद हुए थे। जानकारी के मुताबिक दीपक सिंह 2020 में गलवान घाटी में हुए भारत-चीन झड़प में शहीद हो गए थे।
रेखा पढ़ाई में थी अच्छी
कहां तैनात थे दीपक
दीपक के शहीद होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने विशेष परिस्थिति में अनुकंपा के आधार पर रेखा का चयन माध्यमिक शिक्षक के पद पर कर लिया था, लेकिन रेखा के मन में सिर्फ देशभक्ति का जज्बा था और वो सेना में शामिल होना चाहती थी।
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इसके बाद रेखा ने दो बार एसएसबी की परीक्षा (ssb exam) दी और दूसरे प्रयास में संघ सैनिक कमीशन (union military commission) से 2023 में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित हो गई।
रेखा ने क्या कहा
लेकिन शादी के 5 महीने बाद ही पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में 2020 में भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए। दीपक सिंह भी 15 जून 2020 को शहीद हो गए।
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