एमपी के शहरों में पानी की शुद्धता जांचेंगी 10 हजार महिला अमृत मित्र

इंदौर हादसे के बाद MP सरकार अलर्ट, 10 हजार महिला अमृत मित्र करेंगी पानी की जांच। लापरवाह ठेकेदारों पर गिरेगी गाज, अब सीवरेज और पेयजल लाइन नहीं होगी मिक्स।

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Ramanand Tiwari
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10 thousand women Amrit Mitra will check the purity of water in MP cities

Photograph: (the sootr)

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NEWS IN SHORT

  • इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के बाद पानी की गुणवत्ता की निगरानी बढ़ाई जाएगी।
  • 10 हजार महिला अमृत मित्रों को शहरी इलाकों में पानी की जांच के लिए तैनात किया जाएगा।
  • जल और सीवरेज लाइन को एक साथ जोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • हर महीने जल और सीवरेज परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी, ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।
  • लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट और टर्मिनेट किया जाएगा, जैसे वाज इंडिया और अन्य। 

NEWS IN DETAIL

BHOPAL. इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद मध्यप्रदेश सरकार हरकत में आ गई है। अब शहरी इलाकों में पीने के पानी की गुणवत्ता पर सीधी और सख्त निगरानी होगी। इसके लिए प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 10 हजार महिला अमृत मित्रों को तैनात करने का फैसला किया गया है। साथ ही पानी और सीवरेज परियोजनाओं में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई भी तय मानी जा रही है। 

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पानी की शुद्धता पर अब महिला अमृत मित्रों की नजर

मध्य प्रदेश सरकार ने तय किया है कि अब शहरों में पानी की जांच केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। एमपी अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (MPUDC) के माध्यम से 10 हजार महिला अमृत मित्रों को फील्ड में उतारा जाएगा। ये अमृत मित्र नियमित रूप से पानी की स्वच्छता की जांच करेंगी और गड़बड़ी की सूचना देंगी।

जल और सीवरेज लाइन मिलना अब बर्दाश्त नहीं

नगरीय प्रशासन आयुक्त और एमपीयूडीसी के एमडी संकेत भोंडवे ने साफ कहा है कि किसी भी हालत में जल प्रदाय लाइन को सीवरेज लाइन से नहीं जोड़ा जाए। ऐसा होने से पेयजल दूषित होता है और लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ता है। सभी निकायों को इस पर सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं।

हर महीने होगी सभी परियोजनाओं की समीक्षा अब जल प्रदाय और सीवरेज से जुड़ी सभी परियोजनाओं की समीक्षा हर महीने होगी। खास बात यह है कि इन बैठकों की अध्यक्षता खुद संकेत भोंडवे करेंगे। अब देरी, लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता करने वालों को आसानी से नहीं छोड़ा जाएगा।

खराब प्रदर्शन पर ठेकेदारों पर गिरी गाज

समीक्षा के दौरान कई ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 

  • बुधनी एकीकृत विकास परियोजना के ठेकेदार वाज इंडिया को टर्मिनेट और ब्लैकलिस्ट करने के आदेश
  • पसान में मुख्य ठेकेदार के सब-कॉन्ट्रेक्टर कात्यानी को ब्लैकलिस्ट
  • शहडोल सीवरेज परियोजना में सब-कॉन्ट्रेक्टर ईफिल पर ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई
  • सांची सीवरेज परियोजना के ठेकेदार 3 आरएम को भी ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
  • ईपीसीएल को प्रदर्शन न सुधरने पर ठेका खत्म करने की अंतिम चेतावनी

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इंदौर की घटना के बाद पानी की गुणवत्ता पर सख्ती

शहरी इलाकों में 10 हजार महिला अमृत मित्र तैनात होंगी। जल लाइन और सीवरेज लाइन को अलग रखने के सख्त निर्देश दिए गए है। सभी जल और सीवरेज परियोजनाओं की मासिक समीक्षा की जाएगी। लापरवाह ठेकेदारों पर टर्मिनेशन और ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई होगी। 

मध्य प्रदेश सरकार सीवरेज लाइन ब्लैकलिस्ट भागीरथपुरा
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