राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में अजब हाल: 89 अफसरों पर अतिरिक्त काम, 24 एपीओ; कई 30 दिन से ज्यादा खाली

Ashish Bhardwaj | Oct 11, 2026, 12:47 IST
Share
89 अफसरों के पास 2 से 8 विभाग
89 अफसरों के पास 2 से 8 विभाग

राजस्थान में 89 आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और आरएएस अफसरों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी है। कुछ अफसर 6 से 8 विभागों का काम संभाल रहे हैं। 24 अफसर एपीओ की स्थिति में हैं और कोई नियमित जिम्मेदारी नहीं है। एपीओ नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस असंतुलन से पूरे प्रशासन पर असर पड़ सकता है।

प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी इन दिनों दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ 89 अफसरों पर अपने विभाग के साथ दो या उससे ज्यादा विभागों की जिम्मेदारी है। कुछ अफसर तो 6 से 8 विभागों का काम संभाल रहे हैं। दूसरी तरफ 24 बड़े अफसरों के पास हाजिरी लगाने के अलावा कोई काम नहीं है।

89 अफसरों पर दोहरा बोझ

प्रदेश के 89 आईएएस (IAS – Indian Administrative Service), आईपीएस (IPS – Indian Police Service), आईएफएस (IFS – Indian Forest Service) और आरएएस (RAS – Rajasthan Administrative Service) अफसर दोहरा बोझ उठा रहे हैं। इनके पास अपने विभाग के साथ दो या ज्यादा विभागों का अतिरिक्त प्रभार है।

6 से 8 विभागों तक का जिम्मा

कुछ अफसरों के पास तो 6 से 8 विभागों तक का काम है। बैठकों, मंत्रियों के निर्देश और सरकार के आदेशों की पालना का काम अलग है। ऐसे में सभी जिम्मेदारियां निभाना इन अफसरों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

रोज 300 से 500 फाइलें

आम तौर पर एक अफसर रोज करीब 100 फाइलें पास करता है। लेकिन अतिरिक्त प्रभार के चलते इन अफसरों के पास रोज 300 से 500 फाइलें आने का अनुमान है। यानी सामान्य से तीन से पांच गुना ज्यादा फाइलों का दबाव है।

फील्ड दौरे और निरीक्षण पर असर

इसका सबसे ज्यादा असर फील्ड दौरों और निरीक्षण पर पड़ रहा है। अतिरिक्त प्रभार वाले जिलों, विभागों और निदेशालयों का नियमित दौरा नहीं हो पा रहा। इससे सरकारी योजनाओं की निगरानी प्रभावित होने की आशंका है। सेवाओं की समय पर डिलीवरी पर भी असर पड़ सकता है। अगर आपका कोई सरकारी काम अटका है, तो उसकी एक वजह यह भी हो सकती है।

24 अफसर एपीओ, सिर्फ हाजिरी

दूसरी तरफ 24 अफसर एपीओ हैं। इनमें 6 महिला अफसर शामिल हैं। ये अफसर सिर्फ अपनी हाजिरी दे रहे हैं। काम के इतने दबाव के बीच इन अफसरों को जिम्मेदारी न मिलना प्रशासनिक संसाधनों के इस्तेमाल पर सवाल खड़े करता है।

क्या होता है एपीओ

एपीओ (APO – Awaiting Posting Orders) यानी पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा। इस दौरान अफसर को कोई नियमित पद या जिम्मेदारी नहीं मिलती। अफसरों की तैनाती और एपीओ से जुड़े आदेश कार्मिक विभाग की ओर से जारी होते हैं।

कौन-कौन एपीओ

आईएएस अंबरीश कुमार 24 अगस्त से और शिवेन्द्र प्रताप 22 सितंबर से एपीओ हैं। आईपीएस माधव उपाध्याय 6 महीने से एपीओ हैं। आईएफएस हेमंत सिंह डेपुटेशन से लौटने के बाद से एपीओ चल रहे हैं।

आरएएस अफसर एपीओ की सूची भी लंबी है। आशु चौधरी 18 अगस्त से, पिंकी मीणा 17 अगस्त से और रंजीता गौतम 19 अगस्त से एपीओ हैं। मोनिका सामोर 12 अगस्त से और सुधा रानी मीना 20 अगस्त से एपीओ हैं। प्रियंका बड़गुर्जर 5 अक्टूबर से और हनुमान सिंह राठौड़ 3 अक्टूबर से एपीओ हैं।

5 अक्टूबर से अजय कुमार आर्य, परसाराम और लक्ष्मीकांत कटारा एपीओ हैं। इसी तारीख से भंवरलाल जनागल, मांगीलाल, सुनील कुमार झिंगोनिया और अरुण जैन भी एपीओ हैं। हेमंत कुमार 7 अक्टूबर से एपीओ हैं। इनके अलावा सचिवालय सेवा के 4 अफसर भी एपीओ हैं।

क्या कहते हैं एपीओ रूल्स

प्रदेश में किसी अफसर या कर्मचारी को 30 दिन से ज्यादा एपीओ नहीं रखा जा सकता। किसी वजह से ज्यादा समय तक एपीओ रखना जरूरी हो, तो वित्त विभाग की पूर्व मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए ठोस कारण भी बताना अनिवार्य है। एपीओ रूल्स के मुताबिक एपीओ को सजा, साइडलाइन करने या दबाव बनाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

कई अफसर 30 दिन से ज्यादा से एपीओ

11 अक्टूबर तक के हिसाब से देखें तो कई अफसर 30 दिन की सीमा पार कर चुके हैं। मोनिका सामोर करीब 60 दिन से एपीओ हैं। पिंकी मीणा, आशु चौधरी, रंजीता गौतम और सुधा रानी मीना 50 दिन से ज्यादा से एपीओ हैं। अंबरीश कुमार करीब 48 दिन से और माधव उपाध्याय 6 महीने से एपीओ हैं।

राजस्थान पंचायत चुनाव: बीजेपी 11 को, कांग्रेस 12 को जारी कर सकती है पहली लिस्ट | Rajasthan Panchayat Elections: BJP can release the first list on 11th, Congress on 12th
राजस्थान पंचायत चुनाव: बीजेपी 11 अक्टूबर को जारी कर सकती है पहली लिस्ट, कांग्रेस में 12 अक्टूबर तक उम्मीदवार तय होने के आसार
10 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए बीजेपी और कांग्रेस में उम्मीदवारों के चयन को लेकर बैठकों का दौर तेज हो गया है। बीजेपी 11 अक्टूबर को पहली लिस्ट जारी कर सकती है, जबकि कांग्रेस की सूची 12 अक्टूबर को आने की संभावना है। पहले चरण में 16 जिलों में चुनाव होंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर है।
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए बीजेपी और कांग्रेस में उम्मीदवारों के चयन को लेकर बैठकों का दौर तेज हो गया है। बीजेपी 11 अक्टूबर को पहली लिस्ट जारी कर सकती है, जबकि कांग्रेस की सूची 12 अक्टूबर को आने की संभावना है। पहले चरण में 16 जिलों में चुनाव होंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर है।

नियम की अनदेखी

नियम यह भी है कि 30 दिन से ज्यादा एपीओ वाले मामलों की जानकारी हर महीने भेजी जाए। यह जानकारी मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय को जानी चाहिए। लेकिन यह रिपोर्ट नहीं भेजी जा रही।

SMS हॉस्पिटल में रिटायर्ड डॉक्टरों को यूनिट हेड बनाने पर सवाल: नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब | Questions raised on making retired doctors Unit Heads in SMS Hospital: Leader of Opposition seeks answer from government
SMS हॉस्पिटल में रिटायर्ड डॉक्टरों को यूनिट हेड बनाने पर सवाल, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
10 Oct 2026 ,
By Saurabh Mishra
जयपुर के सवाई मान सिंह हॉस्पिटल (SMS Hospital) में रिटायरमेंट के बाद दोबारा रखे गए डॉक्टरों को यूनिट हेड और दूसरे बड़े पद देने पर सवाल उठे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा में सवाल लगाकर ऐसे डॉक्टरों और उनकी नियुक्ति से जुड़े नियमों की जानकारी मांगी है। अस्पताल में चार से ज्यादा रिटायर्ड डॉक्टर काम कर रहे। इनमें कुछ को यूनिट हेड और दूसरी जिम्मेदारियां दी गई ।
जयपुर के सवाई मान सिंह हॉस्पिटल (SMS Hospital) में रिटायरमेंट के बाद दोबारा रखे गए डॉक्टरों को यूनिट हेड और दूसरे बड़े पद देने पर सवाल उठे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा में सवाल लगाकर ऐसे डॉक्टरों और उनकी नियुक्ति से जुड़े नियमों की जानकारी मांगी है। अस्पताल में चार से ज्यादा रिटायर्ड डॉक्टर काम कर रहे। इनमें कुछ को यूनिट हेड और दूसरी जिम्मेदारियां दी गई ।

रिपोर्ट भी नहीं भेजी जा रही

सवाल यह है कि जब नियम साफ हैं, तो उनकी पालना क्यों नहीं हो रही? क्या इन अफसरों को ज्यादा समय तक एपीओ रखने के लिए वित्त विभाग की मंजूरी ली गई है? Rajasthan bureaucracy की इस तस्वीर पर अब जवाबदेही की मांग उठ रही है। Rajasthan IAS से लेकर आरएएस अफसरों तक, यह असंतुलन पूरे प्रशासन पर असर डाल रहा है।

गहलोत का तीखा हमला:
गहलोत का तीखा हमला, जनता के सवालों का जवाब नहीं, तो विपक्ष पर लगा रहे विदेशी ताकतों का ठप्पा
10 Oct 2026 ,
By Mukesh Sharma
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के ताजा आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। गहलोत का कहना है कि भाजपा लोकतंत्र में विश्वास ही नहीं रखती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष को देश-विरोधी साबित करने की कोशिश कर रही है और यह कि सत्ताधारी पार्टी ने दिल्ली को एक छावनी में तब्दील कर दिया है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन के ताजा आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। गहलोत का कहना है कि भाजपा लोकतंत्र में विश्वास ही नहीं रखती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष को देश-विरोधी साबित करने की कोशिश कर रही है और यह कि सत्ताधारी पार्टी ने दिल्ली को एक छावनी में तब्दील कर दिया है।
Tags:
  • 24 अफसर एपीओ
  • राजस्थान ब्यूरोक्रेसी
  • एपीओ रूल्स
  • फाइलों का दबाव
  • आरएएस अफसर एपीओ
  • कार्मिक विभाग
  • Rajasthan bureaucracy
  • Rajasthan IAS
सस्ती छोड़ महंगी शराब के दीवाने हुए भारतीय: 6.18 लाख करोड़ के पार पहुंचा बाजार, राज्यों को 19% टैक्स कमाई

By Aman Vaishnav

सस्ती छोड़ महंगी शराब के दीवाने हुए भारतीय: 6.18 लाख करोड़ के पार पहुंचा बाजार, राज्यों को 19% टैक्स कमाई
भगवान के नाम पर दर्ज ज़मीन, अब मुआवजा किसे दे सरकार, जानिए इस अनोखे मामले की पूरी सच्चाई

By Arun Tiwari

भगवान के नाम पर दर्ज ज़मीन, अब मुआवजा किसे दे सरकार, जानिए इस अनोखे मामले की पूरी सच्चाई
भोपाल की चक्की में पिस रहे जहर वाले मसाले? हल्दी में लेड क्रोमेट, तो मिर्च पाउडर में धड़ल्ले से मिल रहा ईंट का चूरा

By Manya Jain

भोपाल की चक्की में पिस रहे जहर वाले मसाले? हल्दी में लेड क्रोमेट, तो मिर्च पाउडर में धड़ल्ले से मिल रहा ईंट का चूरा
सिंहासन छत्तीसी : मिनिस्टर बनने विधायक की बगलामुखी मंदिर में तंत्र पूजा,मंत्री का पीए बनने 50 पेटी का ऑफर,चुनावी सर्वे से सनसनी

By Arun Tiwari

सिंहासन छत्तीसी : मिनिस्टर बनने विधायक की बगलामुखी मंदिर में तंत्र पूजा,मंत्री का पीए बनने 50 पेटी का ऑफर,चुनावी सर्वे से सनसनी
जनता से बोले 5 बच्चे पैदा करो, पर खुद के कितने? जानें सलाह देने वाले इन नेता-धर्मगुरुओं की हकीकत

By Aman Vaishnav

जनता से बोले 5 बच्चे पैदा करो, पर खुद के कितने? जानें सलाह देने वाले इन नेता-धर्मगुरुओं की हकीकत
2 करोड़ की रिश्वत मामला: ट्रैप से पहले 3 दिन तक बातचीत रिकॉर्ड करती रही ACB

By Ashish Bhardwaj

2 करोड़ की रिश्वत मामला: ट्रैप से पहले 3 दिन तक बातचीत रिकॉर्ड करती रही ACB
धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा: बुंदेलखंड के 5 जिलों से गुजरेगी, 15 अक्टूबर को टीकमगढ़ में होगा समापन

By Arohi Raj

धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा: बुंदेलखंड के 5 जिलों से गुजरेगी, 15 अक्टूबर को टीकमगढ़ में होगा समापन