SMS हॉस्पिटल में रिटायर्ड डॉक्टरों को यूनिट हेड बनाने पर सवाल, नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब

Saurabh Mishra | Oct 10, 2026, 18:30 IST
Share
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने SMS हॉस्पिटल में रिटायर्ड डॉक्टरों को यूनिट हेड बनाने पर सवाल उठाए हैं। <br>
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने SMS हॉस्पिटल में रिटायर्ड डॉक्टरों को यूनिट हेड बनाने पर सवाल उठाए हैं।

जयपुर के सवाई मान सिंह हॉस्पिटल (SMS Hospital) में रिटायरमेंट के बाद दोबारा रखे गए डॉक्टरों को यूनिट हेड और दूसरे बड़े पद देने पर सवाल उठे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा में सवाल लगाकर ऐसे डॉक्टरों और उनकी नियुक्ति से जुड़े नियमों की जानकारी मांगी है। अस्पताल में चार से ज्यादा रिटायर्ड डॉक्टर काम कर रहे। इनमें कुछ को यूनिट हेड और दूसरी जिम्मेदारियां दी गई ।

राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी सवाई मान सिंह अस्पताल (SMS Hospital) में रिटायर्ड डॉक्टरों को बड़े पद देने पर फिर सवाल उठे हैं। इन डॉक्टरों को रिटायरमेंट के बाद दोबारा नौकरी पर रखा गया था। लेकिन कुछ डॉक्टरों को उनके तय पद के अलावा यूनिट हेड और दूसरी बड़ी जिम्मेदारियां भी दे दी गईं। अब मामला राजस्थान विधानसभा तक पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली (Tikaram Jully) ने सरकार से पूछा है कि इन डॉक्टरों को किस नियम के तहत बड़े पद दिए गए?

टीकाराम जूली ने पूछा है कि सवाई मान सिंह हॉस्पिटल (SMS Hospital) में ऐसे कितने डॉक्टर हैं, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद पे माइनस पेंशन के आधार पर फिर से अस्पताल में नौकरी दी गई है। इनमें से कितने डॉक्टर यूनिट हेड की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं? जूली ने सरकार से उन नियमों की जानकारी भी मांगी है, जिनके आधार पर रिटायर हो चुके डॉक्टरों को ऐसी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

SMS अस्पताल में रिटायर्ड डॉक्टरों को यूनिट हेड बनाने पर विवाद

सूत्रों के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष का सवाल राजस्थान के चिकित्सा शिक्षा विभाग तक पहुंचने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। खासकर उन डॉक्टरों की नियुक्तियों को लेकर सवाल उठ रहे, जिन्हें दोबारा नौकरी पर रखने के बाद उनके तय पद के अलावा दूसरी जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।

दरअसल, सरकार कई बार अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं जारी रखने के लिए उन्हें रिटायरमेंट के बाद दोबारा नियुक्त करती है। ऐसी नियुक्तियां पे माइनस पेंशन (Pay Minus Pension) के आधार पर होती हैं।


पे माइनस पेंशन होता क्या?

पे माइनस पेंशन (Pay Minus Pension) का मतलब है कि किसी रिटायर्ड कर्मचारी या अधिकारी को दोबारा नौकरी पर रखने के बाद उसके तय वेतन में से पेंशन की रकम घटाकर भुगतान किया जाता। इसे ऐसे समझिए कि किसी रिटायर्ड डॉक्टर को दोबारा नौकरी पर रखने के बाद उसका वेतन 1 लाख रुपए तय किया गया। उसे पहले से 40 हजार रुपए मासिक पेंशन मिल रही। ऐसे में विभाग उसे वेतन के रूप में 60 हजार रुपए देगा। उसकी 40 हजार रुपए पेंशन अलग से मिलती रहेगी। यानी डॉक्टर को कुल 1 लाख रुपए मिलेंगे।

इस मामले में विवाद डॉक्टरों को दोबारा रखने पर नहीं है। सवाल यह है कि क्या दोबारा नियुक्त डॉक्टर को उस पद के अलावा यूनिट हेड या किसी दूसरे प्रशासनिक पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है?

जनवरी 2019 में पे-माइनस पेंशन से जुड़े नियम जारी हुए थे

सूत्रों का कहना है कि राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने जनवरी 2019 में पे माइनस पेंशन पर नियुक्ति से जुड़े नियम जारी किए थे। इनके मुताबिक, किसी रिटायर्ड अधिकारी या कर्मचारी को जिस पद पर दोबारा नियुक्त किया जाता है, उसे उसी पद पर काम करना होता है। दावा किया जा रहा है कि इन नियमों में दोबारा नियुक्त व्यक्ति को किसी दूसरे पद का अतिरिक्त कार्यभार देने की व्यवस्था नहीं है।

इसके बावजूद कई विभागों में विभागाध्यक्ष अपने स्तर पर ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों को दूसरी जिम्मेदारियां भी सौंप देते। SMS हॉस्पिटल में कुछ डॉक्टरों को यूनिट हेड और दूसरे पद देने पर इसी आधार पर सवाल उठाए जा रहे। हालांकि, इन नियुक्तियों में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, यह विभाग के आधिकारिक जवाब और संबंधित नियुक्ति आदेशों की जांच के बाद ही साफ होगा।

SMS हॉस्पिटल में चार से ज्यादा रिटायर्ड डॉक्टर दोबारा नियुक्त

जानकारी के मुताबिक, SMS हॉस्पिटल में इस समय चार से ज्यादा सीनियर डॉक्टर ऐसे हैं, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद पे माइनस पेंशन पर दोबारा रखा गया है। इनमें कुछ डॉक्टर अपने विभाग में इलाज और पढ़ाई से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वहीं, कुछ को यूनिट हेड या दूसरे प्रशासनिक पदों पर भी लगाया गया है। जिन डॉक्टरों की जिम्मेदारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनमें कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और डर्मेटोलॉजी विभाग के डॉक्टर शामिल हैं। इसके अलावा अस्पताल के उपाधीक्षक पद की जिम्मेदारी भी चर्चा में है।


किन डॉक्टरों को SMS हॉस्पिटल में कौन-सी जिम्मेदारी मिली?

जानकारी के मुताबिक, SMS हॉस्पिटल में रिटायरमेंट के बाद दोबारा नियुक्त किए गए कई डॉक्टरों को अहम जिम्मेदारियां दी गईं। इनमें कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. एसएम. शर्मा और नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ धनंजय अग्रवाल को यूनिट हेड बनाया गया। वहीं, डर्मेटोलॉजी विभाग के डॉक्टर दीपक माथुर को अस्पताल के डर्मेटोलॉजी क्लिनिक का इंचार्ज बनाया गया है।

इसके अलावा राजस्थान मेडिकल काउंसिल (Rajasthan Medical Council) के चेयरमैन डॉ. जगदीश मोदी के पास रिटायरमेंट के बाद भी SMS हॉस्पिटल में उपाधीक्षक की जिम्मेदारी बनी हुई। वहीं, डॉ. राजेश शर्मा को एनेस्थीसिया विभाग में प्रोफेसर के पद पर दोबारा नियुक्त किया गया है। हालांकि, उनके मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि उन्हें नियुक्ति के समय तय पद के अलावा कोई दूसरी जिम्मेदारी भी दी गई है या नहीं।

SMS अस्पताल में यूनिट हेड बनने पर विवाद क्यों?

SMS अस्पताल में यूनिट हेड की जिम्मेदारी केवल मरीजों के इलाज तक सीमित नहीं होती। यूनिट हेड अपनी यूनिट के कामकाज, डॉक्टरों की ड्यूटी और इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं में अहम भूमिका निभाता है।

इसी तरह क्लिनिक इंचार्ज और उपाधीक्षक जैसे पदों पर भी इलाज के साथ अस्पताल की व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिस डॉक्टर को सरकार ने किसी खास पद पर दोबारा नियुक्त किया, उसे अलग से प्रशासनिक जिम्मेदारी देने का अधिकार किसके पास है। यह भी देखना होगा कि संबंधित डॉक्टरों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देने से पहले सरकार से मंजूरी ली गई थी या अस्पताल प्रशासन ने अपने स्तर पर आदेश जारी किए थे।


राजस्थान विधानसभा में सरकार के जवाब पर टिकी नजर

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सवाल के बाद अब चिकित्सा शिक्षा विभाग को ऐसे डॉक्टरों की नियुक्ति और उनकी जिम्मेदारियों से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर जवाब देना होगा। इससे साफ होगा कि सवाई मान सिंह हॉस्पिटल में कितने डॉक्टर रिटायरमेंट के बाद पे माइनस पेंशन पर काम कर रहे और जॉइनिंग के बाद उन्हें मूल पद के अलावा कौन-कौन सी जिम्मेदारी अलग से दी गई।
Tags:
  • SMS अस्पताल
  • sms hospital
  • pay minus pension
  • सवाई मान सिंह अस्पताल
  • Tikaram Jully
  • टीकाराम जूली
  • राजस्थान
  • एसएमएस अस्पताल
  • Rajasthan Medical Council)
एक ही फंदे पर झूलता मिला प्रेमी जोड़ा, सुसाइड से पहले निभाई शादी की रस्में, इंस्टाग्राम पर हुई थी दोनों की दोस्ती

By Sanjay Dhiman

एक ही फंदे पर झूलता मिला प्रेमी जोड़ा, सुसाइड से पहले निभाई शादी की रस्में, इंस्टाग्राम पर हुई थी दोनों की दोस्ती
राजस्थान की चिट्ठी: कहीं जेलर बनी बंदी, कहीं खाकी पर सवाल; सियासत में बदले सुर और रिश्तों का हाल

By Saurabh Mishra

राजस्थान की चिट्ठी: कहीं जेलर बनी बंदी, कहीं खाकी पर सवाल; सियासत में बदले सुर और रिश्तों का हाल
"ऑपरेशन विषनहस": नेपाल में छुपकर बैठा 75 हजार का इनामी और टॉप-25 नार्को अपराधी सोहनलाल गिरफ्तार

By Ashish Bhardwaj

"ऑपरेशन विषनहस": नेपाल में छुपकर बैठा 75 हजार का इनामी और टॉप-25 नार्को अपराधी सोहनलाल गिरफ्तार
MBBS के बाद UPSC में 20वीं रैंक, होम कैडर छोड़ छत्तीसगढ़ चुना, जानिए आईएएस डॉ कमलप्रीत सिंह की प्रेरक कहानी

By VINAY VERMA

MBBS के बाद UPSC में 20वीं रैंक, होम कैडर छोड़ छत्तीसगढ़ चुना, जानिए आईएएस डॉ कमलप्रीत सिंह की प्रेरक कहानी
छत्तीसगढ़ में चार लोगों की सनसनीखेज हत्या: डोंगरगढ़ में मां-बेटे का कत्ल, रायपुर में बुजुर्ग पति-पत्नी की हत्या

By Harrison Masih

छत्तीसगढ़ में चार लोगों की सनसनीखेज हत्या: डोंगरगढ़ में मां-बेटे का कत्ल, रायपुर में बुजुर्ग पति-पत्नी की हत्या
सड़क किनारे स्कूटी खड़ी कर पान खा रहे थे कारोबारी, पलक झपकते ही स्कूटी की डिग्गी से 10 लाख रुपए पार

By Umeshwari Baghel

सड़क किनारे स्कूटी खड़ी कर पान खा रहे थे कारोबारी, पलक झपकते ही स्कूटी की डिग्गी से 10 लाख रुपए पार
जीतू पटवारी ने जंतर मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी को घेरा, बोले युवाओं की आवाज दबा रही सरकार, दिल्ली में युद्ध जैसे हालात

By Sanjay Dhiman

जीतू पटवारी ने जंतर मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी को घेरा, बोले युवाओं की आवाज दबा रही सरकार, दिल्ली में युद्ध जैसे हालात