राजू ठेहट की हत्या के सालभर बाद गोगामेड़ी पर फायर, एक ही जैसा वारदात करने का तरीका, आखिर क्या है कनेक्शन?

Chandresh Sharma | Dec 07, 2023, 24:00 IST
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राजू ठेहट की हत्या के सालभर बाद गोगामेड़ी पर फायर, एक ही जैसा वारदात करने का तरीका, आखिर क्या है कनेक्शन?
राजू ठेहट की हत्या के सालभर बाद गोगामेड़ी पर फायर, एक ही जैसा वारदात करने का तरीका, आखिर क्या है कनेक्शन?

राजस्थान के सीकर में सालभर पहले हुई गैंगवार के बाद जयपुर में गोगामेड़ी की हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसका कारण दोनों हत्याकांड में वारदात का तरीका एक ही होना बताया जा रहा है।

मनीष गोधा, JAIPUR. राजस्थान के सीकर में सालभर पहले हुई गैंगवार के बाद जयपुर में गोगामेड़ी की हत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसका कारण दोनों हत्याकांड में वारदात का तरीका एक ही होना बताया जा रहा है।

सेल्फी लेने के बहाने नजदीक पहुंचे थे शूटर्स

दरअसल, पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में ही गैंगस्टर राजू ठेहट की हत्या की गई थी। इसमें भी हत्यारे सेल्फी लेने के बहाने राजू तक पहुंचे और घर के बाहर ही धड़ाधड़ गोलियां चलाकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके एक साल बाद ही कुछ इसी तरीके को अपनाकर हत्यारे सुखदेव सिंह गोगामेडी के घर तक पहुंचे, हालांकि इस बार हत्यारों ने गोगामेडी के परिचित नवीन को भरोसे में लेकर वारदात को घर के अंदर ही अंजाम दिया। आपको यह जानकर हैरानी होगी की राजू ठेहट हत्याकांड की जिम्मेदारी भी रोहित स्वामी उर्फ रोहित गोदारा ने ही ली थी और इस बार भी ऐसा ही हुआ है।

धमकियों के बाद सतर्क हो गए थे गोगामेड़ी

यहां एक बात और खास है कि गोगामेडी को लगातार मिल रही धमकियों के बाद वह काफी सतर्क हो गए थे और उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की थी जब उनकी मांग पर कोई गौर नहीं किया गया तो उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए पर्सनल गार्ड तैनात कर रखे थे। इसी के चलते गोगामेडी ने घर के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए थे। अब यह बात यहां पुलिस पर सवाल भी खड़े करती है कि आखिर राजू ठेहट हत्याकांड के बाद गोगामेडी को लेकर सतर्कता क्यों नहीं बरती गई?

कौन है गोगामेड़ी जिनके लिए खड़ा हुआ सर्व समाज

सुखदेव सिंह गोगामेडी राष्ट्रीय राजपूत करणी सेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और राजपूत समाज में उनका बड़ा दबदबा था। गौ सेवा सहित सर्व समाज के हितेषी माने जाने वाले सुखदेव सिंह हर समाज को अपना समझते थे। ऐसे में उनकी लोकप्रियता भी सभी समाजों में काफी थी। इतने बड़े सामाजिक व्यक्ति की दिनदहाड़े घर में घुसकर हत्या होने से सर्व समाज में रोष का माहौल है। हत्याकांड के बाद से ही पूरे राजस्थान में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और उनके लिए न्याय की मांग की जा रही है। राजपूत समाज के लोगों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित सहमति नहीं बनती है तब तक विरोध जारी रहेगा।

हालांकि, बताया जा रहा है कि प्रकरण में अब तक कई मांगों पर मौखिक रूप से सहमति बन चुकी है जिनमें मुआवजा देने, परिजनों की सुरक्षा, हत्याकांड की एनआईए से जांच सहित आरोपियों की गिरफ्तारी प्रमुख है।

पुलिस की जांच में कई पहलुओं से सामना

पुलिस की ओर से आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनके नाम नितिन फौजी और रोहित सिंह बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार नितिन फौजी हरियाणा के महेंद्रगढ़ का रहने वाला है और रोहित मकराना निवासी बताया जा रहा है। अभी तक सामने आया है कि नितिन के घर वालों को हत्याकांड की कोई जानकारी नहीं थी, वीडियो वायरल होने पर ही उन्हें इसका पता चला। वहीं पुलिस इस बात की तह तक भी जाने की कोशिश कर रही है कि कैसे नितिन फौजी रोहित की गैंग के संपर्क में आया और क्यों उसने इस हत्याकांड में साथ दिया? हालांकि पुलिस दोनों ही शूटर के ठिकानों पर दबिश देकर जांच में जुटी है। पुलिस ने अभियुक्तों की जानकारी देने वालों को 5 लाख रुपए का इनाम देने की बात भी कही है।

गृह मंत्रालय की राजस्थान पर पूरी नजर

गोगामेड़ी के हत्याकांड के बाद राजस्थान में उपजी तनाव की स्थिति पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय की नजर बनी हुई है। यहां कुछ स्थानों पर RAF की कंपनियां तैनात की गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यपाल कलराज मिश्र से भी फोन पर बात करके जानकारी ली है।

कौन है हत्याकांड का जिम्मेदार?

पुलिस के अनुसार वारदात रोहित स्वामी (गोदारा) गैंग ने की है। बताया जा रहा है कि गोदारा और गोगामेड़ी के बीच काफी समय से रंजीश चल रही थी। आपको बता दें कि यह वांटेड रोहित स्वामी है जो कि अपने नाम के आगे गोदारा लगाता है। मुलत: यह बीकानेर के कालू थाने का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ राजस्थान और पंजाब में डेढ दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं फिलहाल यह देश के बाहर से ही गैंग चला रहा है।

नहीं किया जा सकता साजिश से इनकार

शहर में एकाएक हुए इतने बड़े हत्याकांड के बाद समाज के कई लोगों द्वारा साजिश होने की भी आशंका जताई जा रही है। समाज से जुड़े कुछ लोगों का यह कहना है कि अमूमन गोगामेडी के साथ उनके सुरक्षा गार्ड रहते थे लेकिन आचार संहिता होने के कारण उनके हथियार पहले ही पुलिस के पास जमा थे, जिसका हथियारों को पहले ही पता था। ऐसे में हत्यारों ने पूरी प्लानिंग की।

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