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Photograph: (the sootr)
News In Short
- अजमेर में 10वीं कक्षा की छात्रा ने स्कूल टीचर्स के टॉर्चर से परेशान होकर जहर खा लिया।
- छात्रा ने आत्महत्या के प्रयास से पहले सुसाइड नोट छोड़ा, टीचर्स पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप।
- छात्रा की मां ने स्कूल पर आरोप लगाया कि टीचर्स ने उसके अंकों पर नकारात्मक प्रभाव डाला।
- स्कूल ने 29 जनवरी को छात्रा को एडमिट कार्ड न देने का नोटिस भेजा, जिससे मानसिक दबाव बढ़ा।
- पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्कूल प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है।
News In Detail
राजस्थान में अजमेर में टीचर के टॉर्चर का दुखद पहलू सामने आया है। इसमें 10वीं कक्षा की एक0 छात्रा ने स्कूल टीचर के टॉर्चर से परेशान होकर जहर खा लिया। छात्रा ने सुसाइड नोट छोड़ा है। इस सुसाइड नोट में छात्रा ने टीचर पर लगातार दबाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए है। छात्रा का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
सुसाइड लिखा है सुसाइड नोट में
छात्रा ने आत्महत्या के प्रयास से पहले जो सुसाइड नोट छोड़ा, उसमें उसने अपनी मां और भाई से माफी मांगी और बताया कि वह स्कूल में टॉर्चर हो रही थी। उसने लिखा, "सॉरी मम्मी और भैया, मैं आपकी उम्मीद पर सही साबित नहीं हो पाई... मुझे स्कूल जाना अच्छा नहीं लगता था। वहां पर सभी मुझे टॉर्चर करते थे और कोई मुझसे बात नहीं करता था।"
यह कहते थे स्कूल टीचर
यह स्पष्ट था कि छात्रा को स्कूल में मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। वह कहती है, "अगर कोई मुझसे बात करता था, तो टीचर्स कहते थे कि वह अच्छी लड़की नहीं है। मेरी स्कूल और क्लास में सिर्फ एक दोस्त थी, और उसके माता-पिता को भी बुलाकर टीचर्स ने कहा कि वह मेरे साथ नहीं रह सकते।"
स्कूल पर गंभीर आरोप
छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि स्कूल में टीचर्स द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। वे कहते थे कि लड़की की संगत ठीक नहीं है। इसके कारण उसके दोस्तों के अंकों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। मां का कहना था कि उन्होंने कई बार स्कूल के चक्कर लगाए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वाट्सऐप गुप पर भेजा नोटिस
इसके अलावा, 29 जनवरी को स्कूल की तरफ से एक वाट्सऐप ग्रुप पर नोटिस भेजा गया था कि छात्रा की अटेंडेंस कम होने के कारण उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया जाएगा। छात्रा इस नोटिस को पढ़ने के बाद मानसिक दबाव में आ गई और जहर खा लिया।
इलाज और बचाव
परिजनों ने बच्ची को तुरंत एंबुलेंस से जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर बताते हुए ऑपरेशन किया। हालांकि, अब बच्ची खतरे से बाहर है और उसका इलाज जारी है।
स्कूल और परिवार के बीच टकराव
छात्रा के परिवार का आरोप है कि स्कूल के टीचर्स ने अन्य छात्रों और उनके माता-पिता को भी लड़की से दूरी बनाने के लिए कहा। यह सब छात्रा के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा था। इस कारण वह डिप्रेशन में चली गई और आत्महत्या का प्रयास किया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, और स्कूल प्रशासन से इस संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस की जांच में यह देखा जाएगा कि क्या स्कूल प्रशासन और टीचर्स की ओर से कोई मानसिक उत्पीड़न किया गया था।
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