अमायरा की मौत के मामले में 8 महीने बाद चार्जशीट, पुलिस की जांच से परिजन नाखुश
Ashish Bhardwaj | Jul 09, 2026, 12:48 IST
अमायरा की मौत
राजस्थान में जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा अमायरा की मौत मामले में चार्जशीट पेश हुई। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल छात्रा मौत मामले में पुलिस ने पेश की चार्जशीट।
- आठ महीने बाद भी अमायरा के परिजन और अभिभावक संघ नहीं है संतुष्ट।
- परिजनों ने स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल और अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग।
- मां ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
- संयुक्त अभिभावक संघ ने स्कूलों में एंटी-बुलिंग सिस्टम और बाल सुरक्षा नियमों की मांग उठाई।
जयपुर की नौ वर्षीय छात्रा अमायरा की संदिग्ध मौत को करीब आठ महीने हो चुके हैं। अब पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में चार्जशीट पेश कर दी है। पिंकसिटी प्रेस क्लब में सोमवार को एक प्रेस वार्ता हुई। इसमें अमायरा के पिता विजय मीणा और मां शिवानी मौजूद रहीं। साथ ही संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल और प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन 'बिट्टू' भी शामिल हुए।
परिजनों की मांगें
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act – Juvenile Justice Act) की धारा-75 और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की मांग की गई है। यह धारा बच्चों की सुरक्षा और उनके प्रति क्रूरता से जुड़ी है।
अमायरा के पिता विजय मीणा ने कहा कि चार्जशीट न्याय की दिशा में पहला कदम है। लेकिन जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, न्याय अधूरा रहेगा।
मां का पुलिस जांच पर सवाल
शिवानी ने यह भी कहा कि नीरजा मोदी स्कूल से जुड़े लोग प्रभावशाली हैं। उनका आरोप है कि वे जहां भी शिकायत लेकर जाते हैं, वहां पहले से ही पैसों का असर पहुंच जाता है। परिजनों ने घटना के दिन का एक वीडियो भी मीडिया के सामने जारी किया।
क्या था पूरा मामला
परिजनों का आरोप है कि स्कूल के कुछ बच्चे अमायरा को लगातार परेशान करते थे। इस बारे में क्लास टीचर से कई बार शिकायत भी की गई थी। लेकिन स्कूल प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि घटनास्थल से सबूत मिटाए गए। उनके अनुसार वहां मौजूद निशानों को स्कूल प्रशासन ने साफ करवा दिया था। घटना के बाद सबूत सुरक्षित रखना कानूनन जरूरी होता है।
अभिभावक संघ की मांगें
संघ ने सरकार, न्यायपालिका और प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं, इसके लिए ठोस नियम जरूरी हैं।
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