पार्टी भले ही सामूहिक नेतृत्व की बात कर रही हो, लेकिन चेहरा तो राजे ही बनती दिख रहीं हैं, यात्राओं की शुरुआत की सभाओं ने दिए संकेत
The Sootr CG | Sept 05, 2023, 24:00 IST
पार्टी की चार परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत के लिए हुई सभाओं को देखें तो चेहरा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ही बनती नजर आ रहीं हैं
मनीष गोधा, JAIPUR. नेतृत्व को लेकर चल रहे संघर्ष के चलते राजस्थान में बीजेपी भले ही सामूहिक नेतृत्व की बात कर रही हो, लेकिन पार्टी की चार परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत के लिए हुई सभाओं को देखें तो चेहरा पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ही बनती नजर आ रहीं हैं। हालांकि, पार्टी ने हर क्षेत्र में वहां के बडे़ चेहरों को आगे रखा और उन्हें पूरी अहमियत भी दी, लेकिन इन सभाओं में केन्द्रीय नेताओं ने जो संकेत दिए और जनता की ओर से जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला, वह इशारा कर रहा है कि पार्टी घोषित भले ही ना करे, लेकिन राजे को चेहरे के रूप में आगे बढ़ा रही है।
राजस्थान बीजेपी में नेतृत्व को लेकर अलग-अलग नेताओ के बीच खींचतान जगजाहिर है और इसी को टालने के लिए पार्टी ने इस बार किसी एक चेहरे को आगे करने के बजाए सामूहिक नेतृत्व की बात की है। यही कारण रहा कि चुनाव से पूर्व निकलने वाली यात्रा जो पिछले चार चुनाव से सिर्फ वसुंधरा राजे ही निकालती आ रही थीं, उसके चार हिस्से कर दिए गए और इनका नेतृत्व भी किसी एक नेता को सौंपने के बजाए यह तय किया गया कि पार्टी के सभी बडे़ चेहरे अलग-अलग समय पर इन यात्राओं में शामिल होंगे और सभी हिस्सों में जाएंगे। इसे वसुंधरा राजे के लिए एक झटके की तरह माना जा रहा था, लेकिन अब इन यात्राओं की शुरुआती सभाओं में वसुंधरा राजे ही पार्टी के लिए सबसे बड़ा चेहरा बनती दिख रहीं हैं।
इस तरह मिल रहे संकेत
अब नजरें प्रधानमंत्री मोदी पर
यात्राओं की शुरुआत तो हो गई अब देखना यह होगा कि जहां राजे की सभाएं होंगी, वहां अन्य नेताओं के मुकाबले उन्हें कैसा रिस्पॉन्स मिलता है और इसके बाद नजर रहेगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा पर जो इन यात्राओं की समाप्ति के बाद 25 या 26 सितंबर को जयपुर में होगीं। पार्टी इसे चुनाव से पहले की सबसे बड़ी सभा बनाने की तैयारी कर रही है। पीएम मोदी राजस्थान में अब तक की अपनी सभाओं में राजे और अन्य नेताओं को ज्यादा महत्व देते नजर नहीं आए हैं। ऐसे में उनकी सभा में राजे का जलवा कायम रहता है तो पार्टी के चेहरे के रूप में उन पर मुहर लग जाएगी।
राजस्थान बीजेपी में नेतृत्व को लेकर अलग-अलग नेताओ के बीच खींचतान जगजाहिर है और इसी को टालने के लिए पार्टी ने इस बार किसी एक चेहरे को आगे करने के बजाए सामूहिक नेतृत्व की बात की है। यही कारण रहा कि चुनाव से पूर्व निकलने वाली यात्रा जो पिछले चार चुनाव से सिर्फ वसुंधरा राजे ही निकालती आ रही थीं, उसके चार हिस्से कर दिए गए और इनका नेतृत्व भी किसी एक नेता को सौंपने के बजाए यह तय किया गया कि पार्टी के सभी बडे़ चेहरे अलग-अलग समय पर इन यात्राओं में शामिल होंगे और सभी हिस्सों में जाएंगे। इसे वसुंधरा राजे के लिए एक झटके की तरह माना जा रहा था, लेकिन अब इन यात्राओं की शुरुआती सभाओं में वसुंधरा राजे ही पार्टी के लिए सबसे बड़ा चेहरा बनती दिख रहीं हैं।
इस तरह मिल रहे संकेत
- इन सभाओ की शुरुआत के लिए चार केन्द्रीय नेताओं पार्टी अध्यख जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को बुलाया गया और सभी ने जनता के बीच राजे का गर्मजोशी और विशेषणों के साथ परिचय दिया।
अब नजरें प्रधानमंत्री मोदी पर
यात्राओं की शुरुआत तो हो गई अब देखना यह होगा कि जहां राजे की सभाएं होंगी, वहां अन्य नेताओं के मुकाबले उन्हें कैसा रिस्पॉन्स मिलता है और इसके बाद नजर रहेगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा पर जो इन यात्राओं की समाप्ति के बाद 25 या 26 सितंबर को जयपुर में होगीं। पार्टी इसे चुनाव से पहले की सबसे बड़ी सभा बनाने की तैयारी कर रही है। पीएम मोदी राजस्थान में अब तक की अपनी सभाओं में राजे और अन्य नेताओं को ज्यादा महत्व देते नजर नहीं आए हैं। ऐसे में उनकी सभा में राजे का जलवा कायम रहता है तो पार्टी के चेहरे के रूप में उन पर मुहर लग जाएगी।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari