बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय की खुली पोल, 3.57 करोड़ खर्च, लेकिन एक भी एडमीशन नहीं

Ashish Bhardwaj | Oct 06, 2026, 18:45 IST
Share
बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय
बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय

राजस्थान सरकार ने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना का ऐलान किया था। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य दिव्यांगों की उच्च शिक्षा और कौशल विकास करना था। तीन साल में विश्वविद्यालय के लिए 3.57 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं लेकिन एडमीशन नहीं हुआ है। जमीन क्षेत्र आरक्षित किया गया है, लेकिन अब तक कोई निर्माण नहीं हुआ है।

राजस्थान सरकार ने तीन साल पहले दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय की जोर-शोर से घोषित की थी। इन छात्रों के लिए बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय का प्रचार-प्रसार भी किया गया था। लेकिन यह विश्वविद्यालय तीन साल बाद भी अब तक जमीन पर आकार नहीं ले पाया है। इस दौरान दो कुलगुरु बदल गए। विश्वविद्यालय के नाम पर 3.57 करोड़ रुपए भी खर्च हो गए। लेकिन अब तक एक भी दिव्यांग विद्यार्थी का एडमीशन नहीं हुआ है। न भवन बना है और न ही पढ़ाई शुरू हो सकी है।

क्या है बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय?

यह दिव्यांगों की उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए घोषित हुआ था। तीन साल पहले इसकी घोषणा बड़े जोर-शोर से की गई थी। विश्वविद्यालय की स्थापना का अधिनियम 2023 में लागू हुआ। इसके बाद कुलगुरु की नियुक्ति हुई। प्रशासनिक व्यवस्था खड़ी करने का काम भी शुरू हुआ। कुलगुरु यानी विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा अकादमिक अधिकारी, जिसे पहले कुलपति कहा जाता था।

3.57 करोड़ खर्च, एक भी प्रवेश नहीं

विश्वविद्यालय के नाम पर अब तक 3.57 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। फिर भी पढ़ाई के नाम पर एक भी दिव्यांग का प्रवेश नहीं हुआ। 3.57 करोड़ खर्च, एक भी प्रवेश नहीं, यही असली तस्वीर है।

बिना विद्यार्थी 3.57 करोड़ खर्च

वर्षखर्च (लाख रुपए)
2023-2439.04
2024-25157
2025-26121
2026-2740
कुल357.04

तीन साल में कितना बजट मिला

विश्वविद्यालय को हर साल बजट मिलता रहा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1.61 करोड़ रुपए मिले। 2025-26 में 1.60 करोड़ रुपए का बजट मिला। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1.26 करोड़ रुपए का बजट दिया गया। यानी तीन साल में कुल 4.47 करोड़ रुपए का बजट मिला।

किराए के कमरों में चल रहा विश्वविद्यालय

फिलहाल विश्वविद्यालय शिक्षा संकुल के अहिल्याबाई होलकर भवन से चल रहा है। यहां इसे किराए के कुछ कमरे मिले हुए हैं। इन कमरों में अशैक्षणिक पदों पर लगे अधिकारी बैठते हैं। अशैक्षणिक यानी वे पद, जिनका पढ़ाने से सीधा संबंध नहीं होता। मतलब दफ्तर तो है, पर क्लासरूम नहीं।

जामडोली सामाजिक न्याय संकुल में सिर्फ बोर्ड

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने विश्वविद्यालय के लिए जमीन तय की है। जामडोली सामाजिक न्याय संकुल में 10 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है।लेकिन मौके पर सिर्फ विश्वविद्यालय का बोर्ड लगा है। बाकी पूरी जगह पर जंगल है। न कोई भवन बना है, न कोई निर्माण शुरू हुआ है।

आरक्षित है, आवंटित नहीं

अफसरों का अपना तर्क है। उनके मुताबिक जमीन सिर्फ आरक्षित हुई है, अभी आवंटित नहीं हुई। आरक्षित यानी जमीन किसी काम के लिए रोकी गई है। आवंटित यानी जमीन आधिकारिक रूप से सौंप दी गई है।


कुलगुरु बदले, विश्वविद्यालय नहीं बना

अधिनियम लागू होने के बाद प्रो. देवस्वरूप को कुलगुरु बनाया गया था। तीन महीने पहले उन्हें पद से हटा दिया गया।

उदयपुर के जर्जर सरकारी स्कूल में बच्चों पर गिरा प्लास्टर, 3 घायल; पहले दी थी खराब भवन की सूचना | Plaster falls on children in dilapidated government school in Udaipur, 3 injured; earlier informed about the bad building
उदयपुर के जर्जर सरकारी स्कूल में बच्चों पर गिरा प्लास्टर, 3 घायल; पहले दी थी खराब भवन की सूचना
06 Oct 2026 ,
By Ashish Bhardwaj
राजस्थान में उदयपुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने से हड़कंप मच गया। इस घटना में तीन बच्चों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दो अन्य बच्चों को मामूली चोटें आईं। शिक्षा विभाग को इस जर्जर स्कूल भवन के बारे में पहले भी जानकारी दी गई थी।
राजस्थान में उदयपुर के सरकारी प्राइमरी स्कूल में छत का प्लास्टर गिरने से हड़कंप मच गया। इस घटना में तीन बच्चों को सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दो अन्य बच्चों को मामूली चोटें आईं। शिक्षा विभाग को इस जर्जर स्कूल भवन के बारे में पहले भी जानकारी दी गई थी।

कुलगुरु त्रिभुवन शर्मा को मिला चार्ज

अब प्रो. त्रिभुवन शर्मा को कुलगुरु का चार्ज दिया गया है। लेकिन तीन साल में विश्वविद्यालय का स्थायी ढांचा तैयार नहीं हो सका। कुलगुरु त्रिभुवन शर्मा के सामने अब यही सबसे बड़ी चुनौती है।

राजस्थान में MBBS की 61% सीटें खाली: निजी कॉलेजों की फीस बनी बड़ी बाधा, NEET UG काउंसलिंग के तीसरे राउंड का चौंकाने वाला सच | 61% MBBS Seats Vacant in Rajasthan: High Fees of Private Colleges a Major Hurdle, Shocking Truth of NEET UG Counselling's Third Round
राजस्थान में MBBS की 61% सीटें खाली, NEET UG काउंसलिंग के राउंड-3 में निजी कॉलेजों की स्थिति ने चौंकाया
06 Oct 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
NEET UG 2026 काउंसलिंग के तीसरे राउंड के बाद राजस्थान में कई निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें खाली रह गई हैं। सरकारी कॉलेजों की सीमित सीटों के कारण, निजी कॉलेज विद्यार्थियों के लिए एक आकर्षक विकल्प बने हैं। हालांकि, अधिक शुल्क की वजह से विद्यार्थी इन कॉलेजों को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं।
NEET UG 2026 काउंसलिंग के तीसरे राउंड के बाद राजस्थान में कई निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें खाली रह गई हैं। सरकारी कॉलेजों की सीमित सीटों के कारण, निजी कॉलेज विद्यार्थियों के लिए एक आकर्षक विकल्प बने हैं। हालांकि, अधिक शुल्क की वजह से विद्यार्थी इन कॉलेजों को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं।

दिव्यांग विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा पर सवाल

यह विश्वविद्यालय दिव्यांगों के लिए उम्मीद बनकर घोषित हुआ था। दिव्यांग विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और कौशल विकास इसका मकसद था। पर तीन साल बाद भी यह मकसद अधूरा है। Baba Amte Divyang University का अधिनियम जयपुर के नाम से बना है। Divyang University Jaipur के इंतजार में दिव्यांग विद्यार्थियों के कई शैक्षणिक सत्र निकल गए।

FAQs

  1. बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय में अब तक कितने प्रवेश हुए हैं?
    विश्वविद्यालय में अब तक एक भी दिव्यांग विद्यार्थी का प्रवेश नहीं हुआ है। तीन साल में इस पर 3.57 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। पढ़ाई अभी शुरू नहीं हो सकी है।
  2. बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय का भवन क्यों नहीं बना?
    जामडोली सामाजिक न्याय संकुल में 10 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। अफसरों के मुताबिक जमीन आरक्षित हुई है, आवंटित नहीं। इसी वजह से भवन नहीं बन सका।
  3. बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय का कुलगुरु कौन है?
    प्रो. देवस्वरूप को तीन महीने पहले कुलगुरु पद से हटाया गया था। अब प्रो. त्रिभुवन शर्मा को कुलगुरु का चार्ज दिया गया है।
Tags:
  • बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय
  • दिव्यांग विश्वविद्यालय जयपुर
  • 3.57 करोड़ खर्च एक भी प्रवेश नहीं
  • दिव्यांग विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा
  • जामडोली सामाजिक न्याय संकुल
  • कुलगुरु त्रिभुवन शर्मा
  • Baba Amte Divyang University
  • Divyang University Jaipur
नक्सल मुक्त बस्तर के दावों के बीच कांकेर में बड़ी वारदात 3 पोकलेन मशीनें फूंकीं, लाल सलाम के पर्चे भी मिले

By Umeshwari Baghel

नक्सल मुक्त बस्तर के दावों के बीच कांकेर में बड़ी वारदात 3 पोकलेन मशीनें फूंकीं, लाल सलाम के पर्चे भी मिले
'द सूत्र' की खबर का असर: एमएमयू वीसी ने लिया संज्ञान, BOI बैठक में होगा आशापुरा कॉलेज की मान्यता पर फैसला

By The Sootr

'द सूत्र' की खबर का असर: एमएमयू वीसी ने लिया संज्ञान, BOI बैठक में होगा आशापुरा कॉलेज की मान्यता पर फैसला
ग्वालियर में 20 रुपए के मोमोज पर बवाल, वेंडर ने छात्र पर खौलता तेल फेंका; चेहरा-कान झुलसे

By Arohi Raj

ग्वालियर में 20 रुपए के मोमोज पर बवाल, वेंडर ने छात्र पर खौलता तेल फेंका; चेहरा-कान झुलसे
संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के नियमितीकरण को सरकार की हाईकोर्ट में चुनौती, जबलपुर-ग्वालियर और इंदौर मामलों की एक साथ होगी सुनवाई

By Neel Tiwari

संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के नियमितीकरण को सरकार की हाईकोर्ट में चुनौती, जबलपुर-ग्वालियर और इंदौर मामलों की एक साथ होगी सुनवाई
उदयपुर के जर्जर सरकारी स्कूल में बच्चों पर गिरा प्लास्टर, 3 घायल; पहले दी थी खराब भवन की सूचना

By Ashish Bhardwaj

उदयपुर के जर्जर सरकारी स्कूल में बच्चों पर गिरा प्लास्टर, 3 घायल; पहले दी थी खराब भवन की सूचना
रायपुर मेडिकल कॉलेज में 152 पदों पर संविदा भर्ती, 14 अक्टूबर को कॉलेज काउंसिल हॉल में वॉक-इन इंटरव्यू

By Umeshwari Baghel

रायपुर मेडिकल कॉलेज में 152 पदों पर संविदा भर्ती, 14 अक्टूबर को कॉलेज काउंसिल हॉल में वॉक-इन इंटरव्यू
चूरू में 38 लाख की साइबर ठगी: ठगों को बैंक खाते देने वाला आरोपी असम से गिरफ्तार, पूछताछ जारी

By Jyoti Mahender Bhardwaj

चूरू में 38 लाख की साइबर ठगी: ठगों को बैंक खाते देने वाला आरोपी असम से गिरफ्तार, पूछताछ जारी