भरतपुर आरक्षण रैली: बेनीवाल ने भजनलाल के खिलाफ बोला, भाजपा विधायक छोड़ गए मंच
Ashish Bhardwaj | Jun 22, 2026, 20:09 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में भरतपुर की जाट आरक्षण रैली में सांसद हनुमान बेनीवाल के CM भजनलाल को लेकर दिए बयान से भाजपा विधायक जगत सिंह नाराज हो गए। वे बेनीवाल के बयान के बाद मंच छोड़कर चले गए।
समझें क्या है पूरा मामला
- भरतपुर नुमाइश मैदान में जाट आरक्षण को लेकर बड़ी रैली हुई।
- रैली में हनुमान बेनीवाल सीएम भजनलाल शर्मा के खिलाफ बोले।
- बेनीवाल के बयान से नाराज विधायक जगत सिंह मंच छोड़ गए।
- रैली में राजस्थान सहित चार राज्यों से जाट समाज के लोग शामिल हुए।
- मांग: भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाटों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करना।
इससे नाराज होकर नदबई से भाजपा विधायक जगत सिंह मंच छोड़कर चले गए। रैली में राजस्थान के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी जाट समाज के लोग शामिल हुए। रैली का मकसद भरतपुर, धौलपुर और डीग के जाटों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग को मुखर करना था।
और बेनीवाल ने एतराज अनसुना कर दिया
भाजपा विधायक जगत सिंह ने बेनीवाल को रोकना चाहा, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। उन्होंने यह कहा कि खुद मुख्यमंत्री को यह पता नहीं कि राजस्थान में कौन सीएम है तो उनसे क्या उम्मीद करें। इसके बाद भाजपा विधायक जगत सिंह मंच से उतरकर चले गए।
बेनीवाल बोले, कोई लड़ाई अधूरी नहीं छोड़ता
बेनीवाल ने कहा कि वे कोई लड़ाई अधूरी नहीं छोड़ते और किसी से नहीं डरते। उन्होंने यह भी कहा कि मन में जो बात होती है वो कह देते हैं। भरतपुर के जाटों को उन्होंने स्वाभिमानी बताया।
रैली के बाद बेनीवाल ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आज की रैली के बाद यह तय है कि राजस्थान में बड़ा बदलाव होगा।
चार राज्यों से जुटे जाट
रैली से पहले डीग में भी एक घटना हुई। रैली में शामिल होने जा रहे कुछ लोग पुलिस से उलझ गए। उनका आरोप था कि पुलिस उन्हें जबरन रोक रही थी।
क्या है मांग और क्यों है यह अहम
इन तीनों जिलों के जाटों को राज्य स्तर पर ओबीसी आरक्षण मिलता है लेकिन केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में यह लाभ नहीं मिलता। यह मांग 2015 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से लंबित है।
FAQ
- भरतपुर की जाट आरक्षण रैली में क्या विवाद हुआ?
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने रैली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ बयान दिया। इससे नाराज नदबई विधायक जगत सिंह बेनीवाल को रोकने की कोशिश के बाद मंच छोड़कर चले गए। रैली में चार राज्यों से जाट समाज के लोग शामिल हुए। - जाट आरक्षण रैली की मुख्य मांग क्या थी?
रैली में भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाटों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग की गई। इन जिलों के जाटों को राज्य में आरक्षण मिलता है लेकिन केंद्र सरकार की नौकरियों में यह लाभ नहीं मिलता। यह मांग 2015 से लंबित है। - हनुमान बेनीवाल ने रैली में क्या कहा?
बेनीवाल ने कहा कि भरतपुर-धौलपुर के युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे कोई लड़ाई अधूरी नहीं छोड़ते। रैली के बाद उन्होंने राजस्थान में बड़े बदलाव का दावा किया।
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