केंद्रीय मंत्री भूपेंद यादव ने पीए नितिन सांगवान को जिताने में लगाया दम, चेयरमैन बनाने के लिए बिछाई गोटियां

Gyan Chand Patni | Oct 04, 2025, 14:12 IST
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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने राजस्थान की अलवर सरस डेयरी के चुनाव में नितिन सांगवान को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंकी। कांग्रेस की स्थिति कमजोर है। चुनाव 6 अक्टूबर को होंगे।

Jaipur .राजस्थान में अलवर सरस डेयरी से जुड़े अलवर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के चेयरमैन पद के होने वाले चुनाव में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री और अलवर सांसद भूपेंद्र यादव की प्रतिष्ठा दांव पर है। चुनाव छह अक्टूबर को होने हैं। इसमें केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। अलवर की सरस डेयरी से जुड़े यह चुनाव बड़े रोमांचक होने की संभावना है। क्योंकि, संघ के सभी 12 डायरेक्टर निर्विरोध चुने गए हैं।

खास बात यह है कि इसमें केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव अपने निजी सहायक और आईआईटियन नितिन सांगवान को भी निर्विरोध डायरेक्टर बनाने में कामयाब हो गए हैं। जिस तरह से मंत्री भूपेंद्र यादव इन चुनावों में सक्रिय हैं, उसमें माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री के दांव—पेंच से नितिन सागवान डेयरी अध्यक्ष बन सकते हैं। इस चुनाव में कांग्रेस बैकफुट पर दिख रही है। उसके नेता एक तरह से शांत बैठे हैं।

केंद्रीय मंत्री का प्रयास, चुनाव निर्विरोध हों

नितिन संगवान अगर डेयरी संचालक मंडल के अध्यक्ष बनते हैं तो अलवर डेयरी में पहली बार आईआईटियन डायरेक्टर अध्यक्ष बनेगा। सांगवान आईआईटी पास हैं। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव इस बात के लिए प्रयासरत हैं कि डेयरी का अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हो।

सांगवान ने मानेसर के हिसार से स्कूल की शिक्षा की पढ़ाई की है। पिता रिटायर्ड सैनिक हैं। नितिन सांगवान लंबे समय से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से जुड़े हैं। वे उनके निजी सहायक हैं, जो अलवर में उनका सारा काम देखते हैं।

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ऐसे निर्विरोध चुने गए डायरेक्टर

डेयरी संचालक मंडल के 12 पदों के लिए 19 नामांकन आए थे। इनमें से पांच पर्चे निरस्त होने के बाद 14 दावेदार मैदान में रह गए थे। नाम वापसी के अंतिम दिन 3 अक्टूबर को दो दावेदार अलवर से बगली देवी व खैरथल तिजारा से सत्यपाल ने अपना नामांक वापस ले लिया। उसके बाद मैदान में 12 दावेदार रह गए थे।

कोटपूतली—बहरोड जिले के दो पदों पर महेंद्र सिंह यादव और मीनाक्षी के ही नामांकन भरने से इनका डायरेक्टर बनना पहले ही तय हो गया था। संचालक मंडल में चुने गए डायरेक्टरों में अलवर जिले से पृथ्वीपुर से अनिल नरूका, शाहपुर से रामफल ,भावला से शिवलाल मीणा, अल बख्श का बास से साहूनी , परवेणी से संजय कुमार मीणा व रामपुर से समय सिंह मीणा डायरेक्टर बने।

खैरथल—तिजारा जिले के हाजीपुर से अजीत सिंह, नौगांवा से नजमा, सिरोड़ खुर्द से नितिन सांगवान, माजरी गुर्जर से माया देवी तथा कोटपूतली बहरोड से गुंती से महेंद्र सिंह यादव और भीटेड़ा से मीनाक्षी निर्वाचित हुई। सात डायरेक्टर पहली बार सरस डेयरी में चुनकर आए हैं। इनमें नितिन सांगवान, अनिल नरूका, साहूनी, संजय,समय सिंह,नजमा व महेंद्र शामिल है।

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मात खाती दिख रही कांग्रेस

सरस डेयरी के चुनाव से कांग्रेस बैकफुट पर दिखाई दे रही है। डायरेक्टर बने रामपाल गुर्जर कांग्रेस पृष्ठभूमि के हैं, लेकिन वे अंदरखाने भाजपा समर्थक माने जा रहे है। खैरथल—तिजारा से कांग्रेस समर्थित पांच दावेदारों के नामांकन खारिज होने के बाद भी कांग्रेस नेताओं ने कोई विरोध नहीं किया।

कांग्रेस नेता कुछ भी बयानबाजी करें, लेकिन अंदरुनी तौर पर पार्टी में फूट होने से वह सरस डेयरी के चुनाव में मात खाती दिखाई दे रही है।

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सरस डेयरी की प्रतिष्ठा बचाना बड़ी चुनौती

डेयरी अध्यक्ष रहे विश्राम गुर्जर को कई तरह के आरोप लगाकर हाल ही बर्खास्त कर दिया गया था। तब जरूर कांग्रेस नेताओं ने उसका विरोध किया था। लेकिन, इन चुनाव में कांग्रेस के नेताओं की चुप्पी भी बहुत बड़ी बात है। सरस डेयरी में अलवर के जितने भी अध्यक्ष बने हैं, सब पर किसी ने किसी तरीके का आरोप लगा है।

अब जो भी नया अध्यक्ष बनेगा, उसके ऊपर सरस डेयरी की प्रतिष्ठा को कायम करना बड़ी चुनौती होगी। इस बजट में अलवर को 100 करोड़ रुपए का बड़ा बजट आवंटित किया है। डेयरी में 5 लाख लीटर क्षमता वाला नया संयंत्र लगाया जाएगा। इस पर शीघ्र ही निर्माण शुरू होगा। अलवर डेयरी में वर्तमान में डेढ़ लाख लीटर क्षमता का संयंत्र चल रहा है। अब दूसरा संयंत्र लगाया जाएगा।

चुनाव में इतनी जल्दबाजी क्यों नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल छठाते हुए कहा है कि जब प्रदेश में और डेयरी में भी पद खाली है तो अलवर सरस डेयरी के चुनाव कराने में इतनी जल्दबाजी क्यों हो रही है। यहां केंद्रीय मंत्री भूपेंद यादव के हित जुड़े हैं। इसलिए यहां तुरंत चुनाव कराए जा रहे हैं। जूली ने कहा कि अलवर डेयरी में कांग्रेस समर्थित चेयरमैन अच्छा काम कर रहे थे। लेकिन, सरकार में बैठे जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगा कर उन्हें हटा दिया। जहां सरकार के जनप्रतिनिधियों को फयादा दिखता है, वहां चुनाव कराए जा रहे हैं। इसके विपरीत पांच साल पूरे होने के बाद भी पंचायत और पालिका चुनाव नहीं हो रहे हैं। हाईकोर्ट की फटकार रोजाना सरकार को लग रही है।

FAQ

  1. 1. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरस डेयरी के चुनाव में क्या भूमिका निभाई?
    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने नितिन सांगवान को चुनाव में जिताने के लिए पूरी ताकत लगाई। उनका उद्देश्य है कि नितिन सांगवान निर्विरोध अध्यक्ष बनें ।
  2. 2. नितिन सांगवान के बारे में खास जानकारी क्या है?
    नितिन सांगवान आईआईटी पास हैं और वे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सहायक के तौर पर कार्य कर रहे हैं।
  3. 3. सरस डेयरी के चुनाव में कांग्रेस की स्थिति क्या है?
    कांग्रेस की स्थिति इस चुनाव में कमजोर रही। कांग्रेस समर्थित दावेदारों के नामांकन खारिज हो गए और पार्टी के नेताओं ने इस पर कोई बयान नहीं दिया।




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