नोटा से बीजेपी-कांग्रेस को इतना नुकसान, नोटा ना होता तो 8 सीट और जीत जाती कांग्रेस, बीजेपी की भी बढ़ सकती थी चार सीट
Chandresh Sharma | Dec 05, 2023, 24:00 IST
नोटा से बीजेपी-कांग्रेस को इतना नुकसान, नोटा ना होता तो 8 सीट और जीत जाती कांग्रेस, बीजेपी की भी बढ़ सकती थी चार सीट
नन ऑफ द अबाव यानी नोटा का विकल्प चुनना इस बार राजस्थान के 13 सीटों के प्रत्याशियों पर भारी पड़ गया है। मतदाताओं ने नोटा का विकल्प न चुनाव होता तो कांग्रेस 8 सीटें और जीत सकती थी।
मनीष गोधा, JAIPUR.चुनाव लड़ रहे किसी भी प्रत्याशी के पसंद नहीं आने पर नन ऑफ द अबाव यानी नोटा का विकल्प चुनना इस बार राजस्थान के 13 सीटों के प्रत्याशियों पर भारी पड़ गया है। मतदाताओं ने नोटा का विकल्प न चुनाव होता तो कांग्रेस 8 सीटें और जीत सकती थी। वहीं भाजपा को भी चार सीट और मिल सकती थी और आरएलपी का आंकड़ा एक से बढ़कर दो हो सकता था।
नोटा को पड़ने वाले वोट राजनीतिक दलों के लिए भारी
देश में निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को नोटा चुनने की सुविधा इसलिए दी थी कि मतदाता यदि प्रत्याशियों से खुश नहीं है तो उसे जाहिर कर सके। और राजनीतिक दल भी अच्छे प्रत्याशी चुनने के लिए मजबूर हों, लेकिन नोटा को पड़ने वाले वोट राजनीतिक दलों के लिए भारी पड़ रहे हैं।
कांग्रेस को 8 और बीजेपी को चार सीटों का नुकसान
राजस्थान में इस बार 13 सीटें ऐसी हैं जहां नोटा के चलते कांग्रेस को 8 और बीजेपी को चार सीटों का नुकसान हुआ। इन 13 सीटों पर नोटा को पड़े वोट विजय प्रत्याशी के मार्जिन से ज्यादा थे। हालांकि भाजपा और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर इतना ज्यादा है कि इससे परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा लेकिन यदि कांग्रेस को 8 सीटें और मिल जाती तो वह थोड़ी और सम्मानजनक स्थिति में पहुंच सकती थी। वहीं बीजेपी का आंकड़ा भी और बढ़ सकता था।
राजनीतिक दलों की सीटों के आंकड़ों को छोड़ भी दें तो नोटा को ज्यादा मिले वोट उन प्रत्याशियों को ज्यादा पीड़ा दे रहे है जिन्हें हार का सामना करना पड़ा है। राजस्थान में इस बार नोट को तीन लाख 82 हजार 66 वोट मिले हैं जो कुल मतदान का 0.96 प्रतिशत है यानी एक प्रतिशत से भी कम। पिछले चुनाव से तुलना करें तो नोटा को इस बार कम वोट मिले हैं। पिछली बार नोटा को 1.3 प्रतिशत वोट मिले थे।
नोटा ना होता तो ये सीटें मिल सकती थी कांग्रेस को
नसीराबाद
जीत का अंतर 1135
नोटा को मिले 1392
कठूमर
जीत का अंतर 409
नोट को मिले 738
चौहटन
जीता का अंतर 1428
नोटा को मिले 3901
आसींद
जीत का अंतर 1526
नोटा को मिले 2029
जहाजपुर
जीत का अंतर 580
नोटा को मिले 2542
कोटपुतली
जीत का अंतर 321
नोटा को मिले 930
हवामहल
जीत का अंतर 974
नोटा को मिले 1463
जायल
जीत का अंतर 1565
नोटा को मिले 2200
ये सीटें मिल सकती थी बीजेपी को
बांसवाड़ा
जीत का अंतर 1400
नोटा को मिले 3528
भीनमाल
जीत का अंतर 1027
नोटा को मिले 4084
खींवसर
जीत का अंतर 2059
नोटा को मिले 2130
मावली
जीत का अंतर 1567
नोटा को मिले 2441
ये सीट मिल सकती थी आरएलपी को
बायतु
जीत का अंतर 910
नोटा को मिले 2173
नोटा को पड़ने वाले वोट राजनीतिक दलों के लिए भारी
देश में निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को नोटा चुनने की सुविधा इसलिए दी थी कि मतदाता यदि प्रत्याशियों से खुश नहीं है तो उसे जाहिर कर सके। और राजनीतिक दल भी अच्छे प्रत्याशी चुनने के लिए मजबूर हों, लेकिन नोटा को पड़ने वाले वोट राजनीतिक दलों के लिए भारी पड़ रहे हैं।
कांग्रेस को 8 और बीजेपी को चार सीटों का नुकसान
राजस्थान में इस बार 13 सीटें ऐसी हैं जहां नोटा के चलते कांग्रेस को 8 और बीजेपी को चार सीटों का नुकसान हुआ। इन 13 सीटों पर नोटा को पड़े वोट विजय प्रत्याशी के मार्जिन से ज्यादा थे। हालांकि भाजपा और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर इतना ज्यादा है कि इससे परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा लेकिन यदि कांग्रेस को 8 सीटें और मिल जाती तो वह थोड़ी और सम्मानजनक स्थिति में पहुंच सकती थी। वहीं बीजेपी का आंकड़ा भी और बढ़ सकता था।
राजनीतिक दलों की सीटों के आंकड़ों को छोड़ भी दें तो नोटा को ज्यादा मिले वोट उन प्रत्याशियों को ज्यादा पीड़ा दे रहे है जिन्हें हार का सामना करना पड़ा है। राजस्थान में इस बार नोट को तीन लाख 82 हजार 66 वोट मिले हैं जो कुल मतदान का 0.96 प्रतिशत है यानी एक प्रतिशत से भी कम। पिछले चुनाव से तुलना करें तो नोटा को इस बार कम वोट मिले हैं। पिछली बार नोटा को 1.3 प्रतिशत वोट मिले थे।
नोटा ना होता तो ये सीटें मिल सकती थी कांग्रेस को
नसीराबाद
जीत का अंतर 1135
नोटा को मिले 1392
कठूमर
जीत का अंतर 409
नोट को मिले 738
चौहटन
जीता का अंतर 1428
नोटा को मिले 3901
आसींद
जीत का अंतर 1526
नोटा को मिले 2029
जहाजपुर
जीत का अंतर 580
नोटा को मिले 2542
कोटपुतली
जीत का अंतर 321
नोटा को मिले 930
हवामहल
जीत का अंतर 974
नोटा को मिले 1463
जायल
जीत का अंतर 1565
नोटा को मिले 2200
ये सीटें मिल सकती थी बीजेपी को
बांसवाड़ा
जीत का अंतर 1400
नोटा को मिले 3528
भीनमाल
जीत का अंतर 1027
नोटा को मिले 4084
खींवसर
जीत का अंतर 2059
नोटा को मिले 2130
मावली
जीत का अंतर 1567
नोटा को मिले 2441
ये सीट मिल सकती थी आरएलपी को
बायतु
जीत का अंतर 910
नोटा को मिले 2173
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