सचिन पायलट को बहरूपिया और भगोड़ा बताकर फंसे भाजपा प्रभारी, विवाद बढ़ा तो फिर आए बैकफुट पर
Jageshwar prasad | Apr 27, 2026, 18:45 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट को बहुरूपिया और भगोड़ा बताया। बाद में विवाद बढ़ने पर अग्रवाल सफाई देते दिखे। गहलोत ने भी इस मामले पर अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी।
News In Short
- भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन ने सचिन पायलट को बहरूपिया और भगोड़ा बताया।
- राधामोहन ने यह विवादित टिप्पणी टोंक में भाजपा के कार्यालय उद्घाटन कार्यक्रम में की।
- यह कार्यक्रम भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में हुआ।
- गहलोत ने राधामोहन के बयान पर कहा कि पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में।
- बाद में राधामोहन ने सफाई दी कि पायलट हमारे मित्र, कोई व्यक्तिगत बैर नहीं।
News In Detail
भाजपा प्रभारी का 'बहरूपिया' वाला बयान
अग्रवाल ने कहा कि आज एक बहरूपिया टोंक का विधायक बन गया। वह टोंक का निवासी भी नहीं, यहां तक कि राजस्थान का भी निवासी नहीं। मैं यूपी से आता है। वहां राजनीति कर सकता हूं, लेकिन राजस्थान में विधायक बनने की सोच नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि मैं यूपी का भगोड़ा नहीं है। पायलट यूपी से भागकर राजस्थान आए और आपने उसे माला पहना दी। उनकी एक टांग कांग्रेस में रहती है और दूसरी पता नहीं कहां रहती है। इस बयान के सार्वजनिक होते ही कांग्रेस खेमे में भारी आक्रोश फैल गया। टोंक, जो कि पायलट का निर्वाचन क्षेत्र है, वहां समर्थकों ने इसे अपमान करार दिया।
पायलट को लेकर गहलोत ने क्या कहा?
गहलोत का यह बयान काफी रणनीतिक माना जा रहा है। उन्होंने मानेसर प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग हमारे लोगों को गुमराह करके ले गए थे, अब उनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सचिन पायलट अब समझ भी गए हैं और संभल भी गए हैं। मुझे उम्मीद है कि वह अब पार्टी छोड़कर कभी नहीं जाएंगे और हमारी पूरी पार्टी एकजुट है। गहलोत का यह बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोर रहा है, जिसे कांग्रेस की अंदरूनी एकजुटता दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
विवाद बढ़ा तो राधामोहन दास अग्रवाल का यू-टर्न
सफाई देते हुए अग्रवाल ने खुद को और पायलट को उत्तर प्रदेश से जोड़ते हुए कहा, वह उत्तर प्रदेश के सह-निवासी हैं। हम दोनों मिलकर काम करेंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह खुद 20 साल से यूपी में विधायक रहे हैं, उन्हें राजस्थान में राजनीति करने की जरूरत नहीं है।
विवाद ही छाया रहा
लेकिन, कार्यक्रम की सफलता के बीच पायलट पर की गई टिप्पणी ने सुर्खियां बटोर लीं, जिससे विकास और संगठन की बातों के बजाय व्यक्तिगत हमलों पर चर्चा केंद्रित हो गई। फिलहाल, भाजपा ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।
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