/sootr/media/media_files/2026/02/14/alwar-police-2026-02-14-19-21-13.jpg)
Photograph: (the sootr)
News in Short
अलवर पुलिस ने पिछले तीन सालों में दो लाख से अधिक सिम कार्ड और मोबाइल आईएमआई नम्बर ब्लॉक किए हैं। इससे साइबर ठगी पर नियंत्रण पाया गया है।
राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की पुलिस टीमों को मिलाकर देश भर से पुलिस टीमों का गठन कर साइबर ठगों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
ट्रक चालकों की मदद से दूर-दराज राज्यों से सिम कार्ड मेवात क्षेत्र में पहुंचते हैं, जो साइबर ठगों को सप्लाई किए जाते हैं।
पुलिस 1930 हेल्पलाइन पर मिलने वाली शिकायतों के आधार पर तुरंत कार्रवाई करती है और ठगी में शामिल नंबरों को ब्लॉक कर देती है।
राजस्थान के अलवर जिले ने पूरे देश में सबसे अधिक सिम कार्ड और आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक करवाने में सफलता प्राप्त की है।
सुनील जैन @ अलवर
News in Detail
राजस्थान में अलवर और भरतपुर जिला साइबर ठगी के हॉटस्पॉट के रूप में जाना जाता है। ठगों की चेन तोड़ने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने पिछले तीन सालों में करीब दो लाख सिम कार्ड और आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक करने की कार्रवाई की है। इन कदमों से ठगी के नेटवर्क पर काफी हद तक अंकुश लगाया गया है।
सिम और आईएमईआई नंबरों की ब्लॉकिंग
अलवर पुलिस ने पूरे देश में सबसे ज्यादा सिम कार्ड और आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक करवाने में सफलता हासिल की है। 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 5034 आईएमईआई नंबरों और 82,769 सिम कार्डों को ब्लॉक किया गया। अगर हम 2023 से अब तक की बात करें तो कुल मिलाकर 1,90,051 सिम और आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए जा चुके हैं।
साइबर ठगों के खिलाफ संयुक्त पुलिस कार्रवाई
साइबर ठगी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से पुलिस टीमों का गठन किया है। इन टीमों का उद्देश्य अलवर में ठगों को गिरफ्तार करना है। पुलिस लगातार इन अपराधियों को पकड़ने के लिए विभिन्न राज्यों से आई पुलिस टीमों के साथ मिलकर काम कर रही है।
सिम कार्ड का अवैध व्यापार
साइबर ठग देश के विभिन्न राज्यों के ट्रक चालकों मिलकर सिम कार्ड और मोबाइल फोन का अवैध व्यापार करते है। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम, मेघालय और कर्नाटक जैसे राज्यों से सिम कार्ड मेवात क्षेत्र में आते हैं। ट्रक चालक यह सीम कार्ड और मोबाइल साइबर ठगों को सप्लाई करते है। पुलिस ने इन सिम कार्डों और आईएमईआई नंबरों को ब्लॉक करने का निर्णय लिया है ताकि साइबर ठगी की घटनाओं में कमी लाई जा सके।
1930 हेल्पलाइन नंबर से शिकायतों का समाधान
अलवर पुलिस द्वारा 1930 हेल्पलाइन नंबर पर मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। जिन नंबरों से ठगी के फोन कॉल्स आते हैं। उन नंबरों और उनके आईएमईआई नंबरों को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाता है। इस त्वरित कार्रवाई से साइबर अपराधों में काफी कमी आई है।
खबरें यह भी पढ़िए...
सूरज की धूप से लेकर सर्द रातों तक, आज एमपी, सीजी और राजस्थान के मौसम में दिखेगा उतार-चढ़ाव
बजट 2026-27: 'विकसित राजस्थान' का ब्लूप्रिंट; खेती से लेकर तकनीक तक, हर सेक्टर के लिए खुला खजाना
बजट का गणित: कमाई कम और कर्ज का बोझ ज्यादा, क्या उधारी के भरोसे विकसित राजस्थान का सपना होगा पूरा
राजस्थान बजट 2026 की वो बड़ी घोषणाएं, जो हो सकती है आपके लिए काम की
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us