राजस्थान रोडवेज में दिव्यांगों को बैसाखी तो मिल गई, लेकिन नहीं मिल सका आज तक 'सहारा'
Amit Baijnath Garg | Aug 17, 2025, 14:54 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान रोडवेज की बसों में दिव्यांगजन आज भी बेबस, पूरे राजस्थान के 52 डिपो में नियम तो बने, लेकिन नहीं मिल पाई सुविधा। आखिर किस से कहें दिव्यांगजन अपनी व्यथा!
रोहित पारीक @ अजमेर
सोचिए, अगर कोई व्यक्ति दोनों पैरों से दिव्यांग हो और उसे रोडवेज बस से सफर करना पड़े, तो उसके सामने कितनी मुश्किलें खड़ी होंगी। न बस स्टैंड पर व्हीलचेयर, ना प्लेटफॉर्म पर चढ़ने के लिए स्लोप और ना ही बस में चढ़ने के लिए रैंप या नीचे हैंडल। ऐसे में उसके पास एक ही विकल्प बचता है कि किसी की मदद लेना।
सवाल यह है कि जब राजस्थान रोडवेज (rajasthan roadways)की गाइडलाइन में स्पष्ट है कि दिव्यांग यात्रियों को ये सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए, तो फिर ये सब कागजों में ही क्यों सिमटा हुआ है? पूरे राजस्थान में 52 डिपो संचालित कर रहे राजस्थान रोडवेज के पास इसका कोई जवाब नहीं है। जयपुर समेत प्रदेशभर के रोडवेज डिपो और बस स्टैंड पर दिव्यांगजन के लिए सुविधाओं का आज भी अभाव है।
30 लाख दिव्यांगजनों से किया वादा भूली सरकार, दिव्यांग पेंशन में बिहार से भी पीछे MP
सरकार हर साल रक्षाबंधन पर महिलाओं को दो दिन मुफ्त यात्रा का तोहफा देती है। बसों में खचाखच भीड़ रहती है। ऐसे में दिव्यांग बहनों के लिए अलग से व्यवस्था का सवाल उठना लाजिमी है। भीड़ भरी बसों में रैंप न होना, गेट के पास नीचे हैंडल ना होना दिव्यांग यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन जाते हैं।
दिव्यांगजनों को घर बैठे मिलेगी जॉब: छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पहल
केंद्र सरकार ने 2019 में ही आदेश दिया था कि दिव्यांगों की सुविधाओं के बिना किसी भी बस को फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा, लेकिन राजस्थान की हकीकत ये है कि न रोडवेज और ना ही निजी बसों में इस आदेश की पालना हुई। न रैंप बनाए गए, ना हैंडल लगाए गए। राज्य में एक भी बस ऐसी नहीं है, जिसमें व्हीलचेयर उपयोगकर्ता आराम से यात्रा कर सके।
दिव्यांग कल्याण के लिए बने विभाग पर दिव्यांगजनों ने लगाए आरोप
केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 और दिव्यांग व्यक्ति अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सार्वजनिक वाहनों को दिव्यांगजन-अनुकूल बनाना अनिवार्य है। इसके बावजूद हालात ज्यों के त्यों हैं। गाड़ियां प्लेटफॉर्म से दूर खड़ी की जाती हैं, जिससे दिव्यांग यात्रियों के लिए बस में चढ़ना ज्यादा कठिन हो जाता है।
मार्च, 2021 में राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगमने सभी जिला परिवहन अधिकारियों और फिटनेस सेंटरों को पत्र लिखकर निर्देश दिए थे कि बसों में व्हीलचेयर और बैसाखी रखने की अलग से जगह बनाई जाए। फिटनेस चेकलिस्ट में दिव्यांगों के लिए विशेष मापदंड जोड़े गए। नियमों के मुताबिक, बसों में व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए जगह और चढ़ने-उतरने की सुविधा होनी चाहिए। बैसाखी और अन्य उपकरण रखने के लिए स्थान तय होना चाहिए। सवाल वही है कि क्या किसी ने इन नियमों को जमीन पर उतारा? राजस्थान के 52 डिपो में से एक भी डिपो ऐसा नहीं है, जहां बसें इन मापदंडों पर खरी उतरती हों।
छत्तीसगढ़ में पहली बार बनेगी दिव्यांगजन पार्क, केंद्रीय मंत्री ने की घोषणा
नियम हैं, गाइडलाइन हैं, आदेश हैं। मगर सुविधा नहीं। नतीजा ये कि दिव्यांगजन हर सफर में अपनी गरिमा और आत्मनिर्भरता खो बैठते हैं। राजस्थान रोडवेज के 52 डिपो पर यह समस्या सालों से जस की तस बनी हुई है। अब सवाल यह है कि सरकार रक्षाबंधन जैसे मौकों पर मुफ्त यात्रा का तोहफा तो देती है, लेकिन दिव्यांगजन की बुनियादी यात्रा सुविधाओं पर कब ध्यान देगी?
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
सोचिए, अगर कोई व्यक्ति दोनों पैरों से दिव्यांग हो और उसे रोडवेज बस से सफर करना पड़े, तो उसके सामने कितनी मुश्किलें खड़ी होंगी। न बस स्टैंड पर व्हीलचेयर, ना प्लेटफॉर्म पर चढ़ने के लिए स्लोप और ना ही बस में चढ़ने के लिए रैंप या नीचे हैंडल। ऐसे में उसके पास एक ही विकल्प बचता है कि किसी की मदद लेना।
सवाल यह है कि जब राजस्थान रोडवेज (rajasthan roadways)की गाइडलाइन में स्पष्ट है कि दिव्यांग यात्रियों को ये सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए, तो फिर ये सब कागजों में ही क्यों सिमटा हुआ है? पूरे राजस्थान में 52 डिपो संचालित कर रहे राजस्थान रोडवेज के पास इसका कोई जवाब नहीं है। जयपुर समेत प्रदेशभर के रोडवेज डिपो और बस स्टैंड पर दिव्यांगजन के लिए सुविधाओं का आज भी अभाव है।
30 लाख दिव्यांगजनों से किया वादा भूली सरकार, दिव्यांग पेंशन में बिहार से भी पीछे MP
दिव्यांग बहनों के लिए कौनसी सुविधा?
5000 से ज्यादा बसें, लेकिन किसी में नहीं सुविधा दिव्यांगों के लिए काम करने वाली संस्था स्वाबलंबन फाउंडेशन के डॉ. वैभव भंडारी कहते हैं कि राजस्थान में 5000 से अधिक बसें राज्य परिवहन विभाग और निजी ऑपरेटर चलाते हैं, लेकिन एक भी बस दिव्यांगों के अनुकूल नहीं है। व्हीलचेयर, रैंप या अनुकूल सीट जैसी सुविधाएं कहीं नहीं हैं। यही हाल अन्य राज्यों जैसे असम, उत्तराखंड और नागालैंड में भी है।
2019 में आदेश, 2025 में भी हालात जस के तस
दिव्यांग कल्याण के लिए बने विभाग पर दिव्यांगजनों ने लगाए आरोप
कानून है, लेकिन पालना नहीं
2021 में नियम संशोधन केवल कागजों तक
छत्तीसगढ़ में पहली बार बनेगी दिव्यांगजन पार्क, केंद्रीय मंत्री ने की घोषणा
दिव्यांगजन पूछते हैं, कब तक रहें सहारे पर?
FAQ
- Q1: क्या राजस्थान रोडवेज में दिव्यांगजनों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध है?
नहीं, राजस्थान रोडवेज की बसों में दिव्यांगजनों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। व्हीलचेयर, रैंप, और अनुकूल सीट जैसी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। - Q2: क्या सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए कोई कदम उठाए हैं?
सरकार ने 2019 में आदेश जारी किया था कि दिव्यांगजनों के लिए बिना सुविधाओं वाली बसों को फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा, लेकिन राजस्थान में इस आदेश का पालन नहीं किया गया है। - Q3: दिव्यांगजन यात्रा के लिए किस तरह की सुविधाओं की मांग कर रहे हैं?
दिव्यांगजन यात्रा के लिए रैंप, व्हीलचेयर, और सीटों जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं ताकि वे अपनी यात्रा स्वतंत्रता से कर सकें।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स औरएजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari