रणथम्भौर में बाघों की सुरक्षा के लिए अब कुत्तों को दी जाएगी स्पेशल ट्रेनिंग
Gyan Chand Patni | Jul 09, 2025, 18:31 IST
tiger guard dogs
राजस्थान के रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा के लिए नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने कुत्तों को स्पेशल ट्रेनिंग देने की योजना बनाई है, जो शिकारियों पर नजर रखेंगी।
रणथम्भौर Ranthambore में बाघों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नेशनल टाइगर कन्जर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने एक नई पहल शुरू की है। वन विभाग के अनुसार, जल्द ही रणथम्भौर में बेलिंगन मेनिडोस डॉग्स को तैनात किया जाएगा। यह विशेष प्रजाति के कुत्ते शिकारियों पर निगाह रखने और बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन डॉग्स को रणथम्भौर की स्पेशल क्राइम यूनिट में शामिल किया जाएगा।
बेलिंगन मेनिडोस कुत्ते Dog अपनी विशेष खोजने की प्रवृत्ति और सूंघने की क्षमता के लिए प्रसिद्ध हैं। ये कुत्ते शिकारियों की गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम हैं और उनके द्वारा छोड़ी गई निशानियों को सूंघने में माहिर होते हैं। एनटीसीए ने 2022 में अपने सर्वे में इन कुत्तों के उपयोग की सिफारिश की थी, जो अब धरातल पर उतरने जा रही है।
राजस्थान के रणथम्भौर टाइगर रिजर्व tiger reserveऔर उसके आसपास के क्षेत्रों में शिकारियों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। हाल ही में, मध्य प्रदेश में शिकारियों के पास तीन बाघों के अवशेष मिले थे, और पूर्व में रणथम्भौर के कुछ बाघों के गायब होने की घटनाएं भी सामने आई थीं। इन घटनाओं को देखते हुए, वन विभाग ने शिकार पर कड़ी निगरानी रखने और शिकारियों की गतिविधियों को रोकने के लिए यह नया कदम उठाया है।
MOU पर बातचीत : 17,000 वर्ग किमी के कॉरिडोर में चीता प्रोजेक्ट से जुड़ेगा राजस्थान के 7 जिले
राजस्थान के स्टूडेंट्स को पढ़ाई में CM Higher Education Scholarship करेगी मदद
इन कुत्तों को तैनात करने से शिकार की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी। कुत्ते बाघों और अन्य वन्य जीवों की हड्डियों, खाल और अन्य अवशेषों को सूंघ कर उनकी पहचान कर सकते हैं, जिससे शिकारियों को पकड़ने में मदद मिलेगी।
रणथम्भौर में तैनात किए जाने वाले इन कुत्तों को पंचकुला में स्थित ITBP (Indo-Tibetan Border Police) यूनिट के बेस में प्रशिक्षित किया जा रहा है। यहां पर विशेषज्ञों द्वारा इन कुत्तों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में कुत्तों को बाघों, पैंथर और अन्य वन्य जीवों की पहचान करने के लिए उनकी हड्डियों और खाल को सूंघने की क्षमता को और भी मजबूत किया जा रहा है।
राजस्थान में विलुप्त हो रहे गोडावण को बचाने की पहल, जानिए क्या अपनाएंगे तरीके
राजस्थान बनेगा देश का प्रमुख खनन हब, मुख्यमंत्री का ऐलान
ITBP के विशेषज्ञ कुत्तों को जंगलों में शिकारियों के निशानों का पता लगाने और उनके द्वारा छोड़े गए अवशेषों की पहचान करने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह प्रशिक्षण कुत्तों को शिकारियों पर निगरानी रखने के लिए पूरी तरह से तैयार करेगा।
भारत के अन्य प्रमुख टाइगर रिजर्वों में भी इस तरह के डॉग स्कवायड पहले से तैनात हैं। इनमें काजीरंगा, परियार और उत्तराखंड का जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क शामिल हैं। अब रणथम्भौर में भी इनकी तर्ज पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
काजीरंगा और जिम कॉर्बेट जैसे रिजर्व में डॉग स्कवायड ने शिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है, और अब रणथम्भौर में भी इन कुत्तों को तैनात कर शिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुत्तों का चयन और महत्व
शिकारियों पर कड़ी निगरानी
MOU पर बातचीत : 17,000 वर्ग किमी के कॉरिडोर में चीता प्रोजेक्ट से जुड़ेगा राजस्थान के 7 जिले
राजस्थान के स्टूडेंट्स को पढ़ाई में CM Higher Education Scholarship करेगी मदद
शिकार रोकने के उपाय
पंचकुला में कुत्तों को दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
राजस्थान में विलुप्त हो रहे गोडावण को बचाने की पहल, जानिए क्या अपनाएंगे तरीके
राजस्थान बनेगा देश का प्रमुख खनन हब, मुख्यमंत्री का ऐलान
प्रशिक्षण की प्रक्रिया
देश के अन्य टाइगर रिजर्व में भी है ऐसी व्यवस्था
अन्य टाइगर रिजर्व में सफलता
FAQ
- 1. कुत्तों को क्यों ट्रेनिंग दी जा रही है?
कुत्तों को रणथम्भौर में बाघों की सुरक्षा के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे शिकारियों की गतिविधियों पर निगाह रख सकें। ये कुत्ते शिकारियों द्वारा छोड़े गए निशानों और वन्य जीवों के अवशेषों की पहचान करने में माहिर होते हैं। - 2. ये कुत्ते किस प्रकार की ट्रेनिंग ले रहे हैं?
ये कुत्ते पंचकुला स्थित ITBP बेस में विशेष प्रशिक्षण ले रहे हैं, जिसमें उन्हें बाघों और अन्य वन्य जीवों की हड्डियां और खाल सूंघकर पहचानने की क्षमता दी जा रही है। - 3. भारत के अन्य टाइगर रिजर्व में ऐसी व्यवस्था पहले से है?
हां, काजीरंगा, परियार और जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क जैसे टाइगर रिजर्व में पहले से ही डॉग स्कवायड तैनात हैं, जो शिकारियों की गतिविधियों पर निगाह रखते हैं और अपराधियों को पकड़ने में मदद करते हैं।
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari