विधायक फंड में दुरुपयोग: पूर्व विधायक बलजीत गिरफ्तार, भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम से आए थे चर्चा में

राजस्थान में विधायक फंड के दुरुपयोग के माले में पूर्व विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर स्कूलों के लिए खेल सामग्री की खरीद में भ्रष्टाचार करने का आरोप है। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम को लेकर चर्चा में आए थे।

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Jinesh Jain
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d arrested former mlab aljeet yadav corruption case rajasthan

News In Short

  • राजस्थान में पूर्व विधायक बलजीत यादव को ईडी ने गिरफ्तार किया है। 
  • बलजीत की गिरफ्तारी के लिए ईडी अफसर टोल प्लाजा पर खड़े थे। 
  • बलजीत पर विधायक फंड में दुरुपयोग के गंभीर आरोप हैं। 
  • पूर्व विधायक ने खेल सामग्री की खरीद में चार करोड़ का घपला किया था। 
  • पिछले साल एसीबी ने राज्य में कई जगह छापेमारी की थी।  

News In Detail

सुनील जैन@अलवर

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान में विधायक फंड के दुरुपयोग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। उसने बहरोड़ से निर्दलीय विधायक रह चुके बलजीत यादव को  मंगलवार देर रात शाहजहांपुर टोल टैक्स से गिरफ्तार कर लिया।

यह एक्शन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर लिया गया है। इसके आधार पर ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच कर रही थी। 

टोल प्लाजा पर खड़े थे ईडी अफसर

बताया जा रहा है कि शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर यह कार्रवाई उस वक्त की गई, जब बलजीत यादव दिल्ली जा रहे थे। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए वहां चार-पांच गाड़ियों में ईडी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। उनके साथ सीआरपीएफ के जवान भी थे। उन्हें तुरंत ही हिरासत में लेकर टोल प्लाजा के कमरे में उनसे हस्ताक्षर कराए और सीधे उनको अपनी गाड़ी में बैठकर जयपुर के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है उनसे जयपुर में पूछताछ की जा रही है।

खेल सामग्री खरीदने में भ्रष्टाचार

पूर्व विधायक बलजीत यादव पर आरोप है कि उनके विधायक कार्यकाल के दौरान विधायक फंड से अलवर जिले की 32 सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री खरीदी गई। इसमें करीब 4 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया।

जांच में सामने आया कि स्कूलों को घटिया गुणवत्ता की खेल सामग्री दी गई, जबकि भुगतान सरकारी मानकों के अनुसार किया गया। यह आपूर्ति पूर्व विधायक के सहयोगियों और रिश्तेदारों से जुड़ी फर्मों के माध्यम से की गई। 

पिछले साल 18 जगह हुई छापेमारी

ईडी ने पिछले वर्ष इस मामले में व्यापक छापेमारी की थी। जनवरी 2025 में जयपुर में 8, दौसा और अलवर में एक-एक ठिकानों सहित कुल 10 स्थानों पर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान 31 लाख रुपए की नकदी और संपत्तियों से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए थे। इन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण माना गया। 

एसीबी जांच में इन्हें आरोपी बनाया

एसीबी की जांच में बालाजी कम्पलीट सोल्यूशन्स के संचालक महेन्द्र सिंह, सूर्या इंटरप्राइजेज के सीताराम गुर्जर, राजपूत स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज के राजमोहन सिंह और शर्मा स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज के नवीन शर्मा को आरोपी बनाया गया। इसके साथ ही शिक्षा विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारी और अधिकारी भी आरोपी बनाए गए हैं। 

गहलोत सरकार को ला दिया सवालों में

बलजीत यादव 2018 से 2023 तक बहरोड़ से निर्दलीय विधायक रहे। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ काले कपड़े पहनकर भ्रष्टाचार की जानकारी देने वालों को 51 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा के कारण भी चर्चा में रहे थे। वैसे तो उन्होंने पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार को समर्थन दिया था लेकिन मार्च 2022 में नकल माफिया और गुरुकुल यूनिवर्सिटी फर्जीवाडे़ को लेकर गहलोत सरकार को कटघरे में खड़ा किया था। 

बलजीत ने भ्रष्टाचार पर चलाई थी मुहिम

बलजीत यादव ने काले कपड़े पहनकर सीधे 12 घंटे तक लगातार जयपुर के सेंट्रल पार्क ट्रैक पर दौड़ लगाई थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम पूरे देश में चर्चा में रही थी। उसके अलावा भ्रष्टाचार के सबूत देने पर 51 हजार रुपए का इनाम देने की  घोषणा भी हुई थी। अब उन्हीं पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल हो गई है।

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