पूर्व राज्यपाल दिवंगत कमला बेनीवाल को हाई कोर्ट से राहत, आपराधिक कार्यवाही रद्द
Mukesh Sharma | Aug 11, 2026, 16:47 IST
कमला बेनीवाल
राजस्थान हाई कोर्ट ने गुजरात की पूर्व राज्यपाल दिवंगत कमला बेनीवाल समेत अन्य के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा कि भूमि और खातेदारी अधिकार से जुड़े सिविल मामलों को आपराधिक रंग देना न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
समझें क्या है पूरा मामला
- हाई कोर्ट ने कहा कि सिविल व राजस्व मामलों को आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता।
- निचली अदालत के प्रसंज्ञान और रिविजन के आदेश को रद्ध किया।
- कोर्ट के अनुसार विशेष अधिनियम (सहकारी समिति कानून) के होते IPC लागू नहीं होती।
- खातेदारी व स्वामित्व से जुड़े मूल मुद्दे अभी भी कानूनी मंचों में विचाराधीन हैं।
जस्टिस गणेश राम मीणा ने गुजरात की पूर्व राज्यपाल दिवंगत कमला बेनीवाल सहित अन्य की आपराधिक विविध याचिकाओं पर यह आदेश दिया है। कोर्ट ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-7, जयपुर महानगर के 15 जुलाई,2019 के प्रसंज्ञान आदेश और एडीजे-4 जयपुर महानगर के 15 अक्टूबर,2019 के रिविजन आदेश को रद्ध कर दिया है।
सिविल मामले को नहीं बना सकते आपराधिक मामला
अलग-अलग कानूनी फोरम पर लंबित हैं मामले
खातेदारी अधिकार पर भी होना है फैसला
विशेष कानून का सामान्य कानून पर प्रभाव
यह है मामला
सरकार ने 5 जनवरी,1953 को राजेंद्र सिंह व अन्य की किसान सामुहिक कृषि सहकारी समिति, झोटवाड़ा को आवंटित की थी। जबकि यह समिति 13 फरवरी,1953 को रजिस्टर्ड हुई थी समय के साथ समिति के सदस्य अन्य कार्य करने लगे थे और गलत तथ्यों के आधार पर खातेदारी अधिकार प्राप्त कर लिए थे।
1978 में 25 साल पूरे होने के बावजूद सरकार ने जमीन वापिस नहीं ली। इसके कुछ साल बाद जेडीए ने पृथ्वीराज नगर योजना के लिए जमीन अवाप्ति की अधिसूचना जारी कर दी। समिति सदस्यों को अवाप्ति के बदले मुआवजे के रुप में 15 फीसदी विकसित जमीन देने का ऑफर दिया गया।
इस बीच अतिरिक्त रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव ने अपनी रिपोर्ट में माना कि समिति सदस्य गलत व झूठे तथ्यों के आधार पर मुआवजे में जमीन लेने की कोशिश कर रहे हैं।
समिति के वर्तमान सदस्यों में से एक भी सदस्य समिति के ऑरिजनत सदस्य नहीं हैं। इन लोगों ने फर्जकारी करके व समिति पर आठ करोड़ का कर्ज बताकर करीब 400 करोड़ रुपये की 1516 वर्गमीटर जमीन मुआवजे में ले ली है।
करधनी थाने ने मामले में एफआर लगा दी थी। शिकायतकर्ता की प्रोटेस्ट पिटिशन पर कोर्ट ने 15 मई,2014 को दिवंगत कमला बेनीवाल सहित अन्य के खिलाफ प्रसंज्ञान लेकर मुकदमा चलाने के आदेश दिए थे। मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर एडीजे कोर्ट ने भी दखल देने से इंकार कर दिया था। इन दोनों आदेश को रद्ध करने के लिए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
यह कहा हाईकेार्ट में
शिकायतकर्ता ने मामले में किसी सरकारी अधिकारी केा आरोपी नहीं बनाया है। समिति की अवाप्ति व दो अवार्ड को चुनौती देने वाली याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त,2014 को समिति के लिए 25 फीसदी विकसित जमीन समिति के लिए आरक्षित करने के आदेश दिए हुए हैं। यह जमीन हाईकोर्ट में लंबित याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। इसके अलावा जयपुर कलक्टर के रैफरेंस करने के 13 अप्रेल,2015 के आदेश के खिलाफ भी याचिका लंबित है।
रेवेन्यू बोर्ड ने 26 जून,2023 को रेफरेंस सरकार के पक्ष में निर्णित किया था। किसान सामुहिक सहकारी समिति की अपील पर रेवेन्यू बोर्ड ने समिति के पक्ष में अंतिरिम आदेश दे रखा है। इसलिए मामले में आपराधिक कार्यवाही शुरु करने का कोई आधार नहीं है।
ये खबर भी पढे़:-
JDA ने दिए 80 परिवारों को मिले नि:शुल्क प्लॉट, जानें किसे मिला फायदा
मजाक में दिखाया कट्टा, गलती से चली गोली, होटल संचालक की मौत
तालछापर में माइक फेंकने पर अफसोस, सांसद बेनीवाल ने जनता से मांगी माफी
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari