चाचा की भी हो सकती है हत्या, जगन गुर्जर के बेटे ने उठाए सवाल, मांगी CBI जांच

Jageshwar prasad | Jun 30, 2026, 13:36 IST
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जगन गुर्जर के बेटे ने उठाए सवाल, कहा- साजिश के तहत हुई हत्या, मांगी CBI जांच
जगन गुर्जर के बेटे ने उठाए सवाल, कहा- साजिश के तहत हुई हत्या, मांगी CBI जांच

डकैत जगन गुर्जर की राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या के बाद परिजन मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे। बेटे आसाराम ने CBI जांच और भाई पप्पू गुर्जर को धौलपुर या भरतपुर जेल शिफ्ट करने की मांग की।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जगन गुर्जर हत्या के बाद परिजनों ने शव न उठाने की ठानी, भाई को शिफ्ट करने की मांग।
  • अजमेर जेल से तत्काल शिफ्ट हो पप्पू गुर्जर, परिजनों ने मोर्चरी के बाहर किया धरना।
  • जगन गुर्जर के बेटे ने उठाए सवाल, कहा- साजिश के तहत हुई हत्या, मांगी CBI जांच।
  • 11 लाख इनामी डकैत को हाई सिक्योरिटी जेल में क्यों नहीं रखा गया, परिजनों ने उठाया सवाल।
  • धौलपुर जेल से अजमेर शिफ्ट करने के बाद हुई हत्या, परिजन बोले- यह साजिश थी।
चंबल के बीहड़ का कुख्यात डकैत जगन गुर्जर अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में मारा गया था। अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने इस हत्या को साजिश करार दिया है और जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

परिजनों का कहना है कि जगन के छोटे भाई पप्पू गुर्जर की जान को भी खतरा है, इसलिए उसे तुरंत भरतपुर या धौलपुर जेल शिफ्ट किया जाए। सोमवार रात ही परिजन अजमेर पहुंच गए और मंगलवार सुबह जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, शव नहीं उठाएंगे।

बेटे आसाराम ने सुनाई पूरी कहानी

जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने बताया कि धौलपुर के बाड़ी थाना क्षेत्र में जगन के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच राजीनामा भी हो गया था। उस प्रकरण में जगन तीन दिन जेल में रहा था।

आसाराम का आरोप है कि राजीनामे के बाद जगन को हाईवे पर ले जाया गया और उसके पास देसी कट्टा रख दिया गया। पुलिस ने कट्टा बरामद कर उसे फिर गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया और धौलपुर जेल की बजाय सीधे अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया।

CBI जांच की मांग, चाचा की जान को भी खतरा

आसाराम ने आरोप लगाया कि उनके पिता की जेल में हत्या हुई है और अब उनके चाचा पप्पू गुर्जर की जान को भी खतरा है। पप्पू गुर्जर भी अजमेर जेल में बंद है। आसाराम ने मांग की कि उन्हें धौलपुर या भरतपुर जेल शिफ्ट किया जाए। उन्होंने जगन गुर्जर की हत्या के मामले की सीबीआई (Central Bureau of Investigation) जांच की मांग भी की।

उनके अनुसार पिता पिछले चार महीने से जेल में थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2008 में जगन पर 11 लाख रुपए का इनाम था और वह हार्डकोर अपराधी था, तब उसे हाई सिक्योरिटी जेल में क्यों नहीं रखा गया।

परिवार के परिचित ने भी उठाए सवाल

जगन गुर्जर परिवार के परिचित कैलाश सिंह खटाना ने कहा कि देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल में ही जगन गुर्जर की हत्या हो गई। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पूछा कि आखिर हत्या के पीछे कारण क्या हैं।

खटाना का कहना है कि छोटे भाई पप्पू गुर्जर के बयान लेकर पुलिस को मुकदमा दर्ज करना चाहिए। उनका कहना है कि परिजनों और रिश्तेदारों को जेल प्रशासन की बातों पर भरोसा नहीं है। खटाना के अनुसार जगन ने पहले ही परिजनों को बताया था कि जेल में उसकी हत्या हो सकती है और उसे शिफ्ट करने के प्रयास किए जाएं।

राजीनामे के बावजूद सीधे हाई सिक्योरिटी जेल भेजा गया

खटाना ने बताया कि धौलपुर के बाड़ी थाने में दर्ज मुकदमे में राजीनामा हो जाने के बावजूद जगन को सात दिन तक थाने में रखा गया। इसके बाद उसे भरतपुर या धौलपुर जेल न भेजकर सीधे अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया। खटाना का आरोप है कि जगन गुर्जर की हत्या साजिश के तहत की गई।

मुख्यमंत्री से मांग

परिवार के लोग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग कर रहे हैं कि हत्या मामले की सीबीआई जांच हो और भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर जेल से धौलपुर या भरतपुर जेल में शिफ्ट किया जाए।

FAQ

  1. जगन गुर्जर के परिजन क्या मांग कर रहे हैं?
    परिजन दो मुख्य मांगें कर रहे हैं। पहली, जगन गुर्जर की हत्या मामले की सीबीआई जांच हो। दूसरी, उसके भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से धौलपुर या भरतपुर जेल में शिफ्ट किया जाए क्योंकि उसकी जान को भी खतरा बताया जा रहा है।
  2. जगन गुर्जर को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल क्यों भेजा गया था?
    बेटे आसाराम के अनुसार धौलपुर के बाड़ी थाने में दर्ज मारपीट के मामले में राजीनामा होने के बावजूद जगन को हाईवे पर ले जाकर देसी कट्टे के साथ दोबारा गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे धौलपुर जेल की बजाय सीधे अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया था।

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