जयपुर की चाकसू सीट से विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी वेद प्रकाश सोलंकी के चेक बाउंस, 1 साल की सजा और 55 लाख रुपए जुर्माना
Rahul Garhwal | Nov 29, 2023, 24:00 IST
जयपुर की चाकसू सीट से विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी वेद प्रकाश सोलंकी के चेक बाउंस, 1 साल की सजा और 55 लाख रुपए जुर्माना
जयपुर की चाकसू सीट से विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी वेद प्रकाश सोलंकी को चेक बाउंस मामले में 1 साल की सजा सुनाई है और 55 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है।
मनीष गोधा, JAIPUR. जयपुर जिले की चाकसू सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और मौजूदा विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को चेक बाउंस मामले में 1 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उन पर 55 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। ये फैसला बुधवार को बहरोड़ ACJM-3 न्यायाधीश निखिल सिंह ने सुनाया।
8 साल पुराना प्लॉट का मामला
जानकारी के अनुसार मामला 8 साल पुराना है। उस वक्त सोलंकी कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर में प्रॉपर्टी का काम करते थे। इस दौरान प्लॉट दिलाने के नाम पर शिक्षा विभाग से रिटायर्ड पीटीआई से 35 लाख रुपए नगद लिए थे। बाद में प्लॉट नहीं दिला पाने कारण उन्होंने 35 लाख के चेक थमा दिए। ये चेक बाउंस होने पर पीड़ित ने मामला दर्ज करवाया था।
2015 में दर्ज हुआ था केस
एडवोकेट भूपेंद्र कुमार प्रजापत ने बताया कि मुंडावर क्षेत्र (अलवर) के गांव हुलमाना खुर्द निवासी मोहर सिंह यादव (70) और वेद प्रकाश सोलंकी के बीच अच्छी जान पहचान थी। दोनों के बीच एक प्लॉट को लेकर सौदा तय हो गया। रिटायर्ड पीटीआई मोहर सिंह यादव ने प्लॉट के लिए सोलंकी को 35 लाख रुपए नगद दिए थे। काफी दिनों तक प्लॉट नहीं दिलाने पर मोहर सिंह ने रुपए वापस लौटने की बात कही। इस पर सोलंकी ने 10 सितंबर 2015 को जयपुर के मानसरोवर के एक्सिस बैंक का चेक दे दिया। चेक बाउंस होने पर मोहर सिंह ने सोलंकी से रुपए लौटाने और चेक बाउंस होने की बात कही। रुपए नहीं लौटाने पर पीड़ित ने 30 अक्टूबर 2015 को केस दर्ज करा दिया। इसके बाद ये मामला कोर्ट में चला।
सोलंकी ने बचाव में दर्ज कराया था केस
मामला कोर्ट में पहुंचने के 8 महीने बाद सोलंकी ने खुद के बचाव में 8 जुलाई 2016 को धोखाधड़ी से चेक हड़पने का मामला दर्ज कराया था। मामले को बढ़ता देख 9 अक्टूबर 2019 को विधायक सोलंकी ने मोहर सिंह के साथ समझौता कर राजीनामा किया। स्टांप पेपर पर 24 लाख रुपए लौटाने पर समझौता हुआ था। ये स्टांप पेपर कोर्ट में भी पेश किया गया था। इसमें 3 महीने में सोलंकी द्वारा रुपए नहीं लौटाने पर कानूनी प्रक्रिया जारी रखने की बात कही गई थी। समझौते के 3 महीने बाद सोलंकी ने मोहर सिंह को रुपए वापस नहीं लौटाए। ऐसे में कोर्ट ने राशि जमा कराने के आदेश दिए। 4 नवंबर 2023 को 27 लाख 31 हजार 194 का बैंक ड्राफ्ट से कोर्ट में अमानत राशि जमा करवा दी थी। इसके बाद बाकी राशि सोलंकी ने जमा नहीं करवाई।
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सोलंकी के पास अपील करने के लिए 1 महीने का वक्त
कोर्ट ने सुनवाई करते हुए विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को 1 साल के साधारण कारावास और 55 लाख रुपए के आर्थिक दंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने पर 6 महीने सजा बढ़ जाएगी। मामले को लेकर अन्य कोर्ट में अपील करने के लिए सोलंकी को 1 महीने का समय मिलेगा। अगर अपील खारिज होती है तो सजा के साथ ही पीड़ित को राशि भी लौटानी पड़ेगी।
8 साल पुराना प्लॉट का मामला
जानकारी के अनुसार मामला 8 साल पुराना है। उस वक्त सोलंकी कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर में प्रॉपर्टी का काम करते थे। इस दौरान प्लॉट दिलाने के नाम पर शिक्षा विभाग से रिटायर्ड पीटीआई से 35 लाख रुपए नगद लिए थे। बाद में प्लॉट नहीं दिला पाने कारण उन्होंने 35 लाख के चेक थमा दिए। ये चेक बाउंस होने पर पीड़ित ने मामला दर्ज करवाया था।
2015 में दर्ज हुआ था केस
एडवोकेट भूपेंद्र कुमार प्रजापत ने बताया कि मुंडावर क्षेत्र (अलवर) के गांव हुलमाना खुर्द निवासी मोहर सिंह यादव (70) और वेद प्रकाश सोलंकी के बीच अच्छी जान पहचान थी। दोनों के बीच एक प्लॉट को लेकर सौदा तय हो गया। रिटायर्ड पीटीआई मोहर सिंह यादव ने प्लॉट के लिए सोलंकी को 35 लाख रुपए नगद दिए थे। काफी दिनों तक प्लॉट नहीं दिलाने पर मोहर सिंह ने रुपए वापस लौटने की बात कही। इस पर सोलंकी ने 10 सितंबर 2015 को जयपुर के मानसरोवर के एक्सिस बैंक का चेक दे दिया। चेक बाउंस होने पर मोहर सिंह ने सोलंकी से रुपए लौटाने और चेक बाउंस होने की बात कही। रुपए नहीं लौटाने पर पीड़ित ने 30 अक्टूबर 2015 को केस दर्ज करा दिया। इसके बाद ये मामला कोर्ट में चला।
सोलंकी ने बचाव में दर्ज कराया था केस
मामला कोर्ट में पहुंचने के 8 महीने बाद सोलंकी ने खुद के बचाव में 8 जुलाई 2016 को धोखाधड़ी से चेक हड़पने का मामला दर्ज कराया था। मामले को बढ़ता देख 9 अक्टूबर 2019 को विधायक सोलंकी ने मोहर सिंह के साथ समझौता कर राजीनामा किया। स्टांप पेपर पर 24 लाख रुपए लौटाने पर समझौता हुआ था। ये स्टांप पेपर कोर्ट में भी पेश किया गया था। इसमें 3 महीने में सोलंकी द्वारा रुपए नहीं लौटाने पर कानूनी प्रक्रिया जारी रखने की बात कही गई थी। समझौते के 3 महीने बाद सोलंकी ने मोहर सिंह को रुपए वापस नहीं लौटाए। ऐसे में कोर्ट ने राशि जमा कराने के आदेश दिए। 4 नवंबर 2023 को 27 लाख 31 हजार 194 का बैंक ड्राफ्ट से कोर्ट में अमानत राशि जमा करवा दी थी। इसके बाद बाकी राशि सोलंकी ने जमा नहीं करवाई।
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सोलंकी के पास अपील करने के लिए 1 महीने का वक्त
कोर्ट ने सुनवाई करते हुए विधायक वेद प्रकाश सोलंकी को 1 साल के साधारण कारावास और 55 लाख रुपए के आर्थिक दंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने पर 6 महीने सजा बढ़ जाएगी। मामले को लेकर अन्य कोर्ट में अपील करने के लिए सोलंकी को 1 महीने का समय मिलेगा। अगर अपील खारिज होती है तो सजा के साथ ही पीड़ित को राशि भी लौटानी पड़ेगी।
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