पहली बार सरकारी अस्पताल में AI आधारित स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट, उदयपुर की 3 साल की बच्ची को मिली नई उम्मीद

Ashish Bhardwaj | Mar 09, 2026, 17:43 IST
Share
3 year
Photograph: (the sootr)

राजस्थान में जयपुर के एक सरकारी अस्प्ताल में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट लगाया गया है। इस उन्नत तकनीक के इस्तेमाल से अब सुनने की समस्या से जूझ रहे बच्चों के लिए इलाज की नई संभावनाएं खुल गई हैं।

News In Short

  • जयपुर के RUHS में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट लगाया।
  • उदयपुर की तीन साल की एक बच्ची के कान में सफलतापूर्वक इम्प्लांट।
  • आरयूएचएस के डॉ. मोहनीश ग्रोवर और उनकी टीम ने ऑपरेशन को दिया अंजाम।
  • राजस्थान में हर साल करीब 200 से 250 कॉक्लियर इम्प्लांट किए जाते हैं।
  • सुनने की समस्या से जूझ रहे बच्चों के लिए इलाज की नई संभावनाएं खुलीं।

News In Detail

राजस्थान के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में बड़ी चिकित्सा उपलब्धि सामने आई है। जयपुर में स्थित राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट कॉक्लियर इम्प्लांट लगाया गया है। यह इम्प्लांट उदयपुर की तीन साल की एक बच्ची के कान में सफलतापूर्वक लगाया गया है, जिससे उसके दोबारा सुनने और बोलने की उम्मीद जगी है।

तीन घंटे में हुआ इम्प्लांट

इस जटिल सर्जरी को ईएनटी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मोहनीश ग्रोवर और उनकी टीम ने करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद पूरा किया। डॉक्टरों के अनुसार ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है। उम्मीद है कि लगभग 21 दिनों के भीतर वह सुनना और बोलना शुरू कर सकेगी।

बीमारी में चली गई थी सुनने की क्षमता

डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची को पहले मेनिन्जाइटिस (दिमागी बुखार) की समस्या हुई थी, जिसके कारण उसकी सुनने की क्षमता खत्म हो गई थी। दो साल की उम्र के बाद से वह सुन नहीं पा रही थी। ऐसे मामलों में आधुनिक चिकित्सा के अनुसार कॉक्लियर इम्प्लांट ही सबसे प्रभावी इलाज माना जाता है।

क्या खास है इस स्मार्ट इम्प्लांट में

इस इम्प्लांट में आधुनिक स्मार्ट नेव तकनीक दी गई है, जो सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को डिवाइस को सही जगह लगाने में मदद करती है। इसके अलावा इसमें इनबिल्ट मेमोरी भी होती है, जिसमें मरीज से जुड़ी जरूरी जानकारी और मैपिंग सुरक्षित रखी जा सकती है। इस तकनीक की एक खासियत यह भी है कि इसे स्मार्टफोन की तरह समय-समय पर अपडेट (फर्मवेयर अपग्रेड) किया जा सकता है।

कितनी महंगी होती है यह सर्जरी

कॉक्लियर इम्प्लांट आम तौर पर महंगा इलाज माना जाता है। इस प्रक्रिया में करीब 8 से 22 लाख रुपये तक खर्च आ सकता है। निजी अस्पतालों में इसका खर्च 25 लाख रुपये तक पहुंच जाता है, जिससे कई परिवारों के लिए यह इलाज करवाना मुश्किल हो जाता है।

कितने समय तक काम करता है इम्प्लांट

डॉक्टरों के मुताबिक कान के अंदर लगाया जाने वाला यह डिवाइस लंबे समय तक काम करता है। सफल ऑपरेशन के बाद इसकी औसत लाइफ लगभग 30 साल तक हो सकती है। हालांकि इसमें इस्तेमाल होने वाले साउंड प्रोसेसर की बैटरी को लगभग हर तीन साल में बदलना पड़ता है।

बच्चों के लिए नई उम्मीद

विशेषज्ञों के अनुसार हर 1000 बच्चों में लगभग 4 बच्चों को कॉक्लियर इम्प्लांट की जरूरत पड़ती है। राजस्थान में हर साल करीब 200 से 250 कॉक्लियर इम्प्लांट किए जाते हैं। जयपुर के आरयूएचएस, सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) और जयपुरिया अस्पताल के ईएनटी विभाग इस सर्जरी के लिए प्रमुख केंद्र माने जाते हैं।

ये भी पढ़े:-

दुबई में फंसे भारतीयों के लिए राजस्थानी व्यवसायी बना फरिश्ता, आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर ऐसे की सराहना

उदयपुर फाइल से जयपुर तक हड़कंप, हनीट्रैप के दलदल में धंस रही राजनीति, जानिए ऐसे नेताओं की पूरी कुंडली

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर फिर दुर्घटना, बीएमडब्ल्यू चकनाचूर, जयपुर के बिजनेसमैन की मौत

टी 20 वर्ल्ड कप: जीत के जश्न में जयपुर की मॉडल अदिति भी, पहली बार ईशान के साथ आईं नजर

Tags:
  • जयपुर
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज
  • सवाई मानसिंह अस्पताल
  • ईएनटी विभाग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती