नीट पेपर लीक: एक ही परिवार के 5 बच्चों का सरकारी कॉलेजों में सिलेक्शन, जानिए पूरी कहानी
Jageshwar prasad | May 15, 2026, 09:43 IST
Photograph: (the sootr)
यह कहानी है जयपुर के जमवारामगढ़ के बिंवाल परिवार की। भेड़-बकरियां चराने वाला यह साधारण परिवार रातों-रात न केवल अकूत दौलत का मालिक बन गया, बल्कि NEET के सिस्टम में ऐसी सेंध लगाई कि परिवार के पांच बच्चे डॉक्टर बनने की राह पर हैं। पेश है पूरी कहानी:
News In Short
- जयपुर के विकास बिंवाल ने NEET 2025 का पेपर 25 लाख में खरीदा था।
- इसी पेपर से पांचों भाई-बहनों का सरकारी मेडिकल कॉलेज में चयन हुआ।
- सीबीआई की जांच में पता चला कि NEET 2026 का पेपर भी खरीदा गया।
- पेपर खरीद में पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश बिंवाल शामिल थे।
- आरोपियों को 7 दिन की CBI रिमांड पर भेजा गया।
News In Detail
इस पेपर की बदौलत विकास और उसके चार अन्य भाई-बहनों ने न केवल अच्छे स्कोर से परीक्षा पास की, बल्कि आज वे अलग-अलग सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। राजस्थान में NEET-2026 पेपर लीक मामले की जांच में खुलासा हुआ है कि मांगीलाल और दिनेश बिंवाल नाम के दो भाई इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड थे। विकास मांगी का बेटा है।
पेपर लीक में ऐसे सक्रिय रहा बिंवाल परिवार
आरोप है कि बिंवाल परिवार 2024 और 2025 की नीट परीक्षाओं में भी अनुचित गतिविधियों में शामिल था। मांगीलाल के दो बच्चे (विकास सहित) और दिवंगत घनश्याम की दो बेटियों ने पिछले साल (2025) नीट पास की थी। वे वर्तमान में राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। इनके परिवार के एक अन्य बच्चे का भी सरकारी कॉलेज में सलेक्शन हुआ।
स्कोरकार्ड का अंतर: कोचिंग टेस्ट बनाम नीट-25 रिजल्ट
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पड़ोस की छत से घर में घुसी CBI टीम
टीम ने आरोपी के फार्म हाउस पर खड़ी दो लग्जरी गाड़ियों की तलाशी ली। शक है कि पेपर लीक से हुई काली कमाई का निवेश इन संपत्तियों और गाड़ियों में किया गया है। इसके साथ ही घर से कई चेक बुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और नीट सीरीज के पेपर बरामद हुए हैं।
फिलहाल दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने शुभम खैरनार, यश यादव, मांगीलाल, विकास और दिनेश को 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है।
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ग्रेस से पास छात्र भी बनने वाला था डॉक्टर
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फेसबुक पर बधाई संदेश
कॉलेजों से नदारद हैं बच्चे
अन्य चार बच्चे प्रगति, गुंजन, सानिया और पलक घटना के बाद से भूमिगत हैं। ये बच्चे कहां हैं, इसे लेकर बिंवाल परिवार की महिलाएं भी कुछ नहीं बोल रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें नहीं पता, ये अपने कॉलेज में हैं या किसी रिश्तेदार के यहां चले गए हैं।
नीट की वो काली डील
जांच में सामने आया कि मांगीलाल के बेटे विकास बिंवाल ने ही अपने पिता की मुलाकात गुरुग्राम के पेपर माफिया यश यादव से करवाई थी। यहीं से डॉक्टर फैक्ट्री का ब्लूप्रिंट तैयार हुआ। साल 2025 में 25 लाख रुपए में नीट का पेपर खरीदा गया। नतीजा यह हुआ कि विकास, प्रगति, गुंजन, सानिया और पलक—इन पांचों भाई-बहनों ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पा लिया।
बिंवाल परिवार ने खड़ी की अकूत संपत्ति
पिछले 4-5 साल से दोनों भाई अपना अधिकांश समय सीकर में बिता रहे थे, जहां उनके बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। बताया जाता है कि पेपर माफियाओं से उनके संपर्क सीकर प्रवास के दौरान ही हुए।
चरवाहे से 'किंगपिन' बनने का सफर
धीरे-धीरे उन्होंने प्रॉपर्टी के धंधे में कदम रखा और देखते ही देखते विकास नगर जैसी कॉलोनियां काट दीं। पैसा आया तो रसूख बढ़ा और रसूख बढ़ा तो सूदखोरी का एक बड़ा नेटवर्क तैयार हो गया। जो भाई कभी पगडंडियों पर चलते थे, उनके फार्महाउस के बाहर अब 4-5 लग्जरी गाड़ियां खड़ी होने लगीं।
राजनीतिक संबंधों की जांच
दिनेश बिंवाल खुद को भाजपा युवा मोर्चा का नेता बताता था। उसने क्षेत्र में कई होर्डिंग्स लगवाए थे, जिनमें विधायक मीणा के साथ उसकी तस्वीरें थीं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया, दिनेश बिवाल भाजपा का पदाधिकारी है। क्या इसीलिए राजस्थान की भाजपा सरकार ने नीट पेपर लीक को दबाने की कोशिश की और कोई एफआईआर दर्ज नहीं की?
हालांकि, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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भाजपा नेताओं संग तस्वीरें अब वायरल
आरोपी दिनेश बिवाल ने क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए फोटो पॉलिटिक्स का भरपूर सहारा लिया। वह राजनीतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक मंचों पर प्रभावशाली लोगों के साथ तस्वीरें साझा कर खुद को रसूखदार साबित करता था। वहीं, मांगीलाल पर्दे के पीछे रहकर व्यापार संभालता था। फिलहाल, सीबीआई की हिरासत में दोनों भाइयों से कड़ी पूछताछ जारी है, जिससे कई और बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद है।
गिरफ्तारी के बाद पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह, सतीश पूनिया, मदन दिलावर, महेंद्रपाल मीणा सहित कई दिग्गजों के साथ दिनेश की तस्वीरें सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यकर्ता जमकर वायरल कर रहे हैं। चर्चा इस बात की भी है कि विधायक ने 9 मई को दिनेश को 'छोटा भाई' लिखते हुए एनिवर्सरी की बधाई दी थी, जिसे मामला तूल पकड़ते ही हटा दिया है।
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मां बोली: बेटे के खिलाफ साजिश
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