बस तैयार होने से पहले एमपी में रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
Jageshwar prasad | Jun 13, 2026, 17:23 IST
बस तैयार होने से पहले एमपी में रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
राजस्थान के जयपुर में निर्माणाधीन दो स्लीपर बसों का रजिस्ट्रेशन पहले ही मध्य प्रदेश के नीमच में करा लिया गया। भौतिक निरीक्षण और AIS सुरक्षा मानकों की जांच नहीं हुई। बस बॉडी बिल्डर और वाहन मालिक पर FIR दर्ज।
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर में बन रही स्लीपर बसों का रजिस्ट्रेशन एमपी में बिना निरीक्षण के हुआ।
- बसों के निर्माण में AIS-052 और AIS-153 सुरक्षा मानकों का पालन नहीं।
- परिवहन विभाग ने बस बॉडी बिल्डर और वाहन मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की।
- आरोपियों पर धोखाधड़ी और लोगों की जान खतरे में डालने की धाराएं लगाई गईं।
- अब मध्य प्रदेश के नीमच डीटीओ की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
राजस्थान परिवहन विभाग की जांच में यह पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरटीओ प्रथम के निर्देश पर बस बॉडी बिल्डर मुबिन और वाहन मालिक अभिमन्यु चौधरी के खिलाफ जयपुर के गलता गेट थाने में अलग-अलग धाराओं में FIR दर्ज कराई गई है।
जयपुर में बन रही थीं, MP में रजिस्ट्रेशन हो गया
नियम यह है कि बस पूरी तरह तैयार होने, भौतिक निरीक्षण पूरा होने और सभी सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही रजिस्ट्रेशन हो सकता है। इस मामले में इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं की गई।
AIS मानकों की अनदेखी से यात्रियों की जान खतरे में
परिवहन विभाग का आरोप है कि इन बसों का रजिस्ट्रेशन बिना वास्तविक निरीक्षण और बिना सुरक्षा मानकों की पुष्टि के कर दिया गया। ऐसी बस अगर सड़क पर उतर जाती तो यात्रियों की जान-माल के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी।
किन धाराओं में FIR दर्ज हुई
बस बॉडी बिल्डर मुबिन पुत्र यासिन और वाहन मालिक अभिमन्यु चौधरी पर आपराधिक साजिश, लोगों की जान और सुरक्षा को खतरे में डालना, धोखाधड़ी, जालसाजी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जालसाजी, जाली दस्तावेज का इस्तेमाल और फर्जी दस्तावेज को असली बताकर उपयोग करने जैसी धाराओं में FIR दर्ज हुई है।
नीमच डीटीओ की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच में यह भी देखा जाएगा कि बसें जयपुर में बन रही थीं तो नीमच में किन आधारों पर रजिस्ट्रेशन किया गया और क्या संबंधित अधिकारी ने वाहन का भौतिक निरीक्षण किया था या नहीं।
बस हादसों के बीच यह मामला और गंभीर
FAQ
- जयपुर में बस रजिस्ट्रेशन फर्जीवाड़ा मामला क्या है?
जयपुर के दिल्ली रोड पर एक बस बॉडी बिल्डर के यहां दो स्लीपर बसें बन रही थीं। बसें पूरी भी नहीं हुई थीं कि मध्यप्रदेश के नीमच में उनका रजिस्ट्रेशन करा लिया गया। भौतिक निरीक्षण और AIS सुरक्षा मानकों की जांच नहीं हुई। इस पर बॉडी बिल्डर और वाहन मालिक पर FIR दर्ज हुई है। - AIS-052 और AIS-153 मानक क्या होते हैं?
AIS यानी Automotive Industry Standard बस निर्माण के सुरक्षा मानक हैं। AIS-052 बस की संरचनात्मक मजबूती और AIS-153 स्लीपर बसों की यात्री सुरक्षा से जुड़े हैं। इनकी जांच के बिना बस को सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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