डालमिया सीमेंट का प्रोजेक्ट खतरे में, विरोध के बाद सीएम तक पहुंचा मामला, कलेक्टर से मांगी रिपोर्ट

राजस्थान में ​जैसलमेर के रामगढ़ में डालमिया सीमेंट को लाइमस्टोन खनन प्रोजेक्ट के लिए आवंटित जमीन पर अनिश्चिता के बादल छा गए हैं। ग्रामीणों के विरोध के बाद सरकार ने इस मामले में कलेक्टर से रिपोर्ट मांगी है।

author-image
Mukesh Sharma
New Update
dalmia

Photograph: (the sootr)

News In Short

  • डालमिया सीमेंट का जैसलमेर के रामगढ़ में लगना है लाइमस्टोन खनन प्रोजेक्ट।
  • गांव वालों ने प्रोजेक्ट के लिए आवंटित जमीन के विरोध में खोला मोर्चा।
  • विरोध के बाद मामला पहुंचा सीएम तक, कलेक्टर से मांगी स्टेट्स रिपोर्ट
  • डालमिया सीमेंट को प्रोजेक्ट के लिए आवंटित जमीन हो सकती है निरस्त
  • पश्चिमी राजस्थान में ओरण भूमि बचाओ के लिए चल रहा आंदोलन।

News In Detail

Jaipur: ​राजस्थान में जैसलमेर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में डालमिया सीमेंट की प्रस्तावित लाइमस्टोन खनन परियोजना खतरे में है। इस प्रोजेक्ट के खिलाफ स्थानीय लोगों का लंबे अरसे से विरोध चल रहा है। राज्य सरकार ने अब इस प्रोजेक्ट के लिए आवंटित भूमि के आवंटन को निरस्त करने और उसे अन्यत्र स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर विचार शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों के विरोध के बाद जागी सरकार

​हाल ही में उद्योग, वाणिज्य एवं सीएसआर विभाग ने जैसलमेर के जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को पत्र लिख कहा है कि वे इस मामले में कलेक्टर से समन्वय कर वस्तुस्थिति के बारे में मुख्यालय को अवगत कराएं।

दरअसल, ग्रामीणों के विरोध के बाद विधायक छोटूसिंह भाटी ने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को विशेष प्रतिवेदन सौंपा था। इसमें विधायक ने डालमिया सीमेंट को रामगढ़ में आवंटित भूमि को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने और परियोजना को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की थी। ​विधायक के इस पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने उद्योग विभाग को एक्शन के निर्देश दिए। 

​स्थानीय विरोध और विधायक की सक्रियता

​जैसलमेर का रामगढ़ क्षेत्र सामरिक और पर्यावरण दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस खनन प्रोजेक्ट के लिए आवंटित भूमि को लेकर ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में लंबे समय से असंतोष था। विधायक छोटूसिंह भाटी ने स्थानीय जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया। ​विधायक का तर्क है कि इस प्रोजेक्ट से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और आबादी क्षेत्र को काफी नुकसान होगा। 

​कलेक्टर से मांगी गई रिपोर्ट

​सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब गेंद जैसलमेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी के पाले में है। सूत्रों का कहना है कि सरकार का विचार है कि इस प्रोजेक्ट के लिए जैसलमेर में किसी अन्य जगह जमीन दे दी जाए, क्योंकि रामगढ़ में ही इस प्रोजेक्ट को रखने पर फिर विरोध खड़ा हो सकता है। इस मामले को शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी उठा चुके हैं। इन दिनों पश्चिमी राजस्थान में ओरण भूमि को बचाने के लिए आंदोलन भी जारी है। यह प्रोजेक्ट ओरण भूमि के लिए खतरनाक है।  

​बड़े निवेश पर अनिश्चितता के बादल

​डालमिया सीमेंट का यह लाइमस्टोन खनन प्रोजेक्ट जैसलमेर के औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रहा था। हालांकि, अब सरकार के इस कड़े रुख और विधायक के विरोध के बाद निवेश के इस बड़े प्रोजेक्ट पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर जिला कलेक्टर की रिपोर्ट में प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं, तो कंपनी को आवंटित जमीन का पट्टा रद्द हो सकता है।

​मुख्य बिंदु एक नजर में

​प्रोजेक्ट: डालमिया सीमेंट चूना पत्थर खनन परियोजना।

स्थान: ग्राम रामगढ़, जिला जैसलमेर।

​विरोध का नेतृत्व: विधायक छोटूसिंह भाटी (पूनमनगर)।

​हस्तक्षेप: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर उद्योग विभाग की कार्यवाही।

​वर्तमान स्थिति: जिला कलेक्टर, जैसलमेर से रिपोर्ट तलब।

ये भी पढे़:-

चांद पर पहुंच रहा भारत, लेकिन मरुधरा में नहीं बदली दलित दूल्हों की नियति

Weather Update: एमपी, सीजी और राजस्थान में सुबह-शाम ठंडक, दोपहर में बढ़ रही गर्मी

भाजपा विधायक कालीचरण सर्राफ बोले, महंगी बिजली के कारण राजस्थान में नहीं हो रहा निवेश

आमजन हम से उम्मीद करता है, राजस्थान का क्षेत्रफल 126 देशों से बड़ा-जस्टिस भाटी

कलेक्टर टीना डाबी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जैसलमेर प्रोजेक्ट डालमिया सीमेंट
Advertisment