जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026: पोलैंड के उप प्रधानमंत्री बोले, रूस और चीन के बढ़ते संबंध चिंताजनक

राजस्थान में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए पुतिन के 'स्पेशल ऑपरेशन' को रूस के लिए घातक बताया।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

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News In Short

  1. पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की।

  2. सिकोरस्की ने पुतिन के 'स्पेशल ऑपरेशन' को रूस के लिए घातक बताया, जो लंबा और विनाशकारी युद्ध बन गया।

  3. उन्होंने यूक्रेनी लोगों से अपनी आज़ादी और संस्कृति की रक्षा करने की अपील की।

  4. सिकोरस्की ने रूस और चीन के बढ़ते संबंधों पर चिंता जताई, जो रूस के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।

  5. उन्होंने यूरोप की सुरक्षा पर जोर दिया और यूरोपीय देशों को आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी।

News In Detail

राजस्थान में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि पुतिन ने यूक्रेन पर हमला तीन दिन के 'स्पेशल ऑपरेशन' के रूप में शुरू किया था, लेकिन यह युद्ध लंबा और विनाशकारी बन गया है। सिकोरस्की ने यूक्रेनी लोगों से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और आज़ादी की रक्षा के लिए डटे रहें। उन्होंने रूस और चीन के बढ़ते संबंधों पर चिंता जताई और यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नाटो और यूरोप की रक्षा पर भी विचार किए।

रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप की सुरक्षा पर विचार

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 के तीसरे दिन पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और पूर्व विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप की सुरक्षा पर अपने विचार साझा किए। सिकोरस्की ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमले को महज तीन दिन के 'स्पेशल ऑपरेशन' के रूप में सोचा था, लेकिन यह युद्ध अब लंबा और विनाशकारी बन गया है। इसका खामियाजा रूस को भुगतना पड़ रहा है, जहां अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं और हजारों सैनिकों की जान जा चुकी है।

पुतिन की रणनीति पर सवाल

सिकोरस्की ने पुतिन पर अहंकार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि ना केवल रूस की आंतरिक स्थिति प्रभावित हो रही है, बल्कि अन्य देशों की जियोपॉलिटिक्स भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस और चीन के बीच बढ़ती नजदीकी पर चिंता जताते हुए कहा कि यह आर्थिक रूप से रूस के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

यूक्रेनी लोगों से अपील

सिकोरस्की ने यूक्रेन के लोगों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युद्ध ने भारी नुकसान पहुंचाया है। हजारों लोग मारे गए हैं। शहर तबाह हो गए हैं। लोग माइनस 20 डिग्री की ठंड में बिजली और बुनियादी सुविधाओं के बिना जीने को मजबूर हैं। उन्होंने यूक्रेनी लोगों से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और आजादी की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखें और हिम्मत न हारें।

यूरोप की सुरक्षा और नाटो की भूमिका

सिकोरस्की ने यूरोप की सुरक्षा पर जोर दिया और कहा कि यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है। पोलैंड ने पहले ही रक्षा बजट बढ़ाया है और यूक्रेन को सैन्य मदद दी है, जिसमें पोलैंड द्वारा यूक्रेन को लड़ाकू विमान देने का भी उल्लेख किया गया।

अमेरिका-यूरोप संबंध और भविष्य की राजनीति

सिकोरस्की ने अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में उतार-चढ़ाव पर चर्चा करते हुए कहा कि यूरोप को अब अपनी सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि 1994 में यूक्रेन ने दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा परमाणु हथियार भंडार छोड़ दिया था, और बदले में उसे सुरक्षा की गारंटी मिली थी, लेकिन अब उसकी सीमाओं का उल्लंघन हो रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय भरोसे पर सवाल उठते हैं।

वैश्विक राजनीति और भविष्य के संकट

इस सत्र में यूरोपीय यूनियन की साझा रक्षा नीति, साइबर हमले, ड्रोन युद्ध, हाइब्रिड वॉर, और चीन की भूमिका जैसे विषयों पर भी गहन चर्चा की गई। यह सत्र वैश्विक संकटों पर एक महत्वपूर्ण बहस का हिस्सा था, जो 15 से 19 जनवरी तक जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जारी रहेगा।

मुख्य बिंदू :

  • जेएलएफ 2026 में राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा कि पुतिन ने यूक्रेन पर हमले को तीन दिन का 'स्पेशल ऑपरेशन' समझा था, लेकिन यह युद्ध लंबा और विनाशकारी बन गया।
  • सिकोरस्की ने यूक्रेनी लोगों से अपील की कि वे अपनी संस्कृति और आजादी की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखें और हिम्मत न हारें।
  • सिकोरस्की ने कहा कि यूरोपीय देशों को अपनी रक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए और आत्मनिर्भर बनना चाहिए, ताकि भविष्य में वे अपनी सुरक्षा की गारंटी खुद दे सकें।

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