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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान में जोधपुर के उस पटवारी को किया सस्पेंड, जिसका वीडियो हुआ वायरल
- वायरल वीडियो में पटवारी कुर्सी छोड़ खाट पर लेटे दिखे, फरियादियों से वसूल रहे थे पैसे
- वायरल वीडियो के बाद बालेसर एसडीएम ने पटवारी को थमाया था कारण बताओ नोटिस
- जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर एसडीएम ने कर दिया निलंबित
- इस मामले में सोशल मीडिया की ताकत दिखी, लोगों ने निलंबन आदेश को सराहा
News In Detail
Jodhpur: राजस्थान में जोधपुर के उस पटवारी को सस्पेंड कर दिया, जिसका खाट पर लेटे हुए फरियादियों से पैसे वसूलने का शाही अंदाज वाला वीडियो वायरल हुआ था। बालेसर के एसडीएम भवानी सिंह ने चामू तहसील के प्रहलादपुरा पटवार मंडल के पटवारी दिनेश जाणी को भ्रष्टाचार करने और फरियादियों से अमानवीय व्यवहार करने का जिम्मेदार माना है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग जैसा इतना फैला कि इससे न केवल प्रशासन की छवि धूमिल हुई, बल्कि व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए।
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​पटवारी दिनेश जाणी का क्या था पूरा मामला
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में पटवारी दिनेश जाणी एक खाट (चारपाई) पर बड़े ही 'शाही अंदाज' में लेटे हुए नजर आ रहे थे। हैरानी की बात यह थी कि पटवारी जी खाट पर आराम फरमा रहे थे और फरियादी जमीन पर नीचे बैठे हुए थे। ​वीडियो में स्पष्ट दिख रहा था कि पटवारी अपने पद की गरिमा को ताक पर रखकर काम के बदले पैसों की मांग कर रहा था। फरियादियों के साथ किया गया यह अपमानजनक व्यवहार और खुलेआम रिश्वतखोरी की चर्चा जब पूरे क्षेत्र में फैल गई, तो प्रशासन ने इसका कड़ा संज्ञान लिया।
​संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए पटवारी
​जैसे ही वीडियो जिला प्रशासन के अधिकारियों के पास पहुंचा, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। हालांकि, पटवारी की ओर से प्रस्तुत स्पष्टीकरण प्रशासन को संतोषजनक नहीं लगा। वीडियो के साक्ष्यों और आचरण की गंभीरता को देखते हुए उपखण्ड अधिकारी ने राजस्थान असैनिक सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1958 के नियम 13 के तहत उन्हें सस्पेंड करने का निर्णय लिया।
​निलंबन आदेश की मुख्य बातें
​तत्काल प्रभाव से निलंबन: पटवारी दिनेश जाणी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।
​मुख्यालय परिवर्तन: निलंबन काल में उनका मुख्यालय पटवार मंडल प्रहलादपुरा से बदलकर तहसील कार्यालय बालेसर कर दिया है।
​रिपोर्ट तलब: तहसीलदार चामू को आदेश दिए गए हैं कि वे पटवारी को कार्यमुक्त कर उसकी रिपोर्ट कार्यालय में भिजवाएं
दिखी सोशल मीडिया की ताकत
​यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल युग में अब सरकारी कर्मचारी बंद कमरों में भी मनमानी नहीं कर सकते। एक सजग नागरिक द्वारा बनाया गया वीडियो एक भ्रष्ट तंत्र पर भारी पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि पटवारी का व्यवहार अक्सर ऐसा ही रहता था, लेकिन अब जाकर उन पर गाज गिरी है।
​अब आगे क्या?
​निलंबन तो सिर्फ शुरुआत है। अब इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। अगर भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं, तो दिनेश जाणी पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी शिकंजा भी कस सकता है। बालेसर एसडीएम ने इस आदेश की प्रति जोधपुर के जिला कलेक्टर जोधपुर और संबंधित तहसीलदारों को भेज दी है।
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