प्रेम बाईसा की मौत: एफएसएल रिपोर्ट ने खत्म किया जहर का सस्पेंस, सामने आई यह गंभीर बीमारी

राजस्थान के चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले में एफएसएल की रिपोर्ट सामने आ गई हैं। रिपोर्ट में जहर या अप्राकृतिक कारणों से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन वह अस्थमा की बीमारी से ग्रसित मिली।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short

  • जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर एफएसएल रिपोर्ट आई।
  • रिपोर्ट में जहर या अप्राकृतिक कारणों से मौत की पुष्टि नहीं हुई।
  • एसआईटी जांच में साध्वी को अस्थमा होने का खुलासा हुआ।
  • साध्वी की मौत के बाद प्रेक्षा हॉस्पिटल में पूछताछ की गई।
  • एफएसएल जांच 11 दिन में पूरी हुई, अब पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। 

News In Detail

राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार साध्वी की मौत जहर देने या किसी अप्राकृतिक कारणों से नहीं हुई है। उनके साथ किसी तरह की गलत घटना के सबूत भी नहीं मिले हैं।।

एफएसएल रिपोर्ट

एफएसएल रिपोर्ट गुरुवार (12 फरवरी) रात जोधपुर पुलिस कमिश्नर को प्राप्त हुई। इसके बाद डीसीपी वेस्ट विनीत कुमार बंसल के जरिए इसे मेडिकल बोर्ड को भेजा गया। अब मेडिकल बोर्ड के डॉक्टर इसके आधार पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का विश्लेषण करेंगे और मौत के कारणों का पता लगाएंगे।

अस्थमा होने का खुलासा

एफएसएल रिपोर्ट में पाया गया कि साध्वी को अस्थमा की बीमारी थी। साध्वी की मौत के बाद प्रेक्षा हॉस्पिटल में पूछताछ की गई थी।  जहां डॉक्टरों ने बताया कि साध्वी कुछ महीने पहले खांसी और जुकाम की दवा लेने आई थीं।

मौत का घटनाक्रम 

28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें जुकाम और सांस लेने में परेशानी हुई। इलाज के लिए कंपाउंडर देवीलाल सिंह को बुलाया गया। जिन्होंने दो इंजेक्शन दिए। इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ी, और परिजन उन्हें प्रेक्षा हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद 29 जनवरी को शव का पोस्टमॉर्टम किया गया और 30 जनवरी को उनके पैतृक गांव परेऊ में समाधि दी गई।

एफएसएल जांच में 11 दिन का वक्त लगा

एफएसएल रिपोर्ट 11 दिन में पूरी हुई। इसके बाद रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई। अब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है, और SIT टीम मामले की सभी कोणों से जांच कर रही है।

एफएसएल रिपोर्ट क्या होती है

एफएसएल रिपोर्ट एक फोरेंसिक रिपोर्ट होती है। जो किसी भी अपराध या संदिग्ध मामले की जांच के दौरान विज्ञान और तकनीकी तथ्यों का विश्लेषण करने के लिए तैयार की जाती है। FSL का मतलब है फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला होता है। जो अपराध या संदिग्ध घटनाओं की जांच के लिए विभिन्न प्रकार की वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करती है। इस रिपोर्ट में अपराध स्थल से प्राप्त सामग्री, जैसे खून, बाल, DNA, फिंगरप्रिंट, जहर, गोलियां, आदि की जांच की जाती है।

एफएसएल रिपोर्ट अपराध के कारणों और घटनाओं की सटीकता का निर्धारण करने में मदद करती है। यह रिपोर्ट पुलिस और न्यायालय को प्रमाणिकता प्रदान करती है और मामले को सुलझाने में मदद करती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी की मौत संदिग्ध परिस्थिति में हुई हो, तो एफएसएल रिपोर्ट यह पुष्टि कर सकती है कि यह जहर से हुई थी या किसी अन्य कारण से। 

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